समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in Contemporary World) Political Science chapter-7

समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in Contemporary World)

Class 12 | Chapter 7

हिंदी नोट्स

याद रखने योग्य बातें 

  1. समकालीन विश्व : सामान्यतः द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की दुनिया समकालीन विश्व कहा जाता है।
  2.  सुरक्षा : खतरे से आजादी को सुरक्षा कहते हैं। 
  3.  विश्व में कुल देशों की संख्या : लगभग 200 ।
  4.  विश्व की कुल आबादी : लगभग सात अरब लोग।
  5. पारंपरिक सुरक्षा की अवधारणा के अनुसार राष्ट्र के लिए सर्वाधिक खतरनाक : सैन्य आक्रमण। 
  6. एक राष्ट्र के केन्द्रीय मूल्य : प्रभुसत्ता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखना। 
  7. सरकार के समक्ष युद्ध स्थिति के तीन विकल्प : 1. आत्मसमर्पण करना, 2. दूसरे पक्ष की बात बिना युद्ध किए मान लेना, 3. युद्ध से होने वाली हानि को बढ़ाने के संकेत देना कि शत्रु पक्ष डरकर आक्रमण करने से बाज आ जाए। 
  8.  शक्ति संतुलन : आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए युद्ध की स्थिति आने पर अपने संभावित शत्रु से टक्कर लेने के लिए पहले ही अन्य राष्ट्रों का सहयोग प्राप्त करके उसे अपने पक्ष में बनाए रखना शक्ति संतुलन कहलाता है ताकि शत्रु को ईंट का जवाब पत्थर से दिया जा सके।
  9.  गठबंधन : यह प्रारंभिक सुरक्षा नीति का एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। गठबंधन में अनेक देश शामिल होते हैं और वह सैन्य आक्रमण को रोकने या उससे रक्षा करने के लिए उचित कदम है।
  10. पारंपरिक धारणा के अनुसार आंतरिक सुरक्षा : देश के अंदर कानून और व्यवस्था बनाए रखना, ताकि लोगों की जान-माल और सम्मान की रक्षा की जा सके। 
  11.  फ्रांस को अपने पूर्व उपनिवेश वियतनाम से युद्ध लड़ना पड़ा : 1950 के दशक में।
  12.  ब्रिटेन को अपने पूर्व उपनिवेश केन्या के साथ युद्ध में जूझना पड़ा : 1950-1960 के दशकों में।
  13. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उपनिवेशिक साम्राज्य का विघटन होना शुरू हुआ : लगभग 1945 से लेकर 1990 तक।
  14. एशिया और अफ्रीका के नौ स्वतंत्र देशों के समक्ष दो तरह की सुरक्षा की चुनौतियाँ : 1. अपने पड़ोसी देशों से सैन्य आक्रमण की आशंका, 2. अंदरूनी सैन्य संघर्ष।
  15.  एशिया तथा अफ्रीका के देशों में प्रायः संघर्ष के कारण बने : 1. सीमा विवाद, 2. भू-क्षेत्र को छुड़वाना या हडप लेना, 3. आबादी पर नियंत्रण के मामले, 4. राष्ट्र के अंदर उठने वाले अलगाववादी आंदोलनों को प्रोत्साहन देना। 
  16.  न्याय-युद्ध : सीमित हिंसा का प्रयोग अथवा आत्मरक्षा के लिए ही युद्ध करना या दूसरों को जनसंहार से बचाने के लिए युद्ध करना। 
  17.  निरस्त्रीकरण : हथियारों के निर्माण या उनको हासिल करने पर अंकुश लगाना। 
  18. अस्त्र नियन्त्रण : कुछ विशेष हथियारों के प्रयोग से परहेज करना।
  19. सी.बी.एम. (CBMS) का पूर्ण रूप : कॉन्फीडेंस बिल्डिंग मेकर्स अर्थात् विश्वास बहाली के उपाय। 
