Class 12th Political Science Chapter 2 Important Question Answer 2 Marks दो-ध्रुवीयता का अन्त

प्रश्न 1. बर्लिन दीवार के गिरने को द्विध्रुवीय विश्व के पतन का द्योतक क्यों माना जाता है
उत्तर : द्वि-ध्रुवीयता के दौर में जर्मनी का दो भागों में विभाजन हो गया। पूर्वी जर्मनी सोवियत संघ के वार्सा गुट में और पश्चिमी जर्मनी संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नाटो गुट में शामिल था। 1989 में बर्लिन की दीवार का गिरना सबसे पहली घटना थी जब दो गुटों में विभाजित एक देश पुनः एकीकरण की डोर में बंधा। सोवियत संघ के पतन के बाद विश्व में संयुक्त राज्य अमेरिका एकल सुपर पावर (Single Super Power) रह गया।

प्रश्न 2. ‘शॉक थेरेपी’ के किसी एक परिणाम का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : रूस में कुल डेढ़ हजार बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान थे जिनमें से लगभग आधे ‘शॉक थेरेपी’ के परिणामस्वरूप दिवालिया हो गए। एक ऐसा ही बैंक इकॉम नामक था। रूस के इस दूसरे सबसे बड़े बैंक इकॉम के दिवालिया होने से ग्राहकों के अलावा दस हजार कंपनियों और शेयरधारकों की जमापूँजी भी डूब गई।

प्रश्न 3. द्विध्रुवीय विश्व के पतन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर : शीतयुद्ध के दौरान विश्व दो गुटों में बंटा था। एक गुट-अमेरिका का था तथा दूसरा गुट सोवियत संघ का था। लगभग सम्पूर्ण विश्व इन दो गुटों में था। इसलिए विश्व को द्विध्रुवीय कहा जाता था। परंतु 1991 में सोवियत संघ का विघटन हो जाने से विश्व का एक ध्रुव समाप्त हो गया। इसी को द्वि-ध्रुवीय- विश्व का पतन कहा जाता है।

प्रश्न 4. सोवियत प्रणाली के अनुसार, राज्य प्रमुख प्राथमिकता क्या थी?
उत्तर : समाजवाद की स्थापना, . सोवियत प्रणाली के अनुसार, राज्य की प्रमुख प्राथमिकता थी। अक्टूबर 1917 की क्रान्ति (या कुछ इतिहासकारों के अनुसार सैन्य विद्रोह) के उपरान्त रूस में पूँजीवाद, निजी सम्पत्ति का स्वामित्व आदि को समाप्त करके उद्योगों, कृषि, व्यापार आदि में सामाजिक स्वामित्व को अपनाना तथा सुदृढ़ करना ही उसका लक्ष्य था।

प्रश्न 5. 1989 में बर्लिन की दीवार के ढहने को द्वि- ध्रुवीयता का अन्त क्यों कहा जाता है ?
उत्तर : द्वि-ध्रुवीयता के दौर में जर्मनी का दो भागों में विभाजन हो गया था। पूर्वी जर्मनी सोवियत संघ के वार्सा गुट में और पश्चिमी जर्मनी संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नाटो गुट में शामिल था। 1989 में बर्लिन की दीवार का गिरना सबसे पहली घटना थी जब दो गुटों में विभाजित एक देश पुनः एकीकरण की डोर में बँधा।

प्रश्न 6. शॉक थेरेपी का शाब्दिक अर्थ क्या है ?

अथवा

शॉक थेरेपी की परिभाषा लिखो।

अथवा

शॉक थेरेपी से क्या अभिप्राय है?

