Chapter 6 History Class 11 तीन वर्ग

परीक्षोपयोगी कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. आर्थिक संदर्भ में सामन्तवाद क्या है ?
उत्तर : आर्थिक संदर्भ में सामन्तवाद एक तरह के कृषि उत्पादन को प्रकट करता है जो सामंत और कृषकों के संबंधा पर आधारित है। कृषक अपने खेतों के साथ-साथ सामन्त के खेतो पर कार्य करते थे।

प्रश्न 2. वाइकिंग लोग कौन थे?
उत्तर : वाइकिंग स्कैंडीनेविया अर्थात् नार्वे, स्वीडन, डेनमार्क तथा आइसलैंड के वे लोग थे जो 8वीं ।।वीं शताब्दी के बीच उत्तर-पश्चिमी यूरोप पर आक्रमण करने के बाद वहीं बस गए। इनमें से अधिकांश लोग समुद्री लुटेरे तथा व्यापारी थे।

प्रश्न 3. ईसाई तीर्थयात्रा कहाँ करते हैं?
उत्तर : (i) तीर्थयात्रा ईसाइयों के जीवन का महत्त्वपूर्ण भाग था। बहुत से लोग तीर्थयात्रा के लिए शहीदों की समाधि पर जाते हैं।
(ii) अनेक लोग गिरजाघरों की लंबी यात्राओं पर जाते हैं।

प्रश्न 4 यूरोप में सामन्तवाद की उत्पत्ति कब हुई?
उत्तर : सामन्तवाद की जड़ें रोम साम्राज्य में विद्यमान प्रथाओं और फ्रांस के राजा चार्लमेग्ने (742-814) के काल में पाई गई यद्यपि ऐसा कहा जाता है कि जीवन के सुनिश्चित तरीके के रूप में सामन्तवाद की उत्पत्ति यूरोप के अनेक भागों में ग्यारहवीं सर्द के उत्तरार्द्ध में हुई।

प्रश्न 5. सामंत प्रथा के गुण लिखें।
उत्तर : 1. सामंती-व्यवस्था के कारण यूरोपीय समाज में शांति और सुरक्षा का समावेश हुआ।
2. सामाजिक और आर्थिक जन-जीवन बिना किसी बाधा के चलता रहा।
3. शक्तियों का विकेंद्रीकरण हुआ। इनका विभाजन राजा और सामतों के बीच हुआ। इसी राजनीति के कारण ही इंग्लैंड में संसद की स्थापना हुई।

प्रश्न 6. यूरोप में चौदहवीं शताब्दी के संकट में मुद्रा क्या परिवर्तन किया गया?
उत्तर : (i) आस्ट्रिया और सर्बिया की चाँदी की खानों के उत्पादन में कमी के कारण धातु-मुद्रा में भारी कमी आई जिससे व्यापार प्रभावित हुआ।
(ii) इसके कारण सरकार को मुद्रा में चाँदी की शुद्धता को घटाना पड़ा और उसे सस्ते धातुओं के साथ मिश्रित करना पड़ा।

प्रश्न 7. मेनर (Manor) से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर : लॉर्ड का घर मेनर कहलाता था। उनकी व्यक्तिगत भूमि कृषकों द्वारा जोती जाती थी जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर युद्ध के समय पैदल सैनिकों के रूप में कार्य करना पड़ता था। मेनर आत्मनिर्भर नहीं हो सकते थे। उन्हें नमक, चक्की का पाट और धातु बाहर के स्रोतों से प्राप्त होते थे।

प्रश्न 8. मध्यकालीन यूरोप में मठों के जीवन की दो विशेषताएँ बताओ।
उत्तर : 1. मठों का जीवन पूरी तरह व्यवस्थित था। इनमें रहने वाले भिक्षुओं तथा भिक्षुणियों को कठोर अनुशासन में रहना पड़ता था।
2.भिक्षुओं तथा भिक्षुणियों को संपत्ति रखने तथा विवाह करने की अनुमति नहीं थी।

प्रश्न 9. यूरोप में प्लेग का संक्रमण (Black death) हुआ और इसका क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर : (i) 12-13वीं शताब्दी में जैसे-जैसे व्यापार का विस्तार हुआ तो दूर देशों से व्यापार करने वाले जहाज यूरोपीय तटों पर आने लगे। पोतों के साथ-साथ चूहे-जो अपने साथ महामारी ब्यूबोनिक प्लेग का संक्रमण लाए।
(ii) 1347, 1350 के मध्य यूरोप महामारी से प्रभावित हुआ। आधुनिक आकलन के आधार पर यूरोप की आबादी का लगभग 20% भाग मृत्यु के गाल में समा गया। कुछ स्थानों पर मरने वाले की संख्या वहाँ की जनसंख्या का 40% थी।

