Class 12th Political Science Chapter 6 Important Question Answer 3 Marks अन्तर्राष्ट्रीय संगठन

प्रश्न 1. “संयुक्त राष्ट्र संघ एक अपरिहार्य संगठन है। ” इसका अनुमान किन तर्को द्वारा लगाया जा सकता है?
उत्तर : “संयुक्त राष्ट्र संघ एक अपरिहार्य संगठन है” जिसका अनुमान निम्न तर्कों द्वारा लगाया जा सकता है। :
1.राजनीतिक उपलब्धियाँ : संयुक्त राष्ट्र ने अनेक अन्तर्राष्ट्रीय विवादों को हल करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें से कुछ विवाद इस प्रकार हैं- रूस-ईरान विवाद, यूनान विवाद, सीरिया और लेबनान की समस्या, इण्डोनेशिया की समस्या, कोर्फ चैनल विवाद, कोरिया समस्या, स्वेज नहर की समस्या, कांगो समस्या, यमन विवाद, कुवैत-इराक विवाद आदि ।
2.निःशस्त्रीकरण : संयुक्त राष्ट्र ने निःशस्त्रीकरण के लिए अनेक प्रयास किए हैं और आज भी कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने निःशस्त्रीकरण के लिए अनेक सम्मेलनों का आयोजन किया है।
3.अंतरिक्ष का मानव कल्याण के लिए प्रयोग : संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों के फलस्वरूप ही महासभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया कि बाहरी अंतरिक्ष का प्रयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए होगा।
4.अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग : संयुक्त राष्ट्र ने विश्व के देशों को एक ऐसा मंच प्रदान किया है जहाँ अन्तर्राष्ट्रीय समस्याओं पर विचार-विमर्श होता है। संयुक्त राष्ट्र ने विभिन्न देशों के बीच राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक आदि अनेक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया है।
5.अन्य उपलब्धियाँ : संयुक्त राष्ट्र ने सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, वैज्ञानिक इत्यादि गैर-राजनीतिक क्षेत्रों में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रश्न 2. संयुक्त राष्ट्र संघ को सशक्त बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?

अथवा

बदलते परिवेश में संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए 2005 से सुझाए गए किन्हीं छह सुधारों का आकलन दीजिए।

अथवा

संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए इसके सदस्य देशों द्वारा 2005 में सुझाए गए किन्हीं चार कदमों को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर : बदले परिवेश में संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रासंगिक और सशक्त बनाने के लिए उसमें सुधारों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। वर्ष 2005 में सुझाए गए कुछ सुधार निम्नलिखित
(i) जो देश अब भी संयुक्त राष्ट्र के सदस्य नहीं हैं, उन्हें सदस्य बनने के लिए राजी किया जाए, चीन, तिब्बत और ताईवान को स्वतंत्र सदस्यता दिये जाने का विरोध करता है जबकि अनेक सदस्य उसका समर्थन करते हैं।
(ii) सभी सदस्यों को एक मत देने का अधिकार होना चाहिए और वह व्यक्तिगत तौर पर गुप्त मतदान के रूप में प्रयोग किया जाना चाहिए। सभी निर्णय महासभा में बहुमत से होने चाहिए। बड़ी शक्तियाँ अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी हेकड़ी या वर्चस्व बनाये रखने के लिए इसकी अनुमति नहीं देती हैं।
(iii) सुरक्षा परिषद में पाँच की बजाय पंद्रह स्थायी सदस्य और वीटो का अधिकार समाप्त हो। यह सदस्यता विश्व के प्रमुख 50 राष्ट्रों को मतानुसार नंबर से दी जानी चाहिए, ऐसा पाँचों स्थायी सदस्य नहीं होने देना चाहते।
(iv) बदले हुए विश्व वातावरण में भारत, जापान, जर्मनी, कनाडा, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका को स्थायी सदस्यता दी जानी चाहिए।

प्रश्न 3. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के प्रश्न पर कई देशों को एतराज़ क्यों है? स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर : भारत चाहता है कि वह संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद् में निषेधाधिकार संपन्न (वीटोधारी) सदस्य बने, लेकिन कुछ देश सुरक्षा परिषद् में भारत को स्थायी सदस्य बनाने का विरोध करते हैं।

