Class 12th Political Science Chapter 8 Important Question Answer 2 Marks पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन

प्रश्न 1. पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के मसले विश्व राजनीति के दायरे में क्यों आ गए हैं? कोई दो कारण लिखिए।
उत्तर : (i) वर्तमान में पर्यावरण के हो रहे विनाश को एक सरकार नहीं वरन् समूचे विश्व की सरकारें ही आपसी विचार-विमर्श करके रोक सकती हैं।
(ii) प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने तमाम दुनिया के देशों की सरकारों को यह सोचने के लिए बाध्य कर दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों का समुचित तथा तार्किक तरीके से प्रयोग किया जाए।

प्रश्न 2. पर्यावरण संरक्षण से संबंधित किन्हीं चार विश्व समझौतों की व्याख्या करें।
उत्तर : (i) तेल-प्रदूषण की हानि के लिए असैनिक दायित्व पर अंतर्राष्ट्रीय अभिसमय-1969, (ii) तेल प्रदूषण के उपघातों के विषयों में खुले समुद्र में हस्तक्षेप से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय अभिसमय-1969, (iii) अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की नम भूमि तथा विशेषकर पानी में रहने वाले पक्षियों के रहने के स्थान पर अभिसमय-1971, (iv) कूड़ा-करकट तथा अन्य सामान के ढेर लगाने से सामुद्रिक प्रदूषण को बचाने के लिए अभिसमय-1972.

प्रश्न 3. जून 2005 में हुई जी-8 की बैठक में भारत ने किन दो बातों की ओर विश्व समुदाय का ध्यान आकर्षित किया ?
उत्तर : 1. भारत का कहना था कि विकसित देश विकासशील देशों की अपेक्षा ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन अधिक कर रहे हैं।
2. भारत के अनुसार ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी करने की जिम्मेदारी भी विकसित देशों की अधिक है।

प्रश्न 4. भारत में ग्रीन हाउस गैसों की उत्सर्जन मात्रा की स्थिति लिखो ।
उत्तर : भारत में ग्रीन हाउस गैसों की उत्सर्जन मात्रा किसी भी विकसित देश के मुकाबले बहुत कम है। भारत में सन् 2000 तक ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन प्रति व्यक्ति 0.9 टन था। एक अनुमान के अनुसार सन् 2030 तक यह मात्रा बढ़कर 1.6 टन प्रति व्यक्ति हो जायेगी।

प्रश्न 5. मूलवासियों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष संरक्षण की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?
उत्तर : 1. मूल निवासियों को नये विकास कार्यों के नियोजन एवं विस्तार के साथ-साथ अपनी जमीन, जल तथा जीविका के साधनों के लिए बढ़ रहे खतरे से चिंता है।
2. उन्हें अपनी परंपरागत जीवन शैली एवं संस्कृति को बचाये रखने की चिंता है।

प्रश्न 6. मूलवासियों के जीवन-यापन के लिए सबसे बड़े खतरे की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर : मूलवासी अपने जीवनयापन के लिए प्राकृतिक संसाधनों एवं कृषि पर निर्भर हैं। परंतु विकसित देशों एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने इन प्राकृतिक संसाधनों एवं कृषि योग्य भूमि का दोहन अपने हित में करना शुरू कर दिया, जिससे मूलवासियों के जीवन–यापन पर खतरे पैदा हो गए हैं।

प्रश्न 7. पर्यावरण शरणार्थी से आप क्या समझते हो ?
उत्तर : पर्यावरण के खराब होने से एवं खाद्यान्न की उत्पादकता कम होने से लोगों द्वारा उस स्थान से हटकर कहीं और शरण लेना पर्यावरण शरणार्थी कहलाता है। 1970 के दशक में भयंकर अनावृष्टि से अफ्रीकी देशों के नागरिकों को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा था।

प्रश्न 8.राजमार्गों को बनाने के लिए पेड़ों को काटा जा रहा है। यह भविष्य को कैसे प्रभावित करेगा ?
उत्तर : वनों की कटाई पर प्रतिबंध लगाना चाहिए क्योंकि प्राकृतिक वन जलवायु को संतुलित करते है इनसे जलचक्र भी संतुलित रहता है। वनों में धरती की जैव विविधता का भंडार भरा रहता है लेकिन वनों की कटाई के कारण न केवल लोग विस्थापित हो रहे हैं बल्कि इससे जैव-विविधता को हानि भी हो रही है। अतः न केवल वनों की कटाई पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है बल्कि इसके साथ नए पेड़-पौधे लगाने चाहिए ताकि वनों की कटाई की भरपाई हो सके।

प्रश्न 9. पर्यावरण प्रदूषित होने के कोई दो कारण बताइए।
उत्तर : (1) वनों की निरन्तर कटाई के फलस्वरूप भूमि कठोरता कम हो रही है और भूक्षरण की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। निरन्तर वनों की कमी से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा के बढ़ने से पर्यावरण का प्रदूषित होना स्वाभाविक है।
(2) पर्यावरण के प्रदूषण की वर्तमान स्थिति के लिए पश्चिमी देश जिम्मेदार हैं क्योंकि इन्होंने प्राकृतिक संसाधनों का अन्धाधुन्ध दोहन किया है।

प्रश्न 10. वैश्विक तापन के कोई दो परिणाम बताइए।
उत्तर : (1) वैश्विक तापन से ग्लेशियरों का तापमान बढ़ने से बर्फ पिघलनी शुरू हो गई है, जिससे समुद्रतटीय कुछ देशों के जलमग्न होने का खतरा पैदा हो गया है।
(2) वैश्विक तापन से वातावरण का तापमान लगातार बढ़ रहा है जिससे कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ पैदा हो गई हैं।

प्रश्न 11. दक्षिणी देशों के वन आन्दोलन की कमी के कोई दो कारण लिखो।
उत्तर : (1) दक्षिणी देशों में वन आन्दोलन की कमी का एक कारण संसाधनों की कमी है।
(2) दक्षिणी देशों में आपसी सहयोग की कमी है, जिस कारण ये देश अपना आन्दोलन ठीक ढंग से नहीं चला पाते ।

प्रश्न 12. निर्जन वन का क्या अर्थ है?
उत्तर : निर्जन वन से अभिप्राय ऐसी जगह है जहाँ मनुष्य तथा जानवर नहीं पाये जाते हैं। उत्तरी गोलार्द्ध के कई देशों में निर्जन वन पाये जाते हैं। इन देशों में वनों को निर्जन प्रान्त के रूप में देखा जाता है। यहाँ मनुष्य निवास नहीं करते। इस प्रकार का दृष्टिकोण मनुष्य को प्रकृति का अंग नहीं मानता।

प्रश्न 13. विश्व में साफ पानी के भंडार पर लेख लिखो।
उत्तर : संयुक्त राष्ट्र संघ की विश्व विकास रिपोर्ट 2006 के आधार पर विश्व में साफ पानी का भण्डार बहुत कम है। पीने योग्य पानी के अभाव में प्रत्येक वर्ष लगभग 30 लाख से अधिक बच्चे मारे जाते हैं। विश्व की लगभग एक अरब 50 करोड़ जनता को साफ पानी उपलब्ध नहीं है।

प्रश्न 14. उत्तर-दक्षिण विभेद क्या है? कोई दो बिन्दु लिखिए।
उत्तर : उत्तरी देशों की मुख्य चिंता ओजोन परत की छेद और वैश्विक तापवृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) को लेकर थी । दक्षिणी देश आर्थिक विकास और पर्यावरण प्रबंधन के आपसी रिश्ते को सुलझाने के लिए ज्यादा चितिंत थे।

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