2 अंकीय प्रश्न उत्तर – ईंट मनके और सभ्यता Class 12th History Chapter 1

शासक और इतिवृत > मुग़ल शासक और साम्राज्य

स्त्रोत - क्रोनिकल्स (इतिवृत/इतिहास)

  • नियुक्त शासक होने की दृष्टि के प्रसार प्रचार का तरीका
  • दरबारी इतिहासकारों को विवरण लेखन का कार्य सौंपा गया
  • बादशाह के समय की घटनाओं का लेखा जोखा दिया गया
  • शासन में मदद के लिए ढेरों जानकारियां इक्कट्ठा की गयीं
  • घटनाओं का अनवरत कालानुक्रमिक विवरण
  • अपरिहार्य स्त्रोत
  • तथ्यात्मक सूचनाओं का खजाना
  • मूल-पाठों का उद्देश्य – उन आशयों को संप्रेषित करना था जिन्हें मुग़ल शासक अपने क्षेत्र में लागू करना चाहते थे
  • इनसे झलक मिलती है – कैसे शाही विचारधाराएँ रची और प्रचारित की जाती थीं.

मुग़ल शासक और साम्राज्य

  • मुग़ल और तैमूर नाम
  • पहला तैमूर शासक बाबर चंगेज खान का सम्बन्धी था
  • 16वीं शताब्दी में यूरोपियों ने शासकों का वर्णन करने के लिए मुग़ल शब्द का प्रयोग किया  | 
  • रडयार्ड किपलिंग की पुस्तक में युवा नायक मोगली

ज़हीरुद्दीन मुहम्मद उर्फ बाबर की उपलब्धियां

  • महज़ 12 वर्ष की आयु में फ़रगना घाटी का शासक बन गया।
  • बाबर कुषाणों के बाद ऐसा पहला शासक हुआ जिसने काबुल एवं कंधार को अपने पूर्ण नियंत्रण में रख सका।
  • भारत में अफ़ग़ान एवं राजपूत शक्ति को समाप्त कर ‘मुगल साम्राज्य’ की स्थापना की, जो लगभग 330 सालों तक चलता रहा।
  • हिंदुस्तान में पहली बार तुलगमा युद्ध नीति का प्रयोग बाबर ने किया।
  • हिंदुस्तान में पहली बार तोपखाने का प्रयोग बाबर ने किया
  • सड़कों की माप के लिए बाबर ने ‘गज़-ए-बाबरी’ के प्रयोग का शुभारम्भ किया।

नसीरुद्दीन हुमायूँ (1530-40, 1555-56)

हुमायूँ एक मुगल शासक था। प्रथम मुग़ल सम्राट बाबर का पुत्र नसीरुद्दीन हुमायूँ था। यद्यपि उन के पास साम्राज्य बहुत साल तक नही रहा, पर मुग़ल साम्राज्य की नींव में हुमायूँ का योगदान है।

  • जन्म की तारीख और समय: 6 मार्च 1508, काबुल, अफ़ग़ानिस्तान
  • मृत्यु की जगह और तारीख: 27 जनवरी 1556, दिल्ली
  • दफ़नाने की जगह: हुमायूँ का मकबरा, नई दिल्ली
  • बच्चे: अकबर, बख्शी बानो बेगम, ज़्यादा
  • पत्नी: माह चुचक बेगम (विवा. 1546), हमीदा बानो बेगम (विवा. 1541–1556), बेगा बेगम (विवा. 1527–1556)
  • माता-पिता: बाबर, महम बेगम
  • भाई: कामरान मिर्ज़ा, गुलबदन बेगम, ज़्यादा

जलालुद्दीन अकबर (1556-1605)

  • साम्राज्य का विस्तार, सुदृढीकरण किया
  • हिन्दुकुश पर्वत तक सीमाओं का विस्तार किया
  • सफाविओं और उज्बेकों की विस्तारवादी योजनाओं पर लगाम लगाया

जहाँगीर (1605-27)

  • शाह जहाँ पाँचवे मुग़ल शहंशाह था। शाह जहाँ अपनी न्यायप्रियता और वैभवविलास के कारण अपने काल में बड़े लोकप्रिय रहे। किन्तु इतिहास में उनका नाम केवल इस कारण नहीं लिया जाता। शाहजहाँ का नाम एक ऐसे आशिक के तौर पर लिया जाता है जिसने अपनी बेग़म मुमताज़ बेगम के लिए विश्व की सबसे ख़ूबसूरत इमारत ताज महल बनाने का यत्न किया।
  • जन्म की तारीख और समय: 5 जनवरी 1592, लाहौर, पाकिस्तान
  • मृत्यु की जगह और तारीख: 22 जनवरी 1666, आगरा फोर्ट, आगरा
  • दफ़नाने की जगह: ताज महल, आगरा
  • पत्नी: इज़्ज़-उन-निस्सा (विवा. 1617–1666), ज़्यादा
    बच्चे: औरंगज़ेब, जहाँनारा बेग़म, दारा सिकोह, ज़्यादा
  • दादा या नाना: अकबर, मरियम उज़-ज़मानी, मारवाड़ के उदय सिंह,

