Class 12th Political Science Chapter 5 Important Question Answer 3 Marks समकालीन दक्षिण एशिया

प्रश्न 1. दक्षेस (सार्क) से क्या अभिप्राय है? इसके किन्हीं तीन मूल सिद्धांतों की व्याख्या कीजिए।

अथवा

दक्षेस के कोई चार मुख्य उद्देश्य लिखिए।

अथवा

दक्षेस (सार्क) का विस्तृत रूप क्या है? इसके किन्हीं तीन मुख्य उद्देश्यों को उजागर कीजिए |
उत्तर : दक्षेस (सार्क) का अभिप्राय : अनेक संघर्षों के बावजूद दक्षिण एशिया (या दक्षेस अथवा सार्क) के देश परस्पर मित्रवत् संबंध तथा सहयोग के महत्त्व को पहचानते हैं। शांति के प्रयास द्विपक्षीय भी हुए हैं और क्षेत्रीय स्तर पर भी। दक्षेस (साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन (SAARC) दक्षिण एशियाई देशों द्वारा बहुस्तरीय साधनों से आपस में सहयोग करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। इसकी शुरुआत 1985 में हुई। दक्षेस के तीन मूल सिद्धांत : (i) दक्षेस की सफलता उसके सदस्य देशों की राजनीतिक सहमति पर आधारित है। सभी देशों को आपसी मतभेद भुलाकर दक्षेस को मजबूत बनाना चाहिए ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस संगठन को महत्त्व मिले तथा उसकी आवाज सुनी जाए।
(ii) आपसी मतभेदों की छाया दक्षेस के कार्यक्रम क्रियान्वयन पर नहीं पड़नी चाहिए। दक्षेस के मंच पर बड़े देश या छोटे देश का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
(iii) सभी उसकी सफलता के लिए बराबर जिम्मेदार हों। द्विपक्षीय मुद्दों को दक्षेस से दूर रखना चाहिए। इस क्षेत्र का सबसे बड़ा तथा ताकतवर देश होने के कारण भारत को अपने पड़ोसियों की यथानुसार मदद करनी चाहिए। दक्षेस की मजबूती ही इस क्षेत्र की मजबूती है।

प्रश्न 2. लोकतांत्रिक अनुभवों के संदर्भ में, बांग्लादेश और पाकिस्तान की किन्हीं दो समानताओं तथा दो असमानताओं का वर्णन कीजिए ।
उत्तर : लोकतांत्रिक अनुभवों के संदर्भ में बांग्लादेश और पाकिस्तान की दो समानताएँ तथा असमानताएँ निम्नलिखित हैं :
समानताएँ :
(i) पाकिस्तान और बांग्लादेश में लोकतांत्रिक और सैनिक दोनों तरह के नेताओं का शासन रहा है। शीतयुद्ध के बाद के सालों में बांग्लादेश में लोकतंत्र कायम रहा है। पाकिस्तान में शीतयुद्ध के बाद के सालों में लगातार दो लोकतांत्रिक सरकारें बनीं।
(ii) पहली सरकार बेनजीर भुट्टो के नेतृत्व में और दूसरी नवाज शरीफ के नेतृत्व में कायम हुई लेकिन इसके बाद 1999 में पाकिस्तान में सैनिक तख्तापलट हुआ। यह भी कहा जा सकता है कि दोनों ही देश जब-तब सेना के नियंत्रण में ही रहते हैं।
असमानताएँ :
(i) पाकिस्तान में लोकतांत्रिक शासन के लिए ठोस अंतर्राष्ट्रीय समर्थन नहीं मिलता है। यही कारण है कि लोकतंत्र के चलते हुए सेना का प्रभुत्व कायम रहता है।
बांग्लादेश में लेफ्टिनेंट जनरल इरशाद को 1990 में जनता के व्यापक विरोध के चलते अपना पद छोड़ना पड़ा तथा 1991 से वहाँ बहुदलीय चुनावों पर आधारित प्रतिनिधिमूलक लोकतंत्र चल रहा है।.
(ii) पाकिस्तान के लोकतंत्र तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आतंकवाद तथा सैनिक शासन का साया कायम रहता है। इसके अलावा, अमरीका तथा दूसरे पश्चिमी देश अपने-अपने निहित स्वार्थों के कारण पाकिस्तान में सैनिक शासन को बढ़ावा देते रहे हैं। यद्यपि बांग्लादेश में भी लोकतंत्र तथा सेना के बीच सत्ता के लिए संघर्ष चलता रहा तथापि 1991 से बांग्लादेश में लोकतंत्र कायम है।

