2 अंकीय प्रश्न उत्तर – राजा किसान और नगर – Class 12th History Chapter 2

Index

1. ईंट मनके और अस्थियाँ

1. आरंभ 2. निर्वाह के तरीके 3. मोहनजोदड़ो 4. सामाजिक विभिन्नताओं का अवलोकन 5. शिल्प उत्पादन के विषय में जानकारी 6. माल प्राप्त करने सम्बन्धी नीतियाँ 7. मुहरें लिपि तथा बाट 8. प्राचीन सभ्यता 9. सभ्यता का अंत 10. हड़प्पा सभ्यता की खोज 11. अतीत को जोड़कर पूरा करने की समस्याएं मानचित्र बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 1 अंकीय प्रश्न उत्तर 2 अंकीय प्रश्न उत्तर

2. राजा किसान और नगर

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

3. बंधुत्व जाति और वर्ग

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

4. विचारक विश्वास और इमारतें

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 1 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 2

6. भक्ति सूफी और परम्पराएँ

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

7. एक साम्राज्य की राजधानी विजयनगर

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

8. उपनिवेशवाद और देहात

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

10. उपनिवेशवाद और देहात

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

11. विद्रोह और राज

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

13. महात्मा गाँधी और आन्दोलन

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

15. संविधान का निर्माण

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1. सोने के आरंभिक सिक्कों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर : सोने के सबसे प्रथम सिक्के प्रथम शताब्दी ई० में कुषाण शासकों ने जारी किए थे। इन सिक्कों का आकार और भार तत्कालीन रोमन सम्राटों तथा ईरान के पार्थियन शासकों द्वारा जारी सिक्कों के बिल्कुल समान था। बाद में गुप्त शासकों ने भी सोने के सिक्के चलाए। इनमें प्रयुक्त सोना अति उत्तम था।

प्रश्न 2. मौर्यकाल के किन्हीं तीन प्रमुख शिलालेखों और दो स्तंभ लेखों के पाए जाने वाले स्थानों के नाम लिखिए।
उत्तर : शिलालेख-स्थान : (i) मनशेरा, (ii) शाहबाज गढ़ी, (iii) कंधार, (iv) कलसी, (v) गिरनार, (vi) सोपारा। स्तंभ लेख स्थान : (i) सारनाथ, (ii) कौशाम्बी, (if) टोपरा, (iv) मेरठ, (v) रामपुरवा। हुई थी। इसमें राजा को सलाह दी गई कि भूमि – विवादों से बचने के लिए सीमाओं की गुप्त पहचान बनाकर रखनी चाहिए। इसके लिए सीमाओं पर भूमि में ऐसी वस्तु दबा कर रखनी चाहिए जो समय के साथ नष्ट न हो।

प्रश्न 3. छठी शताब्दी ई० पू० से कृषि उत्पादन बढ़ाने लिए प्रयोग किए गए किन्हीं दो तरीकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :(i) कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए गंगा और कावेरी की घाटियों के उर्वर क्षेत्र में हल का प्रयोग किया गया।(ii) भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में उर्वर भूमि की जुताई लोहे के फाल वाले हलों से की जाने लगी।(iii) उत्पादन बढ़ाने का एक अन्य तरीका था-सिंचाई जो कुओं, तालाबों तथा कहीं-कहीं नहरों द्वारा की जाती थी।

प्रश्न 4. मौर्य साम्राज्य का उदय कब और किसके द्वारा हुआ ? इसमें एक प्रमुख स्थान किसके द्वारा जोड़ा गया?
उत्तर : मगध के विकास के साथ-साथ मौर्य साम्राज्य का उदय हुआ। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य (लगभग 321 ई. पू.) का शासन पश्चिमोत्तर में अफगानिस्तान और बलूचिस्तान तक फैला था। उनके पौत्र असोक ने-जिन्हें आरंभिक भारत का सर्वप्रसिद्ध शासक माना जा सकता है-कलिंग (आधुनिक उड़ीसा) पर विजय प्राप्त की।

प्रश्न 5. असोक के अभिलेख किन-किन भाषाओं व लिपियों में लिखे जाते थे? उनके विषय क्या थे ? 
उत्तर : (i) असोक के अभिलेख जनता की पालि और प्राकृत भाषाओं में लिखे हुए होते थे। इनमें ब्रह्मी-खरोष्ठी लिपियों का प्रयोग हुआ था। इन अभिलेखों में असोक का जीवन-वृत्त, उसकी आंतरिक तथा बाहरी नीति एवं उसके राज्य के विस्तार संबंधी जानकारी हैं।(ii) इन अभिलेखों में सम्राट असोक के आदेश अंकित होते थे।

