Class 12th Political Science भाग-2 Chapter 1 Important Question Answer 2 Marks राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ

प्रश्न 1. देशी रजवाड़ों से क्या अभिप्राय था ? स्वतंत्रता के समय भारत में ऐसे रजवाड़ों की कुल संख्या कितनी थी ?
उत्तर : सीधे ब्रिटिश प्रभुत्व से बाहर वाले वे देशी राज्य जो छोटे-बड़े आकार के थे और जिन्होंने ब्रिटिश राज्य की सर्वोच्च सत्ता स्वीकार कर रखी थी और अपने घरेलू मामलों का शासन चलाते थे देशी रजवाड़े कहलाते थे। इनकी संख्या 565 थी ।

प्रश्न 2. स्वतंत्रता के तुरंत बाद, भारत के समक्ष आई किन्हीं दो चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) राष्ट्रीय एकता तथा अखण्डता को बनाए रखने की चुनौती थी। देशी रियासतों को भारत संघ में शामिल करने का मसला तुरंत हल करना जरूरी था।
(ii) आजादी मिलने के साथ-साथ देश का विभाजन भी हुआ। विभाजन के कारण व्यापक पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा तथा विस्थापन हुआ। विस्थापित लोगों का पुनर्वास एक गहन समस्या थी।

‘प्रश्न 3. पोट्टी श्रीरामुलु कौन था? उसके द्वारा रखे गए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का क्या परिणाम निकला ?
उत्तर : (1) पोट्टी श्रीरामुलु (1901-1952) गाँधीवादी कार्यकर्ता थे। उन्होंने “नमक सत्याग्रह” में भाग लेने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ दी थी तथा “व्यक्तिगत सत्याग्रह” में भी हिस्सा लिया था।
(2) उनके द्वारा रखे हुए अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल (19 अक्टूबर, 1952 से) के कारण 15 दिसम्बर, 1952 को उनकी मृत्यु हो गई।

प्रश्न 4. राज्य पुनर्गठन आयोग की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण संस्तुति क्या थी ?
उत्तर : केन्द्र सरकार की ओर से सत्ता की भागीदारी के आधार पर संघीय इकाइयों की संख्या को बढ़ाना उचित रहेगा। ऐसा इसलिए कि एक भाषा-भाषी लोग स्वयं अपना प्रशासन अधिक बेहतर तरीके से कर सकेंगे। कई भाषाओं के सम्मिश्र रहने की दशा में ऐसा संभव नहीं है। संक्षेप में यह कहा जा सकता है। कि यह भाषा / क्षेत्रीय भाषा आधारित पुनर्गठन की संस्तुति थी।

प्रश्न 5. भारत में 1956 में भाषा के आधार पर राज्यों का पनर्गठन क्यों किया गया ?
उत्तर : भारत में 1956 में भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन लोगों में उपजे असंतोष को शांत करने और विभाजन के बाद केंद्रीय सरकार के किए गए उस निर्णय को दुरस्त करने (ठीक करने) के लिए किया गया जो पूर्णतः भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन चाहते थे।

प्रश्न 6. भारत में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मौलाना अब्दुल कलाम आजाद की भूमिकार आकलन कीजिए ।
उत्तर : 1. मौलाना अब्दुल कलाम आजाद बहुत बड़े विद्वान एवं स्वतन्त्रता सेनानी थे।
2.वे कांग्रेस के एक प्रभावशाली नेता, भारत विभाजन के विरोधी और हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतिपादक थे।
3.वे संविधान सभा के सदस्य भी थे।
4.स्वतन्त्र भारत में बने प्रथम मंत्रिमंडल में वे शिक्षामंत्री थे।