प्रश्न 10. सामन्तवादी प्रणाली से क्या तात्पर्य है ? मध्यकाल में संसार के किस-किस भाग में यह सामाजिक व्यवस्था थी ?
उत्तर : सामन्तवाद प्रणाली के अनुसार देश की भूमि और प्रशासनिक व्यवस्था सीधे राजा के हाथों में न होकर बड़े-बड़े जमींदारों के हाथों में होती थी, जिन्हें सामन्त कहा जाता था। भूमि पर खेती तो किसान करते थे, लेकिन उन्हें उत्पादन का एक भाग करों या लगान के रूप में सामन्तों को देना पड़ता था। सामन्त कई प्रकार के होते थे। जैसे ड्यूक या अर्ल (Duke or Earl) , बैरन (Baron) और नाइट्स (knights) सामन्तवाद का क्षेत्र मुख्यतः पश्चिमी यूरोप के देशों में था।

प्रश्न 11. मध्यकालीन यूरोप में मुख्य सामाजिक वर्ग कौन-कौन से थे ?
उत्तर : मध्यकाल में यूरोप का समाज दो मुख्य वर्गों में बैटा हुआ था :
1.सामन्त वर्ग (Fendal Class) : इस वर्ग में तीन प्रकार के सामन्त थे : (i) ड्यूक या अर्ल, (ii) बैरन, (iii) नाइट्स ।
2. किसान वर्ग (Farmer Class) : इस वर्ग के तीन प्रकार के किसान होते थे : (i) स्वतन्त्र किसान, (ii) कृषि दास, (iii) दास कृषक या सर्फ।

प्रश्न 12. फ्रांस के कथील नगर क्या थे?
उत्तर : फ्रांस में बड़े-बड़े चर्चों का निर्माण हुआ जिन्हें कथील कहते थे। समय बीतने पर इन बच्चों के चारों ओर नगरों का विकास हुआ। इन्हीं नगरों को कथील नगर कहा जाता है।

प्रश्न 13, मार्क ब्लॉश कौन था?
उत्तर : (i) मार्कब्लॉश फ्रांस का वह विद्वान है जिसने सामन्तवाद पर सर्वप्रथम काम किया।
(ii) उसका मानना था कि इतिहास की विषय वस्तु राजनीतिक अंतर्राष्ट्रीय संबंध और महान व्यक्तियों की जीवनियों से कुछ अधिक है। उसने मानवीय इतिहास गढ़ने पर जोर दिया।

प्रश्न 14. धर्म युद्धों के प्रमुख प्रभाव संक्षेप में लिखें ।
उत्तर : (i) धर्म युद्धों में यूरोप और अरब देशों को जन-धन बहुत हानि उठानी पड़ी। की
(ii) धर्म युद्धों में चर्च की बहुत सी सम्पत्ति नष्ट हो गई जिसके फलस्वरूप पोप और पादरियों ने चर्च के लिए अनुचित साधनों द्वारा धन जुटाना शुरू कर दिया।
(iii) मध्यकालीन यूरोप में धार्मिक संस्थाएँ ही शिक्षा का प्रबन्ध करती थीं।
(iv) मध्यकाल में यूरोप के देशों में धार्मिक सहनशीलता न थी। गैर इसाइयों, विशेषकर यहूदियों को कई तरह के कष्ट सहन करने पड़ते थे।

प्रश्न 15. कृषिदास नगरों में भाग जाने का प्रयास क्यों करते थे?
उत्तर : कृषिदास अपने लार्डों से छिपने के लिए नगरों में भाग जाने का प्रयास करते थे। यदि वे अपने लार्ड से एक वर्ष और एक दिन तक छिपे रहने में सफल हो जाते थे, तो वे स्वतंत्र नागरिक बन जाते थे।

प्रश्न 16.श्रम अधिशेष को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : (i)कृषकों के परिवारों को लाड्ड की जागीरों पर जाकर काम करने के लिए सप्ताह के कुछ दिन, तीन या उससे अधिक दिन निश्चित करने पड़ते थे। इस श्रम से होने वाले उत्पादन को ‘श्रम अधिशेष (Labour rant) कहते थे यह सीधे लार्ड के पास जाता था।
(ii) इसके अतिरिक्त कृषकों को अन्य श्रम कार्य गड्ढे खोदने, लकड़ी (ईधन) एकत्र करना आदि करने पड़ते थे इनके लिए उन्हें मजदूरी नहीं मिलती थी।

