2 अंकीय प्रश्न उत्तर – शीत युद्ध का दौर -Class12th Political Science Chapter 1

शीतयुद्ध का दौर -2 अंकीय महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1. ‘मार्शल योजना’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर : यह योजना अमेरिकी विदेश मंत्री के नाम पर ‘मार्शल योजना’ के नाम से प्रसिद्ध हुई। इस योजना के अंतर्गत अमेरिकी सहायता के फलस्वरूप बहुत कम समय में यूरोपीय देशों की आर्थिक स्थिति युद्ध पूर्व स्तर पर आ गई। आने वाले वर्षों में पश्चिमी यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था में बहुत तेजी से विकास हुआ।

प्रश्न 2. परमाणु शक्ति को सीमित अथवा समाप्त करने के लिए, महाशक्तियों ने पारम्परिक सहयोग करने का फैसला क्यों किया।
उत्तर : क्योंकि युद्ध की सूरत में दोनों पक्षों को इतना नुकसान उठाना पड़ेगा कि उनमें से विजेता कौन है-यह तय करना भी असंभव होगा। अगर कोई अपने शत्रु को आक्रमण करके उसके परमाणु हथियारों को नाकाम करने की कोशिश करता है तब भी दूसरे के पास उसे बर्बाद करने लायक हथियार बच जाएँगे।

प्रश्न 3. गुटनिरपेक्षता से भारत को क्या लाभ हुआ ?
उत्तर : भारत का हित (India’s Interest ) (i) भारत दोनों महाशक्तियों से मैत्री संबंध रखने के कारण दोनों ही देशों से आर्थिक सहायता प्राप्त कर सका और अपने सामाजिक-आर्थिक विकास की ओर ध्यान दे सका। (ii) गुटनिरपेक्षता की नीति के कारण भारत दोनों ही गुटों के द्वारा सद्भावना की दृष्टि से देखा जाने लगा।

प्रश्न 4. उन कारणों का वर्णन कीजिए जिनके कारण संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए भारत की मित्रता आवश्यक थी।
उत्तर : भारत और अमेरिका-दोनों ही बड़े लोकतंत्र हैं। भारत की औद्योगिक नीति जिसमें भारत निजी उद्योगों के भी विरुद्ध नहीं है, अमेरिका को प्रिय है। दोनों ही देश संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करते हैं। दोनों देशों के कई दृष्टिकोणों में मौलिक एकता है। विश्व शान्ति तथा सुरक्षा के प्रश्न पर, जनतंत्रीय प्रगति के विषय में, व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा विधि के अधिनियम (Rule of Law) के प्रश्नों पर दोनों देशों में एकमत है। आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत के रुख से अमेरिका का झुकाव भारत की तरफ और बढ़ा।

प्रश्न 5. “गुटनिरपेक्षता का अर्थ तटस्थता या बराबर दूरी नहीं है। ” इस कथन का क्या अभिप्राय है ?
उत्तर : गुटनिरपेक्षता का अर्थ तटस्थता अर्थात् अंतर्राष्ट्रीय मामलों के प्रति पूर्णतया स्वयं को दूर रखते हुए अमेरिकी गुट के देशों और पूर्व सोवियत संघ के गुट के देशों से बराबर दूरी रखना नहीं है बल्कि गुण-दोष के आधार पर उनमें से किसी भी एक पक्ष का स्वतन्त्र रूप से समर्थन या विरोध करना है।

प्रश्न 6. शीत युद्ध के काल में किन दो विचारधाराओं में तनाव चल रहा था और क्यों?
उत्तर : जिन विचारधाराओं में तनाव चल रहा था वे है: 1. समाजवाद, 2. पूँजीवाद। अमेरिका गुट पूँजीवाद का समर्थक था और सोवियत संघ के पूर्वी गठबंधन द्वारा समर्थित समाजवादी अर्थव्यवस्था के विरूद्ध था।

प्रश्न 7. शीत युद्ध की समाप्ति के प्रभाव का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : 1. विश्व में तनाव एवं टकराव कम हुआ तथा संयुक्त राज्य अमेरिका तथा रूस परस्पर समीप आ गए।
2. विश्व इतिहास में दो ध्रुवीयता का अंत हो गया तथा समकालीन विश्व में अमेरिकी वर्चस्व का काल शुरू हो गया।

प्रश्न 8. शीत युद्ध के काल में भारत दोनों महाशक्तियों के कैंपों में किसी एक में भी सम्मिलित क्यों नहीं हुआ ?
उत्तर : भारत अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ। वह अपनी स्वतंत्रता तथा संप्रभुता को अक्षुण्ण रखना चाहता था। वह अपनी विदेश नीति, गुटनिरपेक्षता को निभाना चाहता था। भारत विश्व में शांति तथा सुरक्षा एवं राष्ट्रों में पारस्परिक प्रेम एवं भाईचारे के लिए गुटनिरपेक्षता की नीति को आवश्यक समझता था।भारत तेजी से अपना आर्थिक विकास चाहता था जिसके लिए वह दोनों महाशक्तियों से वित्तीय, तकनीकी एवं वैज्ञानिक मदद प्राप्त करना चाहता था। यदि वह किसी एक शक्ति के प्रति झुक जाता तो भारत को अपने संसाधन, अस्त्र-शस्त्र निर्माण, सैन्यकरण पर खर्च करने पड़ते तथा अपने विकास कार्यों की भी अवहेलना करनी पड़ती।