प्रश्न 3. दक्षिण एशिया के दो सर्वाधिक लघु देशों में किस तरह के राजनीतिक बदलाव दिखाई पड़ रहे हैं? इनका उल्लेख कीजिए ।
उत्तर : (1) दक्षिण एशिया के दो सबसे छोटे देशों में भी ऐसे ही बदलाव की बयार बह रही है। भूटान में अब भी राजतंत्र है लेकिन यहाँ के राजा ने भूटान में बहुदलीय लोकतंत्र स्थापित करने की योजना की शुरुआत कर दी है।
(2) दूसरा द्वीपीय देश मालदीव 1968 तक सल्तनत हुआ करता था। 1968 में यह एक गणतंत्र बना और यहाँ शासन की अध्यक्षात्मक प्रणाली अपनाई गई। 2005 के जून में मालदीव की संसद ने बहुदलीय प्रणाली को अपनाने के पक्ष में एकमत से मतदान किया। मालदीव में मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एम. डी.पी.) का राजनीतिक मामलों में दबदबा है। 2005 के चुनावों के बाद मालदीव में लोकतंत्र मजबूत हुआ है क्योंकि इस चुनाव में विपक्षी दलों को कानूनी मान्यता दे दी गई है।

प्रश्न 4. भारत द्वारा श्रीलंका में शांति सेना भेजने का क्या उद्देश्य था? इसे अपना लक्ष्य प्राप्त किए बिना वापिस क्यों बुलाया गया ?
उत्तर : (क) श्रीलंका में भारतवंशी तमिल भी हैं। अत: भारत सरकार ने श्रीलंका सरकार से समझौता किया तथा श्रीलंका सरकार और तमिलों के मध्य रिश्ते सामान्य करने के लिए भारतीय सेना भेजी गई।
(ख) भारतीय सेना (शांति सेना) की उपस्थिति को श्रीलंका की जनता द्वारा पसंद नहीं किया गया क्योंकि लोगों का विचार था कि भारत उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है। अतः 1989 में भारतीय सेना को वापिस बुला लिया गया।

प्रश्न 5. ‘शिमला समझौते’ के बारे में आप क्या जानते हैं?

अथवा

शिमला समझौता क्या था? इस पर हस्ताक्षर करने वालों के नाम लिखिए।
उत्तर : 1. आधुनिक बांग्लादेश 1971 से पूर्व पाकिस्तान का एक भाग था। 1971 में वहाँ गृह युद्ध शुरू हो जाने के कारण लाखों की संख्या में शरणार्थी भारत आये। भारत ने मानवीय आधार पर उनको शरण दी। इसके विरोधस्वरूप पाकिस्तान ने 3 दिसम्बर, 1971 को भारत के हवाई अड्डों पर धावा बोल दिया। भारतीय सेना ने बड़े वेग से जवाबी कार्यवाही की। पाकिस्तान युद्ध हार गया और उसका पूर्वी बंगाल का भाग स्वतंत्र होकर बांग्लादेश के रूप में उदित हुआ।
2.युद्ध के बाद भारत और पाकिस्तान के सम्बन्धों को सामान्य बनाने के लिए 3 जुलाई, 1972 को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों (श्रीमती इंदिरा गाँधी तथा जुल्फिकार अली भुट्टो) के बीच शिमला में एक समझौता हुआ। दोनों देशों ने यह करार किया कि भारत व पाकिस्तान के बीच डाक-तार सेवा फिर से चालू की जाएगी तथा आर्थिक व सांस्कृतिक क्षेत्रों में दोनों राष्ट्र एक-दूसरे की मदद करेंगे।

