मेल ट्रेन और एक्सप्रेस ट्रेन में क्या अंतर है? Difference Between Mail and Express Train?

मेल ट्रेन और एक्सप्रेस ट्रेन में क्या अंतर होता है यह एक ऐसा प्रश्न है जो आज से कुछ समय पहले लगभग हर व्यक्ति के मन में रहता था। जब अपना देश स्वतंत्र नहीं था तब हर रूट पर एक मेल ट्रेन चलती थी जिसका साधारण सा अर्थ था डाक सेवा । 

Difference Between Mail And Express Train

1970 के दशक तक भारत में हर रूट पर अधिकतम 12 मेल 12 एक्सप्रेस ट्रेनें और एक जनता एक्सप्रेस चलती थी जिनमें मात्र स्लीपर और द्वितीय श्रेणी के डिब्बे हुआ करते थे और एक या दो पैसेंजर ट्रेनें भी चलती थी।

आजकल बहुत सी ट्रेनों को सुपरफास्ट दिन माना जाता है परंतु उस समय मेल ट्रेन को सबसे उच्च श्रेणी की फास्ट ट्रेन माना जाता था।

धीरे-धीरे भारत की अर्थव्यवस्था बड़ी होती चली गई और लोगों का आवागमन भी बड़ा इसके बाद 1969 में हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस चलाई जाने लगी। लोगों की जरूरत के अनुसार सुपर फास्ट ट्रेन भी चलना शुरू हुई। सुपरफास्ट ट्रेनों की शुरुआत तमिलनाडु एक्सप्रेस आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस एवं केरला कर्नाटका एक्सप्रेस से सन 1976 से हुई।

सुपरफास्ट ट्रेनों के चलने के बाद मेल ट्रेनों का महत्व धीरे-धीरे कम होता गया परंतु उनके साथ जुड़ा हुआ नाम मेल एक्सप्रेस कम नहीं हुआ लोगों के मन में और भारतीय रेलवे में मिया नाम आज भी व्याप्त हैं और आगे भी व्याप्त रहेगा

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