Class 12th Political Science भाग-2 Chapter 5 Important Question Answer 2 Marks कांग्रेस प्रणाली : चुनौतियाँ और पुनर्स्थापना

प्रश्न 1. 1971 के चुनावों में कांग्रेस की जीत के मुख्य दो कारण क्या थे?

अथवा

1971 के चुनावों में इंदिरा गाँधी की नाटकीय विजय के लिए कौन-सा मुख्य कारक उत्तरदायी था ?
उत्तर : 1971 के चुनावों में कांग्रेस की जीत के मुख्य कारण निम्नलिखित थे : (i) 1971 के चुनावों में कांग्रेस की जीत का सबसे बड़ा कारण श्रीमती गाँधी का समाजवादी नेतृत्व था। उन्होंने पूँजीवादी और सामंतवादी व्यवस्था का विरोध किया।
(ii) 1971 के चुनावों में कांग्रेस की जीत का दूसरा बड़ा कारण इसके द्वारा दिया गया ‘गरीबी हटाओ’ का लोक-लुभावन नारा था।

प्रश्न 2. “प्रिवीपर्स” से क्या अभिप्राय है?
उत्तर : प्रिवीपर्स से अभिप्राय : देशी रियासतों के भारतीय संघ में विलय के समय रियासतों के तत्कालीन शासक परिवार को निश्चित मात्रा में निजी सम्पदा रखने का अधिकार दिया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि उन्हें कुछ विशेष भत्ते भी दिए जाएँगे। यह भत्ते आदि राज्य के विस्तार, राजस्व और क्षमता पर आधारित थे। । इस व्यवस्था को प्रिवीपर्स कहा गया।

प्रश्न 3. पाँचवें लोक सभा चुनाव कब हुए? इसके क्या परिणाम निकले ?
उत्तर : पाँचवें लोकसभा चुनाव 1971 में हुए और चुनावों में श्रीमती गाँधी की कांग्रेस (आर.) पार्टी ने शानदार जीत हासिल की। लोकसभा की 518 सीटों में से कांग्रेस ने अकेले ही 352 सीटें जीत ली थीं। इन चुनावों में कांग्रेस ने अपनी विरोधी पार्टियों को बुरी तरह से हराया।

प्रश्न 4. गठबंधन सरकार की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर : अनेक पार्टियाँ एक मोर्चा या गठबंधन बनाकर जब एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अंतर्गत सरकार का गठन करती हैं तो उसे गठबंधन सरकार कहते हैं। वे दल उसमें प्रत्यक्ष रूप से शामिल भी हो सकते हैं या कुछ दल उस गठबंधन को बाहर से समर्थन भी दे सकते हैं।
केन्द्र में पहली गठबंधन सरकार 1989 में वी.पी. सिंह के नेतृत्व में बनी थी।

प्रश्न 5. कांग्रेस सिंडिकेट से क्या अभिप्राय है?
उत्तर : “सिंडिकेट” कांग्रेस के भीतर ताकतवर और प्रभावशाली नेताओं का एक समूह था। सिंडिकेट ने इंदिरा गाँधी को प्रधानमंत्री बनवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी थीं। उसी ने इंदिरा गाँधी का कांग्रेस संसदीय दल के नेता के रूप में चुना जाना सुनिश्चित किया था। इसके प्रमुख नेता कामराज, निजलिंगप्पा, संजीव रेड्डी तथा अतुल्य घोष जैसे लोग शामिल थे।

प्रश्न 6. भारत के राजनीतिक शब्दकोष में लोकप्रिय हुए जुमले “आया राम, गया राम” से क्या अभिप्राय है?
उत्तर : 1967 के आम चुनावों के पश्चात् कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों ने तीन राज्यों हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश में गैर-कांग्रेसी सरकारों को बनवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस दौरान राजनीतिक निष्ठा की इस अदल-बदल से ‘आया राम गया राम’ का जुमला प्रसिद्ध हुआ।

प्रश्न 7. 1969-1971 के दौरान इंदिरा गाँधी सरकार द्वारा सामना किए जाने वाली किन्हीं दो समस्याओं का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर : 1. इंदिरा गाँधी सरकार ने 1969-1971 के वर्षों में दो चुनौतियों का सामना किया। उन्हें ‘सिंडिकेट’ (कांग्रेस का यह दक्षिणपंथी गुट था। मोरारजी देसाई इसके प्रमुख नेता थे।) के प्रभाव से स्वतंत्र होकर अपना मुकाम बनाने की जरूरत थी।
2.कांग्रेस ने 1967 के चुनाव में जो जमीन खोयी थी उसे उन्हें हासिल करना था। इंदिरा गाँधी ने बड़ी साहसिक रणनीति अपनायी और इन पर विजय पाई।