क्योंकि :
(i) कुछ देश भारत के परमाणु हथियारों को लेकर चिंतित कुछ और देशों का मानना है कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में कठिनाई के कारण भारत स्थायी सदस्य के रूप में अप्रभावी रहेगा।
(ii) कुछ अन्य देशों का मानना है कि उभरती हुई ताकत के रूप में अन्य देशों जैसे ब्राजील, जर्मनी, जापान और शायद दक्षिण अफ्रीका को भी शामिल करना पड़ेगा जिसका ये देश विरोध करते हैं।
(iii) कुछ देशों का विचार है कि अगर सुरक्षा परिषद् में किसी तरह का विस्तार होता है तो अफ्रीका और दक्षिण अमरीका को जरूर प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए क्योंकि मौजूद सुरक्षा परिषद् में इन्हीं महादेशों की नुमाइंदगी नहीं है। इन सरोकारी को देखते हुए भारत या किसी और देश के लिए निकट भविष्य में संयुक्त राष्ट्र संघ को सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य बन पाना मुश्किल लगता है।

प्रश्न 4. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना का वर्णन कीजिए। स्थायी तथा अस्थायी सदस्यों को दिए जाने वाले विशेषाधिकारों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : I. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की संरचना : सुरक्षा परिषद् में पाँच स्थायी और दस अस्थायी सदस्य हैं।
II. स्थायी तथा अस्थायी सदस्यों को दिए जाने वाले विशेषाधिकार में अंतर : (i) दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया में स्थिरता कायम करने के संयुक्त राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र में पाँच स्थायी सदस्यों की विशेष हैसियत दी गई।
(ii) पाँच स्थायी सदस्यों को मुख्य फायदा था कि सुरक्षा परिषद् में उनकी सदस्यता स्थायी होगी और उन्हें “वीटो” का अधिकार होगा।
(iii) अस्थायी सदस्य दो वर्षो के लिए चुने जाते हैं और इस अवधि के बाद उनकी जगह नए सदस्यों का चयन होता है। (iv) दो साल की अवधि तक अस्थायी सदस्य रहने के तत्काल बाद किसी देश को फिर से इस पद के लिए नहीं चुना जा सकता।
(v) अस्थायी सदस्यों का निर्वाचन इस तरह से होता है कि विश्व के सभी महादेशों का प्रतिनिधित्व हो सके।
(vi) अस्थायी सदस्यों को वीटों का अधिकार नहीं है। सुरक्षा परिषद् में फैसला मतदान के जरिए होता है। हर सदस्य को एक वोट का अधिकार होता है ।
(vii) स्थायी सदस्यों में से कोई एक अपने निषेधाधिकार (वीटो) का प्रयोग कर सकता है और इस तरह वह किसी फैसले को रोक सकता है। भले ही अन्य स्थायी सदस्यों और सभी अस्थायी सदस्यों ने उस फैसले के पक्ष में मतदान किया हो।

प्रश्न 5. ‘ह्यूमन राइट्स वाच’ क्या है ? मानव अधिकारों के क्षेत्र में इसके मुख्य योगदान का वर्णन कीजिए।
उत्तर : ‘ह्यूमन राइट्स वाच” : यह भी मानवाधिकारों की वकालत और उनसे संबंधित अनुसंधान करने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी संगठन है।
मानव अधिकारों के क्षेत्र में इसके मुख्य योगदान : (i) यह अमरीका का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन है।
(ii) यह दुनिया भर के मीडिया का ध्यान मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर खींचता है।
(iii) इसने बारूदी सुरंगों पर रोक लगाने के लिए बाल सैनिकों का प्रयोग रोकने के लिए और अंतर्राष्ट्रीय दंड न्यायालय स्थापित करने के लिए अभियान चलाने में मदद की है।

प्रश्न 6. सुरक्षा परिषद् की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए नए स्थायी तथा अस्थायी सदस्यों के लिए किन्हीं चार प्रस्तावित मापदंडों का वर्णन कीजिए । अथवा गत वर्षों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के नए स्थायी और अस्थायी सदस्यों के लिए प्रस्तावित किए गए कोई चार मापदण्ड लिखिए।
उत्तर : नए स्थायी और अस्थायी सदस्यों के लिए प्रस्तावित मापदंड :
1.नया सदस्य राष्ट्र एक प्रमुख आर्थिक शक्ति हो ।
2. नया सदस्य राष्ट्र एक प्रमुख सैनिक शक्ति हो ।
3.नया सदस्य राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र कोष को पर्याप्त धनराशि दे सकता है।
4.नया सदस्य राष्ट्र अपनी कुल जनसंख्या की दृष्टि से एक बड़ा देश होना चाहिए।
5.नया सदस्य राष्ट्र एक देश के रूप में लोकतंत्र एवं मानव अधिकारों का सम्मान करता हो ।
6.एक नया सदस्य राष्ट्र सुरक्षा परिषद् को भौगोलिक आर्थिक व्यवस्था एवं संस्कृति की दृष्टि से उसे अधिक उत्तरदायी बनाने में सहायक साबित होना चाहिए।