प्रश्न 17. मध्यकालीन यूरोपीय समाज व राजनीति में गिरजों को क्या महत्त्व मिला ?
उत्तर : (i) मध्यकालीन यूरोप में ईसाई धर्म प्रचलित था तथा रोमन कैथोलिक चर्च सर्वशक्तिशाली था चर्च का प्रमुख अधिकारी पोप होता था, जो धीरे-धीरे पूरे ईसाई जगत का नेता बन गया। (i) पोप राजा से भी अधिक शक्तिशाली होता था वह राजाओं को अपने आदेश मनवाने के लिए मजबूर कर सकता था।

प्रश्न 18. सामंती प्रथा के अंतर्गत ‘फ़ीफ’ क्या थी?
उत्तर :
लार्ड नाइट को भूमि का एक भाग देता था। इसी भू-भाग को ‘फ़ीफ’ कहते थे। नाइट फ़ीफ के बदले लार्ड को एक निश्चित धनराशि देता था और युद्ध में उसकी ओर से लड़ने का वचन देता था।

प्रश्न 19. मध्य-युग में नगरों के विकास तथा उनके संगठन का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
मध्य-युग में शिल्प और व्यापार के केन्द्रों के रूप में बहुत से नए नगरों का विकास हुआ। प्रारम्भिक नगर छोटे थे. परन्तु यातायात और संचार के साधनों के साथ दस्तकारों की संख्या बढ़ने से व्यापार के साथ-साथ नगरों का आकार भी बड़ा होने लगा। इन नगरों में पूर्व के देशों से सूती और रेशमी कपड़े, बहुमूल्य मणियाँ, मसाले और सोना आता था। ये वस्तुएँ वहाँ से पूरे यूरोप में भेजी जाती थीं इन नगरों में से प्रसिद्ध व्यापारिक केन्द्र थे. जेनोआ, फ्लोरेंस, बेनिस, मिलान आदि। मध्यकाल में यूरोप के प्राय: सभी नगर व्यापार पर निर्भर थे, इसीलिए वे सभी समुद्र तट या व्यापारिक मार्गों पर स्थित थे। उस काल में प्राय: सभी नगरों के चारों ओर दीवारें होती थीं जिससे कि सशस्त्र लुटेरों और शत्रु सामान्ती लोगों से उनकी रक्षा की जा सके।

प्रश्न 20. ऐबी का क्या तात्पर्य था?
उत्तर : (i) वे लोग जो धार्मिक समुदायों में रहते थे और एकान्त जीवन व्यतीत करना चाहते थे ऐसी जगह को ऐबी कहा जाता था।
(ii) ऐबी मनुष्य की आम आबादी से बहुत दूर होते थे। पुरुष और स्त्रियों के लिए अलग-अलग ऐबी होते थे।

प्रश्न 21. ‘टीथ’ (Tithe) क्या था?
उत्तर : चर्च को कृषक से एक वर्ष में उसकी उपज का दसवाँ भाग लेने का अधिकार था। इसे टीथ कहा जाता था।

प्रश्न 22. मेनर प्रणाली पर विवेचन करें।
उत्तर: मेनर प्रणाली के गाँवों में बड़े-बड़े खेत होते थे जो कि सामन्तवादी व्यवस्था के प्रभाव से दूर रहते थे। यही मेनर बाद में नगर बन गए। जब इनमें दस्तकारों और व्यापारियों के संघ बन गए जो सामन्तों से अपने हितों की रक्षा करते थे। वे सीधे राजा के संरक्षण में होते थे।

प्रश्न 23. कैथोलिक चर्च की आय के दो स्रोत बताइए।
उत्तर : 1. किसानों से मिलने वाला टीथ। 2. धनी लोगों द्वारा अपने कल्याण तथा मरणोपरांत अपने रिश्तेदारों के कल्याण के लिए दिए जाने वाला था।

प्रश्न 24. मध्यकालीन चर्च के गुण और दोष क्या थे?
उत्तर : (i) चर्च केवल ज्ञान प्रदान करता था। वह लोगों को दूसरों के प्रति दयालु और पवित्र रहने की शिक्षा देता था वे शिक्षा देने के अलावा संस्कृति तथा संगीत को संरक्षण देते थे।
(ii) शीघ्र ही मठों का झुकाव पैसे और शक्ति की ओर होने लगा। अंततः उन्होंने पैसे और शक्ति प्राप्त करने के लिए भ्रष्ट तरीके अपनाने शुरू कर दिए तथा लोगों का शोषण भी करने लगे थे।