प्रश्न 6. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखो :
(i) दक्षेस का आठवाँ शिखर सम्मेलन
(ii) दक्षिण एशियाई अधिमानिक व्यापार (साप्टा) ।
(iii) दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र (साफ्टा)।
उत्तर : (i) आठवाँ सार्क शिखर सम्मेलन (Eight SAARC Summit) : आठवाँ सार्क सम्मेलन 2-4 मई, 1995 को नई दिल्ली (भारत) में हुआ। राज्याध्यक्षों ने सार्क के प्रथम दशक की उपलब्धियों पर संतोष प्रकट किया। दूसरे दशक में किन बिंदुओं पर कार्य हो इसके लिए सत्र बुलाने की स्वीकृति दी गयी । दक्षिण एशिया से गरीबी समाप्त करने का दृढ़ निश्चय किया गया।
(ii) SAPTA (साप्टा) : नौवाँ सार्क शिखर सम्मेलन कुरकुम्बा में 12 मई-14 मई, 1997 तक हुआ। इसमें दक्षिण एशियाई क्षेत्र को एक मुक्त व्यापार क्षेत्र, साप्टा (SAPTA) के रूप में विकसित करने का लक्ष्य 2001 में तय किया गया जो पहले 2005 तक तय किया गया था। सार्क देशों के बीच व्यापार पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। South Asia Preferential Trade Agreement के अंतर्गत दसवें शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री ने इसे 2001 तक प्रभावी बनाने के लिए सभी सदस्य राष्ट्रों से आह्वान किया कि सभी मिलकर संघर्ष करें।
(iii) दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र (South Asia Free Trade Area SAFTA) : इसके अंतर्गत यह निर्णय हुआ कि दक्षिण एशिया के देशों के बीच व्यापार करने के लिए वस्तुओं को कस्टम ड्यूटी से मुक्त किया जाए | SAPTA के स्थान पर 21वीं सदी के शुरू से SAFTA को लाने की बात कही गयी । पहली दक्षेस वाणिज्य मंत्रियों की कान्फ्रेंस नई दिल्ली में जनवरी, 1996 में हुई। सार्क ट्रेड फेयर का आयोजन भी भारत किया गया। ग्यारहवें शिखर सम्मेलन काठमांडू (2002) में तय किया गया कि वर्ष के अंत तक उसका प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा। सार्क वीजा एक्ज़पशन स्कीम लागू की गयी।

प्रश्न 7. दक्षिण एशिया में कौन-कौन से देश सम्मिलित हैं? इस क्षेत्र में शांति और सहयोग को कैसे बढ़ाया जा सकता है ?
उत्तर: I. देश : प्राय: (i) बांग्लादेश, (ii) भूटान, (iii) मालदीव, (iv) भारत, (v) नेपाल, (vi) पाकिस्तान और (vii) श्रीलंका (सात देशों) को इंगित करने के लिए दक्षिण एशिया पद का व्यवहार किया जाता है।
II. शांति तथा सहयोग :
1.इस क्षेत्र में शांति के प्रयास द्विपक्षीय स्तर भी हुए हैं और क्षेत्रीय स्तर पर भी। दक्षेस (साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन) (SAARC) की स्थापना दक्षिण एशियाई देशों द्वारा बहुस्तरीय साधनों से आपस में सहयोग करने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।
2.दक्षेस के सदस्य देशों ने सन् 2002 में दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र समझौते (SAFTA) पर हस्ताक्षर किए। इसमें पूरे दक्षिण एशिया के लिए मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने का वायदा है। यदि दक्षिण एशिया के सभी देश अपनी सीमा रेखा के आर-पार मुक्त व्यापार पर सहमत हो जाएँ तो इस क्षेत्र में शांति और सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।

प्रश्न 8. 1971 में हुए बांग्लादेश युद्ध के किन्हीं चार परिणामों का वर्णन कीजि
उत्तर : (i) 1971 के बांग्लादेश युद्ध के कारण पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश या पूर्वी पाकिस्तान को जन और धन की भारी हानि उठानी पड़ी।
(ii) पाकिस्तान का विभाजन हो गया और बांग्लादेश के रूप में एक नया प्रभुत्व सम्पन्न राष्ट्र अस्तित्व में आया।
(iii) पाकिस्तान ने बांग्लादेश के मामले में पूरी जिम्मेदारी भारत पर डाल दी। भारत और पाकिस्तान में युद्ध चला।
(iv) बांग्लादेश के लाखों लोग भारत में शरणार्थी बनकर आ गए। इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बुरा प्रभाव पड़ा।
(v) कालांतर में 3 जुलाई, 1972 को इंदिरा गाँधी और जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला समझौते पर दस्तखत हुए और इससे अमन की बहाली हुई ।

