सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र (Alternative Centres of Power) Political Science chapter-4

 सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र 

Class 12 | Chapter 4

हिंदी नोट्स

 याद रखने योग्य बातें 

  1.  दो ध्रुवीय व्यवस्था के टूटने के बाद उभरने वाले सत्ता के दो वैकल्पिक केन्द्र : (i) यूरोपीय संघ, (ii) आसियान अर्थात् दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन।
  2.  वह देश जिसके आर्थिक उभार ने विश्व राजनीति पर नाटकीय प्रभाव डाला है : चीन।
  3.  यूरोपीय आर्थिक संगठन की स्थापना का वर्ष : 1948।
  4.  यूरोपीय राजनैतिक सहयोग परिषद् का गठन वर्ष : 1949। 
  5. यूरोपीय आर्थिक समुदाय का गठन वर्ष : 1957।
  6. यूरोपीय संघ की स्थापना : 1992। 
  7. पश्चिमी यूरोप के छह देशों – फ्रांस, पश्चिमी जर्मनी, इटली, बेल्जियम, हॉलैंड और लक्जमबर्ग ने पेरिस संधि पर दस्तखत करके यूरोपीय कोयला और इस्पात समुदाय का गठन किया : अप्रैल 1951 में।  
  8.  इन्हीं छह देशों ने रोम की संधि के माध्यम से यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) और यूरोपीय एटमी ऊर्जा समुदाय का गठन किया : मार्च 1957 में।
  9. डेनमार्क, आयरलैंड और ब्रिटेन ने भी यूरोपीय आर्थिक समुदाय की सदस्यता ली : जनवरी 1973 में। 
  10.  यूरोपीय संसद के लिए पहला प्रत्यक्ष चुनाव : जून 1979।
  11.  यूनान ने यूरोपीय आर्थिक समुदाय की सदस्यता ली : जनवरी 1981। 
  12. शांगेन संधि ने यूरोपीय आर्थिक समुदाय के देशों के बीच सीमा नियंत्रण समाप्त किया : जून 19851 
  13. स्पेन और पुर्तगाल भी यूरोपीय आर्थिक समुदाय में शामिल हुए : जनवरी 19861
  14.  जर्मनी का एकीकरण : अक्टूबर 19901 
  15. यूरोपीय संघ के गठन के लिए मास्ट्रिस्ट संधि पर दस्तखत : फरवरी 19921
  16. यूरोपीय एकीकृत बाजार का गठन : जनवरी 19931 
  17.  नई मुद्रा ‘यूरो’ को 12 सदस्य देशों ने अपनाया : जनवरी 2002। 
  18.  साइप्रस, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, हंगरी, लात्विया, लिथुआनिया, माल्टा, पोलैंड, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया भी यूरोपीय संघ में शामिल : मई 20041 
  19.  बुल्गारिया और रोमानिया यूरोपीय संघ में शामिल। स्लोवेनिया ने यूरो को अपनाया : जनवरी 20071
     
  20.  यूरोपीय संघ के दो सदस्य जो यू. एन. सुरक्षा परिषद् में स्थायी सदस्य हैं : ब्रिटेन और फ्रांस। 
  21.  मार्गरेट थैचर : ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री जिसने ब्रिटेन को यूरोपीय बाजार से अलग रखा।
  22.  आसियान : यह दक्षिणी-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन है। 
  23.  ‘बैंकाक घोषणा’ पर पाँच देशों द्वारा हस्ताक्षर और आसियान की स्थापना : 19671 
  24. आसियान के प्रारंभिक पाँच सदस्य देश : इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपींस,सिंगापुर 
  25.  ‘पूरब की ओर चलो’ : भारत ने सम् 1991 से ‘पूरव की ओर चलो’ की नीति अपनाई। इससे पूर्वी एशिया के देशों (आसिक चीन, जापान और दक्षिणी कोरिया) से उसके आर्थिक संबंधों में बढ़ोतरी हुई है।
  26. 1978 की चीन के लिए महत्ता : 1978 के बाद से जारी चीन की आर्थिक सफलता को एक महाशक्ति के रूप में इसक उभरने के साथ जोड़कर देखा जाता है।
  27.  संभवत: चीन दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति कब बन जाएगा : 2040। 
  28. चीन में साम्यवादी क्रांति हुई : माओ के नेतृत्व में, 19491
  29.  चीन ने अपना राजनीतिक और आर्थिक एकांतवाद तोड़कर अमरीका से संबंध बनाए : 19721 
  30.  प्रधानमंत्री चाऊ एनलाई ने 1973 में महत्त्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए : कृषि, उद्योग सेना, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को अपनाया।
  31.  चीन में खुले द्वार की घोषणा की : देंग श्याओ पेंग ने, 1978 में
  32.  चीन में खेती का निजीकरण 9821 
  33.  चीन में उद्योगों का निजीकरण 19981
  34.  एस.ई.जेड, का पूरा रूप : स्पेशल इकॉनामिक जोन (विशेष आर्थिक क्षेत्र) ।
  35.  चीन विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बना : 2001। 
  36.  चीन में बेरोजगार लोगों की संख्या लगभग दस करोड़।
  37.  साम्यवादी चीन द्वारा तिब्बत को हड़पने का प्रयास: 19501 
  38.  भारत-चीन युद्ध : 19621
  39.  भारत-चीन युद्ध के बाद, दोनों देशों में कूटनीतिक संबंधों की स्थापना : 19761
  40. . फारमोसा (या ताइवान) : यह सन् 1949 में साम्यवादी चीन से अलग एक राष्ट्रवादी चीन के रूप में नये स्वतंत्र राष्ट्र रूप में अस्तित्व में आया। आजकल फारमोसा को ताइवान ही कहा जाता है। आशा की जाती है कि दोनों देशों में पारस्परिक मतभेद खत्म हो जाएँ तथा ताइवान भी चीन की अर्थव्यवस्था से जुड़ जाए।
  41. चीनी राजवंशों के लंबे इतिहास में उसकी अधीनता मानने वाले राष्ट्र : 1. मंगोलिया, 2. कोरिया, 3. हिंद-चीन के कुछ क्षेत्र तथा 4. तिब्बत।

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