प्रश्न 25. फ्रायर (Friars) का क्या कार्य था?
उत्तर : (i) 13वीं शताब्दी के भिक्षुओं के उस समूह को फ्रायर कहा जाता था जिन्होंने मठों में न रहने का निर्णय किया। (ii) वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूम-घूमकर लोगों को उपदेश देते थे और दान से अपनी जीविका चलाते थे।

प्रश्न 26, कैथोलिक चर्च एक शक्तिशाली संस्था थी। कैसे?
उत्तर : कैथोलिक चर्च एक स्वतंत्र संस्था थी जिसके अपने नियम थे। उसके पास राजा द्वारा दी गई भूमि होती थी जिससे वह कर उगाहता था। इसलिए चर्च एक शक्तिशाली संस्था थी।

प्रश्न 27. फ्रांस का उद्भव किस प्रकार हुआ ?
उत्तर : (i) गाल (Ganul), जो रोम साम्राज्य का एक प्रांत था, में दो विस्तृत तट-रेखाएँ, पर्वत-श्रेणियाँ, लंबी नदियाँ, वन और कृषि करने के लिए उपयुक्त विस्तृत मैदान थे। (ii) जर्मनी की एक जनजाति, फ्रेंको (Franks ) ने गॉल को अपना नाम देकर उसे फ्रांस बना दिया। छठी सदी से यह प्रदेश फ्रैंकिश अथवा फ्रांस के ईसाई राजाओं के द्वारा शासित किया जाने वाला राज्य था।
(ii)फ्रांसीसियों के चर्च के साथ गहरे संबंध थे जो पोप द्वारा राजा चॉलमेग्ने से समर्थन प्राप्त करने के लिए उसे पवित्र रोमन सम्राट की उपाधि दिए जाने पर और अधिक सुदृढ़ हो गए।

प्रश्न 28. विलियम प्रथम कौन था? उसने इंग्लैंड का शासन कैसे प्राप्त किया?
उत्तर : विलियम प्रथम नारमैंडी का ड्यूक था। 11वीं शताब्दी में उसने एक सेना लेकर इंग्लिश चैनल को पार किया तथा इंग्लैंड के सैक्सन राजा को हराकर इंग्लैंड पर अपना अधिकार कर लिया।

प्रश्न 29. श्रेणी (Guild) से क्या आशय है?
उत्तर : (i)नौवीं सदी में आर्थिक संस्था का आधार ‘श्रेणी’ (Guild) था। प्रत्येक शिल्प या उद्योग एक ‘श्रेणी’ के रूप में संगठित था। यह एक ऐसी संस्था थी जो उत्पाद की गुणवत्ता, उसके मूल्य और बिक्री पर नियंत्रण रखती थी।
(ii) ‘श्रेणी सभागार’ प्रत्येक नगर का प्रमुख अंग था। यह अनुष्ठानिक समारोहों के लिए था जहाँ गिल्डों के प्रधान औपचारिक रूप से मिला करते थे। पहरेदार (Guard) नगर के चारों ओर गश्त लगाकर शांति स्थापित करते थे, संगीतकारों को प्रीतिभोजों और नागरिक जुलूसों में संगीत से सजाने के लिए बुलाया जाता था और सराय वाले यात्रियों की देखभाल करते थे।

प्रश्न 30. टैली क्या था? कौन लोग इससे मुक्त थे?
उत्तर : टैली एक प्रकार का प्रत्यक्ष कर था जो राजा कृषकों पर लगाते थे। पादरी तथा अभिजात वर्ग इस कर से मुक्त थे ।

प्रश्न 31. एक कृषि दास किस प्रकार स्वाधीन नागरिक बनाता था?
उत्तर : (i) अपने लार्ड की नजरों से एक वर्ष और एक दिन तक छिपे रहने में सफल रहने वाला कृषिदासं एक स्वाधीन नागरिक बन जाता था।
(ii) नगरों में रहने वाले प्रायः व्यक्ति या तो स्वतंत्र कृषक या भगोड़े कृषिदास थे जो कार्य की दृष्टि से अकुशल श्रमिक होते थे।

प्रश्न 32. फ्रांस के अभिजात वर्ग को प्राप्त कोई दो विशेषाधिकार बताओ।

उत्तर : (i) उनका अपनी संपदा पर स्थायी रूप से पूर्ण नियंत्रण होता था।
(ii)वे अपना स्वयं का न्यायालय लगा सकते थे। यहाँ तक कि वे अपनी मुद्रा भी जारी कर सकते थे।

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