शाहजहाँ (1628-58)

  • शाह जहाँ पाँचवे मुग़ल शहंशाह था। शाह जहाँ अपनी न्यायप्रियता और वैभवविलास के कारण अपने काल में बड़े लोकप्रिय रहे। किन्तु इतिहास में उनका नाम केवल इस कारण नहीं लिया जाता। शाहजहाँ का नाम एक ऐसे आशिक के तौर पर लिया जाता है जिसने अपनी बेग़म मुमताज़ बेगम के लिए विश्व की सबसे ख़ूबसूरत इमारत ताज महल बनाने का यत्न किया।
  • जन्म की तारीख और समय: 5 जनवरी 1592, लाहौर, पाकिस्तान
  • मृत्यु की जगह और तारीख: 22 जनवरी 1666, आगरा फोर्ट, आगरा
  • दफ़नाने की जगह: ताज महल, आगरा
  • पत्नी: इज़्ज़-उन-निस्सा (विवा. 1617–1666), ज़्यादा
  • बच्चे: औरंगज़ेब, जहाँनारा बेग़म, दारा सिकोह, ज़्यादा
    दादा या नाना: अकबर, मरियम उज़-ज़मानी, मारवाड़ के उदय सिंह,

औरंगजेब (1658-1707)

  • मुहिउद्दीन मोहम्मद, जिन्हें आम तौर पर औरंगज़ेब या आलमगीर के नाम से जाना जाता था, भारत पर राज करने वाला छठा मुग़ल शासक था। उसका शासन 1658 से लेकर 1707 में उनकी मृत्यु तक चला। औरंगज़ेब ने भारतीय उपमहाद्वीप पर आधी सदी के लगभग समय तक राज किया। वो अकबर के बाद सबसे अधिक समय तक शासन करने वाला मुग़ल शासक था।
  • जन्म की तारीख और समय: 3 नवंबर 1618, दाहोद
  • मृत्यु की जगह और तारीख: 3 मार्च 1707, भिंगर, अहमदनगर
  • दफ़नाने की जगह: टॉम्ब ऑफ़ मुघल एम्पेरोर औरंगज़ेब आलमगीर, खुल्दाबाद
  • बच्चे: बहादुर शाह प्रथम, मुहम्मद अकबर, ज़्यादा
  • पत्नी: नवाब बाई (विवा. 1638–1691), ज़्यादा
  • किताबें: फ़तवा-ए-आलमगीरी
  • माता-पिता: शाह जहाँ, मुमताज़ महल

औरंगजेब की मृत्यु के बाद

  • 1707 में औरंगजेब की मृत्यु हुई
  • राजनीतिक शक्तियां घटने लगीं
  • राजधानी नगरों से नियंत्रित विशाल साम्राज्य की जगह क्षेत्रीय शक्तियों ने अधिक स्वायतत्ता अर्जित की
  • अंतिम वंशज बहादुर शाह जफ़र 1857

ईंटें मनके और अस्थियाँ Class 12th History Chapter 1 Important Question Answer 2 Marks.

प्रश्न 1. हड़प्पाइयों द्वारा बर्तनों के विभिन्न प्रयोगों का उल्लेख कीजिए। सिन्धु घाटी में ये बर्तन किन-किन चीजों से बनाए जाते थे ?
उत्तर : कुछ बर्तन (जैसे चक्की, अनाज या खाद्य पदार्थ) पीसने के लिए प्रयोग किये जाते थे। इन बर्तनों को चीजों को मिलाने के लिए अलग रखने के लिए और खाना पकाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता था ये यहाँ पात्र पत्थरों, धातुओं और चिकनी मिट्टी के बनाये जाते थे।

प्रश्न 15.कनिंघम कौन था? हड़प्पा सभ्यता की आरधिक बस्तियों की पहचान के लिए उसने किन वृत्तांतों का प्रयोग किया? किसी एक का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) कनिंघम भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के पहले डायरेक्टर जनरल थे। उन्होंने उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में पुरातात्विक उत्खनन आरंभ किए।
(ii) हड़प्पा सभ्यता की आरंभिक बस्तियों की पहचान के लिए उन्होंने चौथी से सातवीं शताब्दी ईसवी के बीच उपमहाद्वीप में आए चीनी बौद्ध तीर्थयात्रियों द्वारा छोड़े गए वृत्तांतों का प्रयोग किया।

प्रश्न 2, जॉन मार्शल कौन था ? भारतीय पुरातत्त्व में उसने व्यापक परिवर्तन किस प्रकार किया ?
उत्तर : जॉन मार्शल भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के डायरेक्टर जनरल थे। उनमें आकर्षक खोजों में दिलचस्पी और दैनिक जीवन की पद्धतियों को जानने की भी उत्सुकता थी। 1924 में उन्होंने पूरे विश्व के समक्ष सिंधु घाटी में एक नवीन सभ्यता की खोज की घोषणा की। वस्तुतः उन्होंने भारत को जहाँ पाया था, उसे उससे तीन हजार वर्ष पीछे छोड़ दिया।