प्रश्न 6, प्रभावती गुप्त कौन थी? उसके संबंध में कौन-सा एक विरला उदाहरण मिलता है?
उत्तर : प्रभावती गुप्त आरंभिक भारत के एक प्रसिद्ध शासक चंद्रगुप्त द्वितीय (375-415 ई०) की पुत्री थी। उसका विवाह दक्कन पठार के वाकाटक परिवार में हुआ था। उसने भूमि-दान दिया था जो किसी महिला द्वारा दान का विरला उदाहरण है।

प्रश्न 7, मिनेंद्र की दो उपलब्धियाँ बताइए। 
उत्तर : (i) मिनेंद्र ने काठियावाड़, भरहुत (भडौच) और गंगा-यमुना के मध्यवर्ती क्षेत्र को जीतकर एक विशाल साम्राज्य स्थापित कर लिया। (ii) वह बौद्ध धर्म का अनुयायी बन गया। उसने बौद्ध धर्म का प्रचार तन-मन-धन से किया। उसके अथक प्रयासों को देखकर लोग उसे देवता की भाँति पूजने लगे।

प्रश्न 8. मगध की प्रारंभिक राजधानी कौन-सी थी ? इसकी एक विशेषता बताओ। चौथी शताब्दी ई० पू० में किस नगर को मगध की राजधानी बनाया गया ? 
उत्तर : मगध की प्रारंभिक राजधानी राजगाह (राजगीर) थी। यह पहाड़ियों के बीच बसा एक किलेबंद शहर था। चौथी शताब्दी ई० पू० में पाटलिपुत्र को मगध की राजधानी बनाया गया जिसे अब पटना कहा जाता है।

प्रश्न 9, राजा या प्रभावशाली लोग भूमिदान क्यों देते थे ? इस संबंध में विभिन्न इतिहासकारों के क्या मत हैं ?
उत्तर : (i) कुछ इतिहासकारों के अनुसार यह नए क्षेत्रों में कृषि के विस्तार की एक नीति थी।(ii) कुछ अन्य इतिहासकारों का मत है कि जब किसी राजा का अपने सामंतों पर नियंत्रण ढीला पड़ जाता था तो वह भूमिदान देकर अपने लिए नए समर्थक जुटाता था।(iii) ऐसा भी माना जाता है कि कुछ राजा भूमिदान देकर अपनी शान और शक्ति का आडंबर रचते थे। 

प्रश्न 10. इलाहाबाद स्तंभ के ऐतिहासिक महत्त्व का मूल्यांकन कीजिए ।
उत्तर : इलाहाबाद का स्तंभ (Allahabad’s inscription) : इलाहाबाद के स्तंभ लेख से गुप्त काल के विषय में जानकारी प्राप्त होती है। इसमें समुदाय की विजयें और चरित्र अंकित है। हरिसेन नामक कवि ने संस्कृत में इसे लिखा। उस काल की राजनैतिक, सामाजिक व आर्थिक अवस्था, भाषा व साहित्य की उन्नति एवं उसकी नौ विजयों का वर्णन है।

प्रश्न 11. जूनागढ़ शिलालेख के महत्त्व का उल्लेख कीजिए। 
उत्तर : जूनागढ़ का शिलालेख, गुजरात में जूनागढ़ के समीप मिला था। उस समय की प्रचलित लिपि ब्राह्मी थी। इसी लिपि में वह शिलालेख लिखा हुआ था। इस शिलालेख में असोक के धर्म, नैतिक नियमों एवं शासन संबंधी नियमों का विवरण मिला है। लोगों की जानकारी के लिये ही इस शिलालेख को जनसाधारण की भाषा पालि में खुदवाया था।

प्रश्न 12. प्रशस्तियों से गुप्त शासकों की तथ्यात्मक जानकारी किस प्रकार मिलती है?  
उत्तर : प्रशस्तियों की रचना शासकों की प्रशंसा करने के लिए लिखे गए लेख हैं। इनसे हमें राजाओं के शासन के बारे में जानने में बहुत महत्त्वपूर्ण सहायता मिलती है।उदाहरण : प्रयाग प्रशस्ति से हमें गुप्त राजा समुद्रगुप्त के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलता है।

प्रश्न 13. जेम्स प्रिंसेप कौन था? भारतीय पुरालेख -शास्त्र के विकास में उसके किसी एक योगदान का उल्लेख कीजिए। 
उत्तर : (क) जेम्स प्रिंसेप ईस्ट इंडिया कंपनी का एक अधिकारी था।(ख) जेम्स प्रिंसेप ने ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों का अर्थ निकाला। इन लिपियों का उपयोग सबसे आरंभिक अभिलेखों और सिक्कों में किया गया है।

You cannot copy content of this page
Scroll to Top

Live Quiz : बंधुत्व जाति और वर्ग | 04:00 pm