Index

1. ईंट मनके और अस्थियाँ

1. आरंभ 2. निर्वाह के तरीके 3. मोहनजोदड़ो 4. सामाजिक विभिन्नताओं का अवलोकन 5. शिल्प उत्पादन के विषय में जानकारी 6. माल प्राप्त करने सम्बन्धी नीतियाँ 7. मुहरें लिपि तथा बाट 8. प्राचीन सभ्यता 9. सभ्यता का अंत 10. हड़प्पा सभ्यता की खोज 11. अतीत को जोड़कर पूरा करने की समस्याएं मानचित्र बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 1 अंकीय प्रश्न उत्तर 2 अंकीय प्रश्न उत्तर

2. राजा किसान और नगर

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

3. बंधुत्व जाति और वर्ग

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

4. विचारक विश्वास और इमारतें

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 1 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 2

6. भक्ति सूफी और परम्पराएँ

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

7. एक साम्राज्य की राजधानी विजयनगर

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

8. उपनिवेशवाद और देहात

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

10. उपनिवेशवाद और देहात

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

11. विद्रोह और राज

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

13. महात्मा गाँधी और आन्दोलन

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

15. संविधान का निर्माण

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

Class 12th History Chapter 13 Important Question Answer 1 Marks महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन

प्रश्न 1. महात्मा गाँधी की तुलना अब्राहम लिंकन से क्यों की जाती है ?
उत्तर : (i) अमेरिका की ‘टाइम’ पत्रिका ने गाँधी के बलिदान की तुलना अब्राहम लिंकन के बलिदान से की है।
(ii) पत्रिका ने कहा कि एक धर्मार्थ अमेरिकी ने लिंकन को मार दिया था क्योंकि उन्हें नस्ल या रंग से हटकर मानव मात्र की समानता में विश्वास था और दूसरी ओर एक धर्मार्थ हिंदू ने गाँधी की लीला समाप्त कर दी, क्यांकि वे भाईचारे का प्रचार कर रहे थे।

प्रश्न 2. दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद गाँधी जी ने किन तीन स्थानों पर सत्याग्रह आंदोलन चलाया और कब-कब?
उत्तर : 1. 1916 में बिहार के चंपारन प्रदेश में।
2. 1917 में गुजरात के खेड़ा जिले में।
3.1918 में अहमदाबाद (गुजरात) में।

प्रश्न 3. ‘प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस’ क्या था ?
उत्तर : ‘प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस’ का आह्वान जिन्ना ने पाकिस्तान की स्थापना के लिए लीग की माँग के समर्थन में किया। इसके लिए 16 अगस्त, 1946 का दिन निश्चित किया गया था। उस दिन कलकत्ता में खूनी संघर्ष शुरू हो गया। यह हिंसा कलकत्ता से शुरू होकर ग्रामीण बंगाल, बिहार और संयुक्त प्रांत व पंजाब तक फैल गई। कुछ स्थानों पर मुसलमानों को तो कुछ अन्य स्थानों पर हिंदुओं को निशाना बनाया गया।

प्रश्न 4. नील का प्रयोग किसलिए किया जाता था ? भारत में इसकी खेती करना क्यों बदनाम हो गया ?
उत्तर : नील की खेती का उपयोग तथा नील की खेती का बदनाम होना : भारत में ही नहीं अितु विश्व में नील की बड़ी उपयोगिता थी। अंग्रेजों ने नील के व्यापार में दिखाई और उन्होंने भारतीय किसानों को भूमि के 3/20 भाग पर बहुत रुचि नील की खेती करने के लिए बाध्य किया। अंग्रेज नील की उपज को भी मनचाहे दाम पर खरीदते थे। भारत के कई प्रांतों में किसानों ने नील की खेती के प्रति अपनी घृणा प्रदर्शित की। 1917 ई. का चंपारन सत्याग्रह इसका प्रमुख उदाहरण है।