प्रश्न 3. हड़प्पन स्थलों की जल-निकास प्रणाली की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) हड़प्पा-शहरों की सबसे अनूठी विशिष्टताओं में से एक ध्यानपूर्वक नियोजित जल निकास प्रणाली थी। सड़कों तथा गलियों को लगभग एक ‘ग्रिड’ पद्धति में बनाया गया था और ये एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं।
(ii) ऐसा प्रतीत होता है कि पहले नालियों के साथ गलियों को बनाया गया था और फिर उनके अगल-बगल आवासों का निर्माण किया था।

प्रश्न 4. विशाल स्नानागार, जो हड़प्पा के नगरों के दुर्ग में पाया गया है, उसकी दो विशेषताएँ बताइए।
उत्तर : (i) यह दुर्ग के आंगन में बना हुआ एक आयताकार जलाशय है और चारों तरफ से गलियारे से घिरा हुआ है।
(ii) जलाशय (स्नानगृह) तक पहुंचने के लिए इसके ऊपरी तथा दक्षिणी भाग में दो सीढ़ियाँ बनी हुई थीं।
(iii) विद्वानों का मत है कि इस स्नानघर से यह संकेत मिलता है कि इसका प्रयोग किसी विशेष अनुष्ठान जाता था। के लिए किया

प्रश्न 5. हड़प्पा संस्कृति को कांस्य युग सभ्यता क्यों कहते हैं ?
उत्तर : (i) हड़प्पा के लोगों को ताँबे में टिन मिलाकर काँसा बनाने की विधि आती थी। (ii) काँसे की सहायता से ही हडप्पा के लोग उन्नति के शिखर पर पहुँच सके। उन्होंने एक नगरीय सभ्यता का विकास किया। अतः हड़प्पा संस्कृति को कांस्य युग सभ्यता कहते हैं।

प्रश्न 6. हड़प्पा की लिपि की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर :(i) हड़प्पा लिपि वर्णमालीय नहीं थी, बल्कि चित्रमय थी।
(ii) यह संभवत: दाईं ओर से बाईं ओर लिखी जाती थी, क्योंकि कुछ मोहरों पर दाईं ओर चौड़ा अंतराल है, जबकि बाईं ओर यह संकुचित है, जैसे लिखते-लिखते स्थान कम पड़ गया हो।

प्रश्न 7. हड़प्पावासियों के रिहाइशी भवनों के लिए गृह-स्थापत्य की दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) हड़प्पावासी ईंट से बने रिहाइशी भवनों में रहते थे।
(ii) ये भवन एक निश्चित योजना को ध्यान में रखकर बनाए जाते थे।
(iii) हर घर में एक स्नानघर होता था। इसका फर्श ईंटों से
(iv) कई मकानों, भवनों में कुएँ भी होते थे। (कोई दो) बना होता था।

प्रश्न 8, हड़प्पा-पूर्व की बस्तियों की क्या विशेषताएँ थीं ?
उत्तर : (i) हड़प्पा-पूर्व की बस्तियाँ प्राय: छोटी होती थी और इनमें बड़ी संरचनाएँ नाममात्र ही थीं ।
(ii) इनकी अपनी विशिष्ट मृदभांड शैली थी।
(iii) इनमें कृषि तथा पशुपालन भी प्रचलित था। लोग शिल्पकारी भी करते थे।

प्रश्न 9. हड़प्पाई संस्कृति के पाँच विकसित क्षेत्रों के नाम लिखिए। 
उत्तर : 1, हड़प्पा, 2, मोहनजोदड़ो, 3. लोथल, 4.कालीबंगा, 5. चन्हूदड़ो, 6. बनवाली, 7. रोपड़। प्रश्न 44, हड़प्पा बस्तियों के विभाजित दो भागों के नाम व उनकी एक-एक मुख्य विशेषता का उल्लेख कीजिए।

प्रश्न 10. हड़प्पा निवासियों की कब्रों में मिली किन्हीं चार वस्तुओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : पुरुषों और महिलाओं, दोनों के आभूषण, मृदभांड, शंख के तीन छल्ले, जैस्पर (एक प्रकार का उपरत्न) के मनके तथा सैकड़ों की संख्या में सूक्ष्म मनकों से बना एक आभूषण । 

प्रश्न 11. आर.ई.एम. व्हीलर कौन था ? भारतीय पुरातत्त्व में उसके किसी एक योगदान का उल्लेख कीजिए। 
उत्तर : आर. ई. एम. व्हीलर एक पुरातत्वविद थे। 1944 ई० में इन्हें भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के डायेरक्टर जनरल बनाया गया था। इनका मानना था कि एक समान क्षैतिज इकाइयों के आधार पर खुदाई की बजाय टीले के स्तर विन्यास का अनुसरण करना अधिक आवश्यक था।

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