प्रश्न 8. भारत में 1967 के चुनावों के परिणामों को “राजनीतिक भूचाल” क्यों कहा जाता है ?
उत्तर : भारत में 1967 के (चौथे आम चुनावों के परिणामों से देश पर एकछत्र राज करने वाली तथा सर्वाधिक प्रभाव रखने वाली पार्टी कांग्रेस को राष्ट्रीय तथा प्रांतीय स्तर पर गहरा धक्का लगा। कांग्रेस को जैसे-तैसे लोकसभा में बहुमत मिल गया था, लेकिन उसके प्राप्त मतों के प्रतिशत तथा सीटों की संख्या में भारी गिरावट आई थी। कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इन चुनाव परिणामों को राजनीतिक भूकंप की संज्ञा दी है।

प्रश्न 9. 10 जनवरी, 1966 को लाल बहादुर शास्त्री के निधन के पश्चात् इंदिरा गाँधी किस प्रकार अगली प्रधानमंत्री बन गईं?
उत्तर : लाल बहादुर शास्त्री के देहांत के बाद मोरारजी देसाई तथा इंदिरा गाँधी में प्रधानमंत्री पद के लिए मुकाबला हुआ। पार्टी के बड़े नेताओं ने इंदिरा गाँधी को समर्थन देने का मन बनाया लेकिन उन्हें सर्वसम्मति से नेता स्वीकार नहीं किया गया। ऐसे में फैसले के लिए कांग्रेस के सांसदों ने गुप्त मतदान किया तथा पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों ने अपना मत इंदिरा गाँधी के पक्ष में दिया।

प्रश्न 10. 1966 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इंदिरा गाँधी को भारत के प्रधानमंत्री के लिए क्यों समर्थन दिया?

अथवा

प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के निधन के पश्चात् प्रधानमंत्री के पद के लिए, कांग्रेस पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ नेताओं ने इंदिरा गांधी का समर्थन क्यों किया?
उत्तर : प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के निधन के पश्चात् प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ नेताओं ने इंदिरा गाँधी का समर्थन यह सोचकर किया था कि उनके पास प्रशासनिक व राजनीतिक मामलों में कोई विशेष अनुभव नहीं है तथा वे (इंदिरा गाँधी) दिशा-निर्देश के लिए उन (वरिष्ठ नेताओं) पर निर्भर करेंगी।

प्रश्न 11. एस. निजलिंगप्पा कौन थे? इनका संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर : एस. निजलिंगप्पा का जन्म 1902 में हुआ। वह कांग्रेस के एक कद्दावर नेता थे। उन्हें देश के नए संविधान निर्माण के लिए गठित संविधान सभा का सदस्य बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वह लोकसभा के सदस्य रहे। वह मैसूर (कर्नाटक) के मुख्यमंत्री भी रहे थे। उन्हें आधुनिक कर्नाटक के निर्माता के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त हुई। वह 1968 से 1971 तक कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर रहे। वर्ष 2000 ई. में उनका निधन हुआ।

प्रश्न 12. ( क ) ‘आया राम गया राम’ किस वर्ष से संबंधित घटना थी? (ख) ‘आया राम गया राम’ संबंधित टिप्पणी किस व्यक्ति के संबंध में की गई ?
उत्तर : (क) ‘आया राम गया राम’ सन् 1967 वर्ष से संबंधित घटना थी।
(ख) संबंधित टिप्पणी ‘गया लाल’ नामक कांग्रेस के हरियाणा राज्य के एक विधायक से संबंधित है, जो 1967 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर विधायक बना था। उसने एक पखवाड़े में तीन बार दल बदल कर दल बदलने का एक कीर्तिमान (रिकार्ड) बनाया था।

प्रश्न 13. गैर-कांग्रेसवाद से क्या अभिप्राय है?

अथवा

राममनोहर लोहिया ने गैर-कांग्रेसवाद के पक्ष में कौन-सा सैद्धांतिक तर्क दिया?
उत्तर : समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया ने अपनी रणनीति को ‘गैर-कांग्रेसवाद’ का नाम दिया। उन्होंने ‘गैर-कांग्रेसवाद’ के पक्ष में सैद्धांतिक तर्क देते हुए कहा कि कांग्रेस का शासन अलोकतांत्रिक और गरीब लोगों के हितों के खिलाफ है इसलिए गैर-कांग्रेसी दलों का एक साथ आना जरूरी है, ताकि गरीबों के हक में लोकतंत्र को वापस लाया जा सके।

प्रश्न 14. 1969 में कांग्रेस पार्टी में विभाजन का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर : 1969 के राष्ट्रपति के चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी के विरुद्ध इंदिरा गाँधी और उनके समर्थकों द्वारा उपराष्ट्रपति वी.वी. गिरि को कहा गया था कि वे एक स्वतंत्र उम्मीदवार (Independent Candidate) के रूप में राष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन भरें। यह कांग्रेस पार्टी में विभाजन का प्रमुख कारण था।

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