उत्तर : शॉक थेरेपी का शाब्दिक अर्थ है-आघात पहुँचाकर उपचार करना । कम्युनिस्ट शासन के खात्मे के बाद रूस में कुछ ऐसा ही हुआ। शॉक थेरेपी से पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई। विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा निर्देशित इस मॉडल को शॉक थेरेपी कहा गया।

प्रश्न 7. सोवियत संघ की राजनीतिक प्रणाली के किन्हीं दो लक्षणों को सूचीबद्ध कीजिए ।

अथवा

सोवियत राजनीतिक प्रणाली की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए |

अथवा

सोवियत प्रणाली की दो महत्त्वपूर्ण विशेषताएँ कौन-सी हैं?
उत्तर : (i) सोवियत संघ में सभी नागरिकों के लिए न्यूनतम जीवन स्तर की गारंटी दी गई तथा सरकार ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहायता प्रदान की।
(ii) सोवियत राजनीतिक प्रणाली नौकरशाही तथा सत्तावादी थी जिसमें नागरिकों का जीवन अपेक्षाकृत कठिन था।

प्रश्न 8. वर्ष 1991 में सोवियत संघ का विघटन होने के बाद भारत को रूस के साथ मैत्री बनाए रखने के कौन-से दो लाभ/फायदे मिले ?
उत्तर : (i) शीत युद्ध की आशंका समाप्त हुई और इस तरह द्विध्रुवीय विश्व सिकुड़कर एक ध्रुवीय बन गया था। इस कारण भारत शीत युद्ध की आशंका और दो महाशक्तियों के बीच पिसने के खतरे से बच गया।
(ii) विघटित हुए सभी गणतंत्र राज्यों यथा- तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उजबेकिस्तान और अजरबेजान के साथ भारत अपने नए व्यापारिक संबंध बना पाया।

प्रश्न 9. रूस के अधिकांश पूर्व राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं के पुनजीवित होने का मुख्य कारण क्या था। (CBSE Outside Comptt. 2015)
उत्तर : इन अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था के पुनर्जीवन का मुख्य कारण निम्न था : (1) खनिज-तेल प्राकृतिक गैस और धातु जैसे प्राकृतिक संसाधनों का निर्यात |
(2) रूस कज़ाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान और अज़रबैजान तेल और गैस के बड़े उत्पादक देश हैं।
(3) बाकी देशों को अपने क्षेत्र से तेल की पाईप-लाइन गुजरने के कारण फायदा हुआ । इस एवज में इन्हें किराया मिलता है।
(4) एक हद तक विनिर्माण का काम भी फिर शुरू हुआ।

प्रश्न 10. सोवियत संघ के इतिहास की सबसे बड़ी ‘गैराज-सेल’ कौन सी थी ?

अथवा

इतिहास की सबसे बड़ी गैराज सेल के कोई दो परिणाम लिखिए।
उत्तर : रूस में जब पूरा का पूरा राज्य-नियंत्रित ढाँचा चरमरा उठा, तब करीब 90 प्रतिशत उद्योगों को निजी हाथों या कम्पनियों को बेचा गया। आर्थिक ढाँचे का यह पुनर्निर्माण चूँकि सरकार द्वारा निर्देशित औद्योगिक नीति के बजाय बाजार की ताकतें कर रही थीं, इसलिए यह कदम सभी उद्योगों को मटियामेट करने वाला साबित हुआ। इसे ‘इतिहास की सबसे बड़ी गराज-सेल’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि महत्वपूर्ण उद्योगों की कीमत कम से कम करके आँकी गई और उन्हें औने-पौने दामों में बेच दिया गया।

प्रश्न 11. सोवियत संघ के विघटन के पश्चात् अधिकांश गणराज्यों की अर्थव्यवस्था के पुनर्जीवित होने का क्या कारण था?
उत्तर : रूस सहित अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था ने सन् 2000 में यानी अपनी आजादी के 10 साल बाद खड़ा होना शुरू किया। इन अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था के पुनर्जीवन का कारण था खनिज-तेल, प्राकृतिक गैस और धातु जैसे प्राकृतिक संसाधनों का निर्यात। रूस, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान और अज़रबैजान तेल और गैस के बड़े उत्पादक देश हैं। बाकी देशों को अपने क्षेत्र से तेल की पाइप-लाइन गुजरने के कारण फायदा हुआ। इस एवज में इन्हें किराया मिलता है। एक हद तक विनिर्माण का काम भी फिर शुरू हुआ।

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