भारत को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाकर नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास

121 सालों में भारत में पहली बार 7 पदक अपने नाम कर जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित खेलों की ओलंपिक महाकुंभ में इतिहास रच दिया एथलेटिक्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार नीरज चोपड़ा ने गर्व का अनुभव कराया है

नीरज चोपड़ा ने फाइनल में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए जैवलिन थ्रो को हराकर 87.58 m का थ्रो करके रिकॉर्ड कायम किया और भारत को प्रथम बार टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल दिलाया इससे पहले भारत को आखिरी गोल्ड मेडल 2012 मैं लंदन में अभिनव बिंद्रा द्वारा शूटिंग में हासिल हुआ था

जीत हासिल करने के बाद नीरज चोपड़ा कहते हैं कि जिस समय वह खेल के फील्ड में होते है उनका पूरा फोकस थ्रो पर होता है उनके दिमाग में इधर उधर की बातें नहीं आती है
इसलिए वह इतनी अच्छी से अपना थ्रो कर पाते हैं

नीरज का जन्म हरियाणा के पानीपत में हुआ और वह एक किसान परिवार से हैं 11 वर्ष की उम्र में 80 किलो के वजन के कारण सब उन्हें चिढ़ाते थे मात्र 6 महीने में उन्होंने खुद को फिट किया

5 फीट 11 इंच लंबे और 86 किलोग्राम वजनी नीरज चोपड़ा 2018 में अर्जुन अवार्ड भी अपने नाम कर चुके हैं

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