प्रश्न 9. भिन्न राजनीतिक प्रणालियाँ होते हुए भी पूरे दक्षिण एशिया में लोकतंत्र किस प्रकार एक स्वीकृत मानक बन गया है? व्याख्या कीजिए।

अथवा

‘दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के मिले-जुले रिकार्ड के बावजूद दक्षिण एशियाई देशों की जनता, लोकतंत्र की एक जैसी आकांक्षाएँ रखती है।’ व्याख्या कीजिए।

उत्तर : 1. बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान और म्यांमार दक्षिण एशियाई भू-भाग के देश हैं।
2.नेपाल एवं भूटान में अनेक बार संवैधानिक राजतंत्र का विरोध हुआ तथा लोकतंत्र की माँग उठी। बांग्लादेश और पाकिस्तान में सैनिक शासन का विरोध हुआ तथा लोकतंत्र की स्थापना भ हुई। भारत और श्रीलंका अपनी आजादी से ही लोकतंत्रीय देश बने हुए हैं। संक्षेप में, दक्षिण एशिया में लोकतंत्र का रिकार्ड मिला-जुला रहा है।
3.दक्षिण एशियाई देशों की जनता लोकतंत्र की आकांक्षाओं में सहभागी है। इस क्षेत्र में पाँच बड़े देशों में हाल ही में एक सर्वेक्षण किया गया था। सर्वेक्षण से यह बात जाहिर हुई कि इन पाँचों देशों में लोकतंत्र को व्यापक जन-समर्थन हासिल है।
4.इन देशों के आम नागरिक, चाहे वे धनी हों या गरीब अथवा उनका धर्म कोई भी हो-लोकतंत्र को अच्छा मानते हैं और प्रतिनिधित्वमूलक लोकतंत्र की संस्थाओं का समर्थन करते हैं।
5.इन देशों के लोग शासन की किसी और प्रणाली की अपेक्षा लोकतंत्र को वरीयता देते हैं और मानते हैं कि उनके देश के लिए लोकतंत्र ही ठीक है। ये निष्कर्ष बड़े महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि पहले से माना जाता रहा है कि लोकतंत्र सिर्फ विश्व के धनी देशों में फल-फूल सकता है। इस लिहाज से देखें तो दक्षिण एशिया के लोकतंत्र के अनुभवों से लोकतंत्र की वैश्विक कल्पना का दायरा बढ़ा है।

प्रश्न 10. 1971 से पहले, पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के लोगों में पश्चिम पाकिस्तान के विरुद्ध नाराजगी के किन्हीं दो कारणों को स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर : पूर्वी पाकिस्तान के लोगों में पश्चिमी पाकिस्तान के विरुद्ध नाराजगी के कारण निम्न थे :
1.अपने ऊपर उर्दू भाषा को लादना ।
2.पश्चिमी पाकिस्तान द्वारा पूर्वी पाकिस्तान पर दबदबा कायम करना।
पाकिस्तान के निर्माण के तुरंत बाद ही यहाँ के लोगों ने बंगाली संस्कृति और भाषा के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ विरोध जताना शुरू कर दिया। इस क्षेत्र की जनता ने प्रशासन में अपने न्यायोचित प्रतिनिधित्व तथा राजनीतिक सत्ता में समुचित हिस्सेदारी की माँग भी उठायी। पश्चिमी पाकिस्तान के प्रभुत्व का नेतृत्व शेख मुजीबुर्रहमान ने किया। उन्होंने पूर्वी क्षेत्र के लिए स्वायत्तता की माँग की।