प्रश्न 7. संयुक्त राष्ट्र संघ में सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के निषेधाधिकार को समाप्त क्यों नहीं किया जा सकता? कोई दो कारण दीजिए।

अथवा

कोई दो कारण दीजिए जिनके आधार पर सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के निषेधाधिकार को समाप्त नहीं किया जा सकता।

अथवा

सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के विशेषाधिकार को क्यों समाप्त नहीं किया जा सकता ? कोई दो कारण दीजिए |
उत्तर : संयुक्त राष्ट्र संघ में सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्यों के निषेधाधिकार को निम्नलिखित कारणों से समाप्त नहीं किया जा सकता-
1.संयुक्त राष्ट्र संघ का संविधान ऐसा करने की अनुमति नहीं देता। पाँचों राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र संघ के जन्मदाता तथा आरम्भ से ही सर्वाधिक शक्तिशाली तथा साधन सम्पन्न थे। इनमें से ज्यादातर शक्तियाँ उपनिवेशों के मालिक थे तथा उन्हें अपनी विशेष स्थिति छोड़ने के लिए तैयार करना बहुत कठिन है।
2.कुछ लोग मानते हैं कि सुरक्षा परिषद् सबसे शक्तिशाली तथा महत्त्वपूर्ण अंग है। इसके स्थायी सदस्यों के निषेधाधिकार को समाप्त करने से शायद वे शक्तियाँ अन्तर्राष्ट्रीय मामलों एवं समस्याओं में बहुत रुचि लेना ही छोड़ देंगे।

प्रश्न 8. 1972 में संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास से संबंधित सम्मेलन (अंकटाड) की रिपोर्ट में वैश्विक व्यापार व्यवस्था में किन्हीं चार प्रस्तावित सुधारों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर : 1972 में संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास से संबंधित सम्मेलन (अंकटाड) की रिपोर्ट में वैश्विक व्यापार व्यवस्था के चार प्रस्तावित सुधार निम्नलिखित थे :
(i) 1972 में संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास से संबंधित सम्मेलन में ‘टुवार्ड्स अ न्यू ट्रेड पॉलिसी फॉर डेवेलपमेंट’ शीर्षक के तहत एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि अल्पविकसित देशों को अपने प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण हासिल होगा जिनका दोहन पश्चिम के विकसित देशों द्वारा किया जाता है।
(ii) अल्पविकसित देशों की पहुँच पश्चिमी देशों के बाजारों तक होगी। वे वहाँ अपना सामान बेच सकेंगे तथा इस प्रकार गरीब देशों के लिए यह व्यापार लाभकारी होगा।
(iii) पश्चिमी देशों से हासिल की जाने वाली टेक्नोलॉजी का मूल्य कम होगा।
(iv) अल्पविकसित देशों की अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं में भूमिका अहम होगी।

प्रश्न 9. संयुक्त राष्ट्र के निःशस्त्रीकरण के प्रयासों में भारत का क्या सहयोग रहा है ?