  20.  बी.डब्ल्यू.सी. (B.W.C.) : बायोलॉजिकल वेपन्स कन्वेन्शन। (यह कन्वेशन 1972 में जैविक हथियारों के प्रयोग को रोकरे लिए संधि के रूप में सामने आया।) इनके प्रयोग पर पाबंदी लगा दी गई।
  21.  सी.डब्ल्यू. सी. (C.W.C.) केमिकल वेपन्स कन्वेंशन (रसायन हथियार सम्मेलन) – यह सम्मेलन 1992 में हुआ। इनके प्रसा पर पाबंदी लगा दी गई।
  22. जैविक हथियार संधि पर हस्ताक्षर करने वाले राष्ट्रों की संख्या : लगभग 100 से ज्यादा। 
  23. रासायनिक हथियारों पर हस्ताक्षर करने वाले राष्ट्रों की संख्या : लगभग 86 । 
  24. ए.बी.एम. (A.B.M.) एन्टी बेलेस्टिक मिसाइल संधि यह 1972 में हुई। इसने विश्व की तत्कालीन दो महाशक्तियों अमेसि और सोवियत संघ को बेलेस्टिक मिसाइलों को रक्षा कवच के रूप में प्रयोग करने से रोका। 
  25. कुछ प्रसिद्ध अस्त्र नियंत्रण संधियाँ : (i) परमाणु अप्रसार संधि, (ii) सामरिक अस्त्र परिसीमन वार्ता-1 , (iii) सामरिक परिसीमन वार्ता-2, (iv) सामरिक अस्त्र न्यूनीकरण संधि-1, (v) सामरिक अस्त्र न्यूनीकरण संधि-2 
  26.  सुरक्षा की  दृष्टि से परमाणु शक्तियों के लिए महत्त्वपूर्ण वर्ष : 1967, जिन्होंने इस वर्ष तक परमाणु हथियार बना लिए थे। उनका सफल परीक्षण कर लिया था। उन्हें यह हथियार रखने की अनुमति दे दी गई। 
  27.  सुरक्षा की अपारंपरिक धारणा : यह धारणा केवल सैन्य खतरों से संबंधित नहीं है। इसमें मानवीय अस्तित्व पर व्यापक चोर करने वाले खतरों और आशंकाओं को भी शामिल किया जाता है।
  28.  अपारंपरिक सुरक्षा की धारणा के तीन तत्त्व : (i) किन चीजों की सुरक्षा की जानी है, (ii) किन खतरों से सुरक्षा की जान है, (iii) सुरक्षा के तरीके क्या होंगे? 
  29. नई व्यवस्था के अनुसार सुरक्षा की आवश्यकता महसूस करने वाले बिंदु या तत्त्व : 1. राज्य, 2. व्यक्ति और समुदाय 3. समूची मानवता।
  30. मानव की रक्षा का व्यापकतम दृष्टिकोण : (i) अभाव से मानव की मुक्ति, (if) सभी मानव प्राणियों को भय से महि 
  31.  ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) : वैश्विक ताप में वृद्धि। 
  32. तीन प्रबल अंतर्राष्ट्रीय समस्याएँ : 1. अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, 2. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्याप्त भयंकर महामारियाँ, 3. शाणा समस्या।
  33.  दो अत्यधिक भयंकर बीमारियाँ : 1. एड्स. 2. बर्ड फ्लू। 
  34.  2003 तक संपूर्ण विश्व में एच.आई.वी. एड्स से प्रभावित रोगियों की संख्या : अनुमानत: चार करोड़।
  35. एड्स से सर्वाधिक प्रभावित महाद्वीप : अफ्रीका।
  36.  एड्स से प्रभावित दूसरा महत्त्वपूर्ण क्षेत्र : दक्षिण एशिया। 
  37. 1990 के दशक में ब्रिटेन में भड़की महामारी : मैड-काऊ (पागल गाय)।
  38. भारतीय सुरक्षा की रणनीति के चार घटक : (1) सैन्य क्षमता मजबूत करना, (ii) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और करना, (iii) आंतरिक सुरक्षा समस्याओं से निपटने की तैयारी करना, (iv) देश के बहुसंख्यक नागरिको और आर्थिक असमानता से छुटकारा दिलाना।

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