प्रश्न 11. साफ्टा (SAFTA) से क्या अभिप्राय है ? इसके किन्हीं दो लाभों और किन्हीं दो सीमाओं का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर- 1. यह दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के सदस्य देशों द्वारा समूचे दक्षिण एशियाई देशों का मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने हेतु किया गया एक समझौता या करार है। इसको दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार समझौता (SAFTA) कहा जाता है।
II. लाभ
(i) इससे दक्षिण एशिया के सभी देशों के बीच शान्ति और सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।
(ii) इससे सीमा शुल्क में कटौती होगी और इन देशों के नागरिकों को उपभोक्ता वस्तुएँ सस्ते दामों पर मिल जाएँगी ।
III. सीमाएँ
(i) कुछ छोटे देशों को यह आशंका है कि इससे उनकी वस्तु बाजार पर भारत का नियंत्रण हो जायेगा और सामाजिक तथा राजनीतिक व्यवस्था भी प्रभावित होगी। (ii) दक्षिण एशिया के लगभग सभी देशों पर इस समय अमेरिका और चीन का प्रभाव है।

प्रश्न 12. दक्षेस (सार्क) से क्या अभिप्राय है? इसके द्वारा शांति तथा सहयोग कैसे बढ़ाया जा सकता है?
उत्तर :I.अभिप्राय : दक्षेस या सार्क संघ का गठन 1985 में ढाका में हुआ था। इसके सात सदस्य देशों के नाम है:
1.भारत, 2. पाकिस्तान, 3. मालदीव, 4. भूटान, 5. नेपाल, 6. श्रीलंका तथा 7. बांग्लादेश। अभी तक इसके 11 शिखर सम्मेलन हो चुके हैं। इसके शिखर सम्मेलनों में प्रादेशिक सहयोग ‘पर बल दिया गया है। व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए गए हैं।
II. शांति तथा सहयोग में योगदान : दक्षिण एशिया के इन सातों देशों में मित्रता, पारस्परिक सहयोग, शांति तथा विकास में वृद्धि की गयी है। प्रारंभ में सार्क ने तकनीकी सहयोग पर बल दिया ग्यारह तकनीकी समितियाँ सार्क द्वारा स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें कृषि, संचार, शिक्षा, संस्कृति एवं खेल, पर्यावरण और मौसम विज्ञान, स्वास्थ्य एवं जनसंख्या, ड्रग्स, विज्ञान और तकनीकी, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट और महिला विकास आदि समितियाँ बनायी गयी हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

प्रश्न 13. सार्क के किन्हीं दो उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) सार्क (दक्षेस) एक क्षेत्रीय संगठन है जो दक्षिण एशिया के सात देशों (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव) में चलने वाले पुराने ऐतिहासिक मतभेद को भुलाकर साथ-साथ जो भी कमजोरियाँ या कठिनाइयाँ क्षेत्रीय देशों के सामने आएँ उन्हें परस्पर सहयोग से स्थानीय स्तर पर उनका समाधान ढूँढ़ने का प्रयास किया जाए।
(ii) इस क्षेत्रीय संगठन का उद्देश्य यह भी है कि क्षेत्रीय संगठनों के सदस्य अपने-अपने इलाकों में अधिक शांतिपूर्ण और सहकारी क्षेत्रीय व्यवस्था विकसित करने की कोशिश करें। वे चाहते हैं कि वे अपने क्षेत्र के देशों की अर्थव्यवस्थाओं का समूह बनाने की दिशा में कार्य करें।

प्रश्न 14. पाकिस्तान के 1970 के आम चुनाव का परिणाम, उसके लिए सबसे बड़ा आंतरिक संकट क्यों बना?
उत्तर : 1. 1970 के आम चुनाव में खंडित जनादेश आया। जुल्फिकार अली भुट्टो की पार्टी पश्चिमी पाकिस्तान में कामयाब रही। पूर्वी पाकिस्तान में शेख मुजीबुर्रहमान की पार्टी अवामी लीग कामयाब रही।
2.पाकिस्तान के शासक इस जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहे थे। उन्होंने अवामी लीग की एक ‘परिसंघ’ बनाने की माँग को ठुकरा दिया। 1971 में शेख मुजीबुर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया तथा सेना ने पूर्वी पाकिस्तान के लोगों पर अत्याचार करने शुरू कर दिए।

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