प्रश्न 7. हालांकि 1950 के दशक में, देश के शेष हिस्सों को भाषायी आधार पर पुनर्गठित किया गया था, लेकिन पंजाब को 1966 तक प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ी?
उत्तर : क्योंकि पंजाब में भी हिंदी-भाषी और पंजाबी भाषी दो समुदाय थे। पंजाबी-भाषी लोग अलग राज्य की माँग कर रहे थे। बहरहाल बाकी राज्यों की तरह उनकी माँग 1956 में नहीं मानी गई। दस साल यानी 1966 में पंजाबी भाषी इलाके को पंजाब राज्य का दर्जा दिया गया और वृहत्तर पंजाब से अलग करके हरियाणा और हिमाचल प्रदेश नाम के राज्य बनाए गए।

प्रश्न 8. “565 रजवाड़ों पर ब्रिटिश प्रभुत्व की समाप्ति”। कथन से क्या अभिप्राय है।
उत्तर : इसका मतलब यह था कि सभी रजवाड़े (रजवाड़ों की संख्या 565 थी) ब्रिटिश राज की समाप्ति के साथ ही कानूनी तौर पर आज़ाद हो जाएँगे। अंग्रेजों-राज का नजरिया यह था कि रजवाड़े अपनी मर्जी से चाहें तो भारत या पाकिस्तान में शामिल हो जाएँ या फिर अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें।

प्रश्न 9. रजवाड़ों के सन्दर्भ में सहमति पत्र का आशय स्पष्ट कीजिए ।

अथवा

“इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन” से क्या अभिप्राय है?
उत्तर : देश की स्वतन्त्रता के बाद अधिकतर (देशी) रजवाड़ों के शासकों ने जिस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करके भारत में अपने विलय की सहमति दी थी उसे “इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन ” कहा जाता है। इस पर हस्ताक्षर का अर्थ था कि रजवाड़े भार संघ का अंग बनने के लिए सहमत हैं।

प्रश्न 10. भारत में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की भूमिका का आकलन कीजिए ।
उत्तर : मौलाना अब्दुल आजाद बहुत बड़े विद्वान स्वतंत्रता सेनानी में एक थे, वे कांग्रेस के एक प्रभावशाली नेता, भारत विभाजन के विरोधी और हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतिपादक थे। वे संवधान सभा के सदस्य भी थे। स्वतंत्र भारत में बने प्रथम मंत्रिमंडल में वे शिक्षा मंत्री थे।

प्रश्न 11. भारत में 1956 में भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन क्यों किया गया ?
उत्तर : (1) भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन लोगों के आन्दोलनों के दबाव में किया गया।
(2) भारत की विविध संस्कृति को बचाए रखने के लिए। (3) 1956 में पारित राज्य पुनर्गठन अधिनियम के कारण।

प्रश्न 12. ‘ट्रिस्ट विद् डेस्टिनी’ अर्थात् ‘भाग्यवधू से चिर-प्रतीक्षित भेंट’ नामक भाषण भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा कब और कहाँ दिया गया ?

अथवा

“भाग्यवधू से चिर-प्रतीक्षित भेंट” (ट्रिस्ट विद डेस्टिनी ) शीर्षक वाला भाषण किसके द्वारा तथा कब दिया गया था।
उत्तर : भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा ‘ट्रिस्ट विद् डेस्टिनी’ अर्थात् ‘भाग्यवधू से चिर-प्रतीक्षित भेंट’ नामक भाषण सन् 1947 के 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को संविधान सभा के विशेष सत्र में दिया गया था।

प्रश्न 13. मुस्लिम लीग द्वारा दिया गया “द्वि-राष्ट्र सिद्धांत” क्या है ?
उत्तर : मुस्लिम लीग द्वारा दिया गया “द्वि-राष्ट्र सिद्धांत” से अभिप्राय है भारत किसी एक कौम का नहीं बल्कि “हिन्दू” और “मुसलमान” नाम की दो कौमों का देश था और इसी कारण मुस्लिम लीग ने मुसलमानों के लिए एक अलग देश यानी पाकिस्तान की माँग की।

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