अथवा

निःशस्त्रीकरण को परिभाषित करें। निःशस्त्रीकरण के मुद्दे पर भारत क्या भूमिका निभाता रहा है?
उत्तर : I. अर्थ : निःशस्त्रीकरण का अर्थ है- विश्व शांति के लिए घातक हथियारों पर रोक लगाना।
II. भूमिका : निःशस्त्रीकरण में भारत की भूमिका निम्नलिखित है:
(क) भारत ने घोषणा की कि :
(i) भारत हथियारों की दौड़ से बाहर रहकर आवश्यक न्यूनतम परमाणु अवरोधक शक्ति बना रहेगा।
(ii) भारत भविष्य में भूमिगत परमाणु विस्फोट नहीं करेगा। (iii) परमाणु हथियारों के संदर्भ में भारत ने स्वेच्छा से इनको पहले प्रयोग न करने के सिद्धांत को स्वीकार किया।
(ख) भारत ने विश्व समुदाय के समक्ष ‘पहले प्रयोग न करने के समझौते को परमाणु हथियारों की समाप्ति की ओर एक कदम के रूप में सुझाया।
(ग) भारत, संयुक्त राष्ट्र में निःशस्त्रीकरण के मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। यह जेनेवा निःशस्त्रीकरण आयोग का एक सदस्य था। डॉ. होमी जहाँगीर भाभा 1955 में संयुक्त राष्ट्र के परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण प्रयोग के लिए हुए प्रथम सम्मेलन के निर्वाचित अध्यक्ष थे। भारत ने 1957 में वियना में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आई. ए. ई. ए.) के गठन में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
(घ) भारत ने 1988 में निःशस्त्रीकरण को समर्पित संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व को परमाणु हथियारों से मुक्त और अहिंसक विश्व व्यवस्था बनाने के लिए एक कार्य योजना प्रस्तुत की।

प्रश्न 10. संयुक्त राष्ट्र संघ के दूसरे महासचिव, डैग हेमरशेल्ड ने कहा था, “संयुक्त राष्ट्र का गठन मानवता को स्वर्ग ले जाने के लिए नहीं हुआ बल्कि उसे नरक से बचाने के लिए हुआ है। “
(i) उपरोक्त कथन में ‘स्वर्ग’ का क्या अर्थ है ?
(ii) इस कथन में ‘नरक’ का क्या अर्थ है ?

उत्तर : (i) उपर्युक्त कथन में स्वर्ग का अर्थ है-विश्व के तीसरे महायुद्ध या बड़े विनाश से बचा कर अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा को बनाये रखना तथा सभी राष्ट्रों में पारस्परिक प्रेम, विश्वास तथा सहयोग को बढ़ावा देना।
(ii) “नरक” का प्रासंगिक अर्थ यहाँ पर मानव-जाति के दरिद्र, पीड़ित, अशिक्षित और महामारियों के प्रकोप से ग्रस्त रहने का लिया गया है। ऐसे नारकीय जीवन से संपूर्ण मानव-जाति को समृद्धि की ओर ले जाने की बात कही गई है।

प्रश्न 11. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की नई सदस्यता के लिए सुझाए गए किन्हीं चार मानदंडों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : पिछले कुछ सालों में सुरक्षा परिषद् की स्थायी और अस्थायी सदस्यता के लिए कई मानदंड सुझाए गए। इनमें से चार मानदंड इस प्रकार हैं :
प्रस्तावित नए सदस्य देश ने :
(i) बड़ी आर्थिक और सैन्य शक्ति वाला होना चाहिए।
(ii) आबादी के लिहाज से बड़ा राष्ट्र होना चाहिए।
(iii) लोकतंत्र और मानवाधिकारों को पूर्ण सम्मान देने वाला होना चाहिए।
(iv) भौगोलिक परिवेश, अर्थव्यवस्था और संस्कृति के लिहाज से समूचे विश्व की विविधता वाला होना चाहिए।

प्रश्न 12. विश्व में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के होने के किन्हीं दो लाभों का उल्लेख कीजिए।

अथवा

संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर : आज के वैश्विक युग में अंतर्राष्ट्रीय संगठन अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं। इनके द्वारा विश्व बिरादरी को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं, जिनमें से दो निम्न हैं :
(क) अंतर्राष्ट्रीय संगठन युद्ध और शांति के मामलों में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए किन्हीं दो देशों के मध्य युद्ध की स्थिति में किसी अंतर्राष्ट्रीय संगठन की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है जो दोनों देशों को समझाकर युद्ध विराम करने में मदद कर सकते हैं। किसी भी अंतर्राष्ट्रीय संगठन के चूँकि कई देश सदस्य होते हैं अतः उनके हस्तक्षेप को गलत नहीं ठहराया जा सकता। युद्धरत देशों के हित भी उनमें से किसी न किसी देश से जुड़े रहते हैं।
(ख) अंतर्राष्ट्रीय संगठन पर्यावरण संरक्षण, महामारियों की रोकथाम, निर्धनता उन्मूलन आदि में संबंधित देशों की मदद करते हैं। कोई अकेला देश अपनी सभी समस्याओं को नहीं सुलझा सकता।

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