प्रश्न 9. शीत युद्ध के दौरान भारत दोनों खेमों में किसी भी एक के साथ सम्मिलित क्यों नहीं हुआ ?
उत्तर : (i) स्वतंत्रता के फौरन बाद भारत के सामने अनेक चुनौतियाँ थीं जिनमें विकास का सवाल प्रमुख था। भारत अपने विकास की धारा को निर्बाध बनाने के लिए दोनों खेमों में से किसी भी एक के साथ सम्मिलित नहीं हुआ।
(ii) भारत अपनी संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए शीत युद्ध के दौरान दोनों खेमों से बराबर दूरी बनाए रखना चाहता था। ऐसा करना भारत के राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय हितों के लिए अनुकूल था।

प्रश्न 10. ‘क्यूबा के मिसाइल संकट’ में किन दो अन्तर्राष्ट्रीय व्यक्तियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी? वे क्रमशः किन देशों से सम्बन्धित थे ?
उत्तर : 1. ‘क्यूबा मिसाइल संकट में’ महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दो अंतर्राष्ट्रीय व्यक्ति थे : (i) निकिता ख्रुश्चेव । (ii) जॉन एफ. कैनेडी।
2.ये अंतर्राष्ट्रीय व्यक्ति क्रमश: सोवियत संघ तथा अमरीका के थे।

प्रश्न 11. परमाणु अस्त्रों के होने के बावजूद, महाशक्तियों को एक-दूसरे के विरूद्ध पूर्ण युद्ध छेड़ने से कौन रोकता है?
उत्तर : महाशक्तियों के बीच गहन प्रतिद्वन्द्विता होने के बावजूद शीतयुद्ध रक्तरंजित युद्ध का रूप नहीं ले सका। इसकी तासीर ठंडी रही । पारस्परिक ” अपरोध” की स्थिति ने युद्ध तो नहीं होने दिया, लेकिन यह स्थिति पारस्परिक प्रतिद्वन्द्विता को न रोक सकी ।

प्रश्न 12. शीतयुद्ध के किन्हीं दो सैनिक लक्षणों का उल्लेख कीजिए ।

अथवा

शीत युद्ध की किन्हीं दो सैन्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर : 1. सैन्य गठबंधन (जैसे-नाटो, सीएटो, सेंटो, वारसा पैक्ट) का निर्माण करना तथा इनमें ज्यादा से ज्यादा राष्ट्रों को शामिल करना ।
2. शस्त्रीकरण करना, मिसाइल बनाना तथा उन्हें सामरिक महत्त्व (युद्ध के महत्त्व) के ठिकानों (बिंदुओं=Points) पर लगाना।

प्रश्न 13. एक ध्रुवीयता तथा द्वि-ध्रुवीयता का क्या अर्थ है?
उत्तर : विश्व में किसी एक देश का सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक वर्चस्व अथवा दबदबा या दमन-प्रभाव बनना एक-ध्रुवीयता की दशा है और द्वि-ध्रुवीयता एक नहीं बल्कि दो देशों की विश्व की महाशक्ति बनने की स्थिति और शीत युद्ध की परिणति है।

प्रश्न 14. 1960 के दशक के प्रारंभ में दोनों महाशक्तियों के बीच हुए समझौतों में से किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : 1960 के दशक के प्रारंभ में दोनों महाशक्तियों के बीच हुए समझौते : (i) परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि ।
(ii) परमाणु अप्रसार संधि ।
(iii) परमाणु प्रक्षेपास्त्र परिसीमन संधि ।

प्रश्न 15. शॉक थेरेपी के किन्हीं दो प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : 1. रूस में पूरा का पूरा राज्य-नियंत्रित औद्योगिक ढाँचा नष्ट हो गया। लगभग 90 प्रतिशत उद्योगों को निजी हाथों या कंपनियों को बेचा गया। इसे इतिहास की सबसे बड़ी ‘गराज-सेल’ के नाम से जाना जाता है।
2.रूसी मुद्रा “रूबल” के मूल्य में नाटकीय ढंग से गिरावट आई । मुद्रास्फीति इतनी अधिक बढ़ी कि लोगों की जमा-पूँजी जाती रही।

प्रश्न 16. पहला गुटनिरपेक्ष सम्मेलन कब और कहाँ हुआ था? यह कौन-सी तीन बातों की परिणति (Culmination) था?
उत्तर : I. पहला गुटनिरपेक्ष सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में हुआ था। II. 1. पाँच देशों (भारत, मिस्र, यूगोस्लाविया, इंडोनेशिया तथा घाना) के बीच सहयोग |
2.शीत युद्ध का प्रसार और इसके बढ़ते हुए दायरे को रोकना, और
3.अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य (Arena) पर कई नव स्वतंत्र अफ्रीकी राष्ट्रों का नाटकीय उदय हो चुका था। सन् 1960 तक 16 नये अफ्रीकी देश संयुक्त राष्ट्र (UNO) की सदस्यता ग्रहण कर चुके थे।

प्रश्न 17. गुटनिरपेक्षता का अर्थ तटस्थता क्यों है?
उत्तर : गुटनिरपेक्षता का अर्थ तटस्थता अर्थात् अंतर्राष्ट्रीय मामलों के प्रति पूर्णतया स्वयं को दूर रखते अमेरिकी के देशों और पूर्व सोवियत संघ के गुट के देशों से बराबर दूरी रखना नही है। बल्कि गुण-दोष के आधार पर उनमें से किसी भी एक पक्ष का स्वतन्त्र रूप से समर्थन या विरोध करना है।

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