प्रश्न 5. गाँधी जी ने चम्पारन सत्याग्रह क्यों शुरू किया ?
उत्तर : (i) चम्पारन (बिहार) में यूरोपियन निलहे यहाँ के किसानों से नील की खेती कराते थे और उनके ऊपर अनेक प्रकार के अत्याचार करते थे। उन्हें अपने उत्पादन का उचित मूल्य नहीं मिलता था।
(ii) महात्मा गाँधी अफ्रीका के अपने आन्दोलन के अनुभव को चम्पारन में दोहराना चाहते थे। इसलिए वहाँ के किसानों की सहायता करने का आश्वासन दिया।

प्रश्न 6. बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में दिए गए गाँधी जी के भाषण का महत्त्व बताइए।
उत्तर : गोपाल कृष्ण गोखले ने गाँधी जी को एक वर्ष तक ब्रिटिश भारत की यात्रा करने की सलाह दी जिससे कि वे इस भूमि और इसके लोगों को जान सकें। उनकी पहली महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक उपस्थिति फरवरी, 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में हुई। जब गाँधी जी की बोलने की बारी आई तो उन्होंने मजदूर गरीबों की ओर ध्यान न देने के कारण भारतीय विशिष्ट वर्ग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना निश्चय ही अत्यंत शानदार है किंतु उन्होंने वहाँ धनी व सजे-सँवरे भद्रजनों की उपस्थिति और लाखों गरीब भारतीयों की में अनुपस्थिति के बीच की विषमता पर अपनी चिंता प्रकट की।

प्रश्न 7. असहयोग आंदोलन के कार्यक्रम में शामिल चार बातें बताएं।
उत्तर : 1. सरकार द्वारा दी गई पदवियाँ लौटाना।
2.सरकारी नौकरियों, सेना, पुलिस, विधायी परिषदों, स्कूलों आदि का बहिष्कार करना।
3.विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करना।
4.यदि सरकार दमन का रास्ता अपनाए तो व्यापक सविनय अवज्ञा अभियान चलाना।

प्रश्न 8. अहमदाबाद की 1918 की हड़ताल में कर्मचारियों की मुख्य माँगें क्या थीं ?
उत्तर : अहमदाबाद की 1918 की हड़ताल में कर्मचारियों की मुख्य माँगें : 1918 ई. में अहमदाबाद के कारखानों में कर्मचारियों द्वारा भारी हड़ताल हुई। इसमें श्रमिकों की मुख्य माँगें वेतन वृद्धि तथा सेवा-शर्तों में मालिकों द्वारा सुविधाएँ प्रदान करना था। जैसा कि हमें ज्ञात है इन कारखानों में श्रमिकों को काम के बदले वेतन कम दिया जाता था उनके आवास, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य का पूरा ध्यान नहीं रखा जाता था। श्रमिकों को कारखाने के मालिक कभी भी निकाल सकते थे।

प्रश्न 9. गाँधी जी की चमत्कारिक शक्तियों के बारे में लोगों द्वारा फैलाई गई अफवाहों में से किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : महात्मा गाँधी की चमत्कारिक शक्तियों के बारे में कई अफवाहें फैली हुई थीं। इनमें से दो अफवाहें निम्नलिखित थीं :
(i) कुछ स्थानों पर यह कहा गया कि उन्हें राजा द्वारा किसानों के कष्टों को दूर करने के लिए भेजा गया और उनके पास सभी स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों को अस्वीकृत कर देने की शक्ति है।
(ii) कुछ अन्य स्थानों पर यह दावा किया गया कि गाँधी जी की शक्ति ब्रिटिश सम्राट् से उत्कृष्ट है और उनके आने से औपनिवेशिक शासन जिले से भाग जाएँगे।

प्रश्न 10. 1919 ई. के भारत सरकार अधिनियम की दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर : 1. इस कानून में प्रांतीय विधान परिषदों का आकार बढ़ा दिया गया तथा निश्चित किया गया कि अधिकांश सदस्य चुनाव जीत कर आयेंगे।
2. दुहरी शासन प्रणाली के अधीन प्रांतीय सरकारों को अधिक अधिकार दिए गये।

प्रश्न 11. भारतीय राजनीति पर जलियाँवाला बाग के हत्याकांड का क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर : 1. इस हत्याकांड में जो अनेक निहत्थे भारतीय मारे गए उससे भारतीयों को अंग्रेजी शासन पर बिल्कुल विश्वास न रहा।
2.1919 ई. के बाद भारतीय राजनीति ने और उग्र रूप धारण कर लिया और क्रांतिकारी युद्ध का आरंभ हुआ। लोगों के मन में प्रतिशोध की भावना जाग उठीं।

प्रश्न 12. गाँधी जी को किन घटनाओं ने एक राष्ट्रवादी तथा सच्चे राष्ट्रीय नेता की छवि प्रदान की?
उत्तर : 1. चंपारन, अहमदाबाद और खेड़ा के अभियानों ने गाँधी जी को एक ऐसे राष्ट्रवादी की छवि प्रदान की जिनके मन में गरीबों के लिए गहरी सहानुभूति थी।
2.रॉलेट सत्याग्रह ने गाँधी जी को एक सच्चा राष्ट्रीय नेता बनाया।

प्रश्न 13. 1915 में जब गाँधीजी भारत लौटे तो उन्होंने यहाँ कुछ परिवर्तन देखे । ऐसे किन्हीं दो परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) 1915 में जब महात्मा गाँधी भारत आए तो उस समय का भारत 1893 में जब वे यहाँ से गए थे तब के समय से अपेक्षाकृत भिन्न था। यद्यपि यह अभी भी एक ब्रिटिश उपनिवेश था लेकिन अब यह राजनीतिक दृष्टि से कहीं अधिक सक्रिय हो गया था। अधिकांश प्रमुख शहरों और कस्बों में अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की शाखाएँ थीं। 1905-07 के स्वदेशी आंदोलन के माध्यम से इसके व्यापक रूप से मध्य वर्गों के बीच, अपनी अपील का विस्तार कर लिया था।
(ii) कुछ नेताओं ने जहाँ औपनिवेशिक शासन के प्रति लड़ाकू विरोध का समर्थन किया वहीं ‘उदारवादियों’ का एक समूह था जो एक कृत्रिम व लगातार प्रयास करते रहने के विचार का हिमायती था। इन उदारवादियों में गाँधीजी के मान्य राजनीतिक परामर्शदाता गोपालकृष्ण गोखले के साथ ही मोहम्मद अली जिन्ना थे जो गाँधी जी की तरह गुजराती मूल के लंदन में प्रशिक्षित वकील थे।

प्रश्न 14. गाँधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन आरंभ करने के दो प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर : 1. पंजाब में हुए जलियाँवाला बाग हत्याकांड एवं अत्याचारों की अंग्रेजों द्वारा भरपाई न करना।
2.तुर्की के सुल्तान या खलीफा से संबंधित अन्याय तथा अत्याचारों की ब्रिटिश सरकार द्वारा अनदेखी करना।
3.स्वराज्य प्राप्त करना।
4.हिन्दू-मुस्लिम एकता को और मजबूत करना ।

प्रश्न 15. 1920 के असहयोग आंदोलन के दो प्रभावों का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर : 1. भारत के राष्ट्रीय आंदोलन का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया। वह गाँव-गाँव तथा जनसाधारण तक फैल गया।
2.इस आंदोलन में हिन्दू-मुस्लिम एकता को बल मिला।

प्रश्न 16. गाँधीजी ने 1922 ई. में असहयोग आंदोलन क्यों वापस लिया ?
उत्तर : 1. 1922 ई. में चौरी-चौरा नामक स्थान पर जब निहत्थी भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो क्रुद्ध भीड़ ने थाने में आग लगा दी और उसमें 22 जिंदा सिपाहियों को जला डाला।
2.गाँधीजी ने आंदोलन का हिंसक रूप देखा तो उन्हें बड़ी निराशा हुई। अतः दु:खी हृदय से उन्होंने असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया।

प्रश्न 17. साइमन कमीशन कब और क्यों भारत आया?
उत्तर : साइमन कमीशन 1928 ई० को भारत आया। इस कमीशन का काम यह देखना था कि 1919 ई० में दी गई सुविधाओं में और क्या फेर-बदल किया जाये।

प्रश्न 18. क्रिप्स मिशन कब भारत आया ? क्रिप्स वार्ता क्यों भंग हो गई ?

अथवा

भारत में क्रिप्स मिशन की असफलता के दो कारण बताइए।
उत्तर : क्रिप्स मिशन मार्च, 1942 में भारत आया। (i) यह वार्ता इसलिए भंग हो गई क्योंकि अंग्रेज सरकार युद्ध के बाद भी भारत को स्वाधीनता का वचन देने के लिए तैयार नहीं थी। (ii) क्रिप्स ने कांग्रेस का यह प्रस्ताव भी ठुकरा दिया था कि युद्ध के बाद एक राष्ट्रीय सरकार बनाई जाए।

प्रश्न 19. बारदौली में हुई कांग्रेस की कार्यसमिति में पारित प्रस्ताव का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : बारदौली में हुई कांग्रेस की कार्यसमिति में पारित प्रस्ताव में मजदूरों और किसानों के आंदोलन को राष्ट्रीय आंदोलन का अंग माना गया तथा उनके आर्थिक और सामाजिक उत्थान के उद्देश्य को समझा गया।

प्रश्न 20. बारदौली में कांग्रेस पार्टी ने क्या ऐतिहासिक निर्णय ( 1922 ) में लिए इन निर्णय लेने के पीछे क्या कारण नियत थे ?
उत्तर : गुजरात में बारदौली के स्थान पर हुई कांग्रेस की कार्यसमिति ने सरकार के विरुद्ध सत्याग्रह आंदोलन चलाने की सोची क्योंकि वहाँ किसानों या बटाईदारों की दशा बहुत खराब थी। वे लगान में कमी, बेदखली से सुरक्षा और कर्जे से राहत चाहते क्योंकि अंग्रेजी सरकार उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही थी इसलिए 1928 में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में किसानों ने टैक्स न देने का आंदोलन चलाया। अंत में वे अपनी माँगें मनवाने में सफल हुए।

प्रश्न 21. महात्मा गाँधी के नेतृत्व में हुए भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दो प्रमुख पक्षों की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए ।
उत्तर : 1. गाँधीजी ने सत्याग्रह की नई विधि को चलाया जिसका आधार सत्य और अहिंसा था।
2.उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन को जन आंदोलन का रूप दिया जिसमें किसान, मजदूर, स्त्रियाँ, उच्च एवं निम्न वर्ग के लोग शामिल थे।

प्रश्न 22. राष्ट्रवादी आंदोलन के इतिहास के संदर्भ में अपरिवर्तनशील (Non-Changers) शब्द किसके लिए हैं?
उत्तर : 1. 1922 ई. में असहयोग आंदोलन गाँधीजी द्वारा वापस लिए जाने के बाद, जिन लोगों ने स्वराजवादियों का साथ नहीं दिया, उन्हें ‘अपरिवर्तनवादी’ कहा जाने लगा।
2. उन लोगों में से प्रमुख थे-सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. अंसारी और बाबू राजेंद्र प्रसाद।

प्रश्न 23. असहयोग आंदोलन के बाद कुछ कांग्रेसियों के ‘अपरिवर्तनवादी’ कहे जाने के कारण बताइये।
उत्तर : असहयोग आंदोलन के बाद कुछ कांग्रेसियों के ‘अपरिवर्तनवादी’ कहे जाने के कारण : चौरी-चौरा में हिंसा के प्रयोग के पश्चात् गाँधीजी ने 1922 ई. में असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया। इसका मोतीलाल नेहरू, चितरंजन दास जैसे नेताओं ने विरोध किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. अंसारी, बाबू राजेंद्र प्रसाद आदि कांग्रेसी नेताओं को अपरिवर्तनवादी कहकर पुकारा, क्योंकि ये नेता गाँधीजी में अपनी पूरी आस्था रखते थे और कांग्रेस की नीतियों में परिवर्तन के विरोधी थे। इन लोगों ने विधानसभाओं में जाने का भी विरोध किया।

प्रश्न 24. कब और क्यों स्वराज दल का गठन हुआ ?
उत्तर : 1. सी. आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने दिसम्बर 1922 ई. में स्वराज दल की स्थापना की।
2.गाँधीजी ने जब चौरी-चौरा कांड के बाद असहयोग आंदोलन वापस ले लिया, तो इससे रुष्ट होकर चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने ऐसा किया।

प्रश्न 25. स्वराज्य दल ने क्यों विधान परिषदों का बहिष्कार नहीं किया ? कोई दो कारण बताइए।
उत्तर : 1. स्वराज्यवादी अन्य कांग्रेसी नेताओं (अपरिवर्तनवादियों) के इस विचार से सहमत नहीं थे कि राष्ट्रवादियों को विधानमंडलों का बहिष्कार जारी रखना चाहिए। वे उनमें भाग लेने के पक्षधर थे, ताकि उनमें भाग लेकर सरकारी योजनाओं में बाधा खड़ी की जाये।
2.वे विधानमंडलों को स्वराज्य के लिए चल रहे संघर्ष के मंच के रूप में प्रयोग करना चाहते थे।

प्रश्न 26. कांग्रेस के 1929 के अधिवेशन का क्या महत्त्व था ? कोई दो बिंदु लिखें।

अथवा

दिसंबर, 1929 में लाहौर में हुए कांग्रेस अधिवेशन के महत्त्व की परख कीजिए।
उत्तर : 1. दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव पारित किया गया।
2. इसी अधिवेशन में सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया
3. जवाहरलाल नेहरू का अध्यक्ष के रूप में चुनाव भारत की युवा पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने का प्रतीक था।
4. 26 जनवरी , 1930 को विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तथा देशभक्त के गीत गाकर ‘स्वतंत्रता दिवस’ मनाया गया। गाँधीजी ने कहा कि “यदि (स्वतंत्रता की) उद्घोषणा सभी गाँवों और सभी शहरों यहाँ तक कि……. अच्छा होगा। अगर सभी जगहों पर एक समय पर संगोष्ठियाँ हों तो अच्छा होगा।”

प्रश्न 27. 1920 ई. के बाद क्रांतिकारियों के दृष्टिकोण में जो परिवर्तन आया, उसके दो परिणाम लिखें।
उत्तर : 1. 1925 ई. में काकोरी (उ. प्र.) स्टेशन पर गाड़ी से जा रहे सरकारी खजाने को लूट लिया। इस धन को वे बम और हथियार खरीदने में लगाना चाहते थे।
2.साइमन कमीशन का बहिष्कार करने के उद्देश्य से लाहौर में जब लाला लाजपत राय के नेतृत्व में विरोध जुलूस निकाला गया, तो उस पर भीषण लाठी प्रहार हुआ। लाला जी बुरी तरह घायल हो गये और बाद में इसी कारण से उनकी मृत्यु हो गई। दिसंबर, 1929 ई. में दोषी पुलिस अधिकारी सांडर्स को क्रांतिकारियों ने गोलियों से छलनी कर दिया।

प्रश्न 28. काकोरी षड्यंत्र कांड क्या था ?
उत्तर : 1. राजकीय कोष को चलती गाड़ी में लूटने के रूप में ब्रिटिश सरकार ने काकोरी रेलवे स्टेशन पर 1925 ई. में कुछ क्रांतिकारियों को कैद करके उन पर मुकदमा चलाया।
2.सत्रह लोगों को लम्बी जेल की सजा मिली, चार को आजीवन कारावास तथा राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाकुल्ला सहित चार लोगों को फाँसी हुई।

प्रश्न 29. भगत सिंह के समाजवादी विचारों के विषय में दो बिंदु दीजिए।
उत्तर : 1. भगत सिंह का समाजवाद में यकीन था। उन्होंने लिखा था कि “किसानों को केवल विदेशी शासन ही नहीं वरन् जमींदारों तथा पूँजीपतियों के जुए से भी खुद को मुक्त कराना होगा।” 2. भगत सिंह ने समाजवाद की वैज्ञानिक परिभाषा देते हुए कहा था कि इसका अर्थ पूँजीवाद तथा वर्गीय शासन का अंत करना है।

प्रश्न 30. “भगत सिंह पूरी तरह और चेतन रूप से धर्म निरपेक्ष थे।” दो बिंदु दीजिए।
उत्तर : 1. भगत सिंह के अनुसार सांप्रदायिकता भी उपनिवेशवाद की तरह बहुत बड़ा मानवीय शत्रु है।
2. 1926 में भगत सिंह ने पंजाब में नौजवान भारत सभा की स्थापना में भाग लिया। सभा के नियमों में कहा गया कि सांप्रदायिक विचार फैलाने वाले संगठनों तथा दलों से संबंध न रखा जाए। धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है।

प्रश्न 31. भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में क्रांतिकारी अधिक सफल क्यों न हो सके ? कोई दो कारण लिखो।
उत्तर : 1.क्रांतिकारी लूटमार तथा हिंसा की नीति में विश्वास रखते थे। ऐसी नीति अधिक देर तक सफल नहीं हो सकती।
2.क्रांतिकारी को जन-साधारण का समर्थन प्राप्त नहीं था।

प्रश्न 32. 1927 में ब्रुसेल्स में आयोजित उत्पीड़ित जातीयताओं के सम्मेलन का उद्देश्य क्या था ? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से इस सम्मेलन में किसने भाग लिया था ?
उत्तर : 1. इस सम्मेलन का उद्देश्य सभी के साम्राज्यवादी संघर्ष में तालमेल करना तथा उसे योजनाबद्ध स्वरूप देना था।
2.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से नेहरू जी ने इस सम्मेलन में भाग लिया। उन्हें ‘लीग अगेंस्ट इंपीरियलिज्म’ की कार्यकारिणी परिषद का सदस्य भी चुना गया।

प्रश्न 33. ‘करो या मरो’ का नारा किसने दिया और क्यों ?
उत्तर : ‘करो या मरो’ का नारा महात्मा गाँधी जी ने भारत छोड़ो आंदोलन के समय दिया। उस समय द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था। युद्ध में इंग्लैंड की नाजुक स्थिति के कारण भारत पर खतरे के बादल मंडरा रहे थे। गाँधी जी का मानना था कि इस स्थिति में उन्हें अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना ही होगा। इसी कारण उन्होंने लोगों को ‘करो या मरो’ का नारा दिया।

प्रश्न 34. राष्ट्रीय आंदोलन में राजघरानों (Princely States) के लोगों को क्यों शामिल किया गया ?
उत्तर : 1. राष्ट्रीय आंदोलन में देशी राज्यों की प्रजा को इसलिए शामिल किया गया, क्योंकि लगभग 563 राज्यों के बिना भारत अधूरा था।
2.कांग्रेस राजघरानों को देश का अभिन्न अंग मानती थी।

प्रश्न 35. कांग्रेस के 1929 के लाहौर अधिवेशन का महत्त्वपूर्ण पक्ष क्या था ?
उत्तर : 1. इससे नई उग्रवादी विचारधारा को बल मिला।
2.”पूर्ण स्वराज्य” प्राप्ति के लिए कांग्रेस कटिबद्ध हुई।
3.नागरिक अवज्ञा आंदोलन आरंभ किया गया।
4.पहले स्वतंत्रता दिवस को 26 जनवरी, 1930 ई. को लाहौर में रावी के तट पर झंडा फहराकर मनाया गया।

प्रश्न 36. 1917 में चंपारन के काश्तकारों को सुरक्षा दिलाने के लिए गाँधीजी ने क्या किया ? उल्लेख कीजिए।
उत्तर : दिसम्बर 1916 में लखनऊ में हुई वार्षिक कांग्रेस में बिहार में चंपारन से आए एक किसान ने उन्हें वहाँ अंग्रेज नील । उत्पादकों द्वारा किसानों के प्रति किए जाने वाले कठोर व्यवहार के बारे में बताया।
1917 का अधिकांश समय महात्मा गाँधी को किसानों के लिए काश्तकारी की सुरक्षा के साथ-साथ अपनी पसंद की फसल उपजाने की आजादी दिलाने में बीता।

प्रश्न 37. 1924 में जेल से रिहा होकर गाँधीजी ने क्या किया ?
उत्तर : महात्मा गाँधी को 1922 में राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। फरवरी, 1924 में वे जेल से रिहा हो गए। अब उन्होंने अपना ध्यान घर में बुने कपड़े (खादी) को बढ़ावा देने तथा छुआछूत को समाप्त करने पर लनगाया। उनका विश्वास था कि स्वतंत्रता पाने के लिए सभी मतों के भारतीयों के बीच सद्भावना का वातावरण तैयार करना होगा। इसलिए उन्होंने हिंदू-मुसलमानों के बीच सौहार्द्र पर बल दिया।

प्रश्न 38. गाँधी-इरविन समझौता क्या था ?’ उत्तर : (i)गाँधी-इरविन समझौता 5 मार्च, 1931 को हुआ। इसके अनुसार गांधीजी ने लंदन में होने वाले दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेना स्वीकार कर लिया।
(ii) बदले में सरकार राजनीतिक कैदियों को रिहा करने पर सहमत हो गई।
(iii) तटीय प्रदेशों में लोगों को नमक बनाने की अनुमति दे दी गई।

प्रश्न 39. असहयोग आंदोलन तथा सविनय अवज्ञा आंदोलन ने राष्ट्रीय आंदोलन को कैसे अधिक शक्तिशाली बनाया ?
उत्तर : 1. इन दोनों आंदोलनों के कारण किसान, दस्तकार और शहरी गरीब राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हो गये।
2.भारतीय समाज के सभी वर्गों का राजनीतिकरण हुआ।
3. स्त्रियाँ भी आंदोलन में उतर आईं। अब यह आंदोलन क्रांतिकारी चरित्र ले रहा था।

प्रश्न 40. ‘खुदाई खिदमतगार आंदोलन’ कहाँ और क्यों चलाया जा रहा था ? इसके प्रमुख नेता कौन थे ?
उत्तर : 1. ‘खुदाई खिदमतगार आंदोलन’ पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत में किसानों द्वारा सरकार की मालगुजारी नीति के खिलाफ चलाया जा रहा था।
2. इस आंदोलन के प्रमुख नेता खान अब्दुल गफ्फार खान थे।

प्रश्न 41. 1945-46 ई. में अंग्रेजों के विरुद्ध स्वतंत्रता के लिए जन आंदोलन के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर : 1. आर्थिक शोषण और निरंतर अपमान सहते-सहते प्रत्येक स्तर पर भारतीय बौखला गया था।
2.चाहे किसान हो या जमींदार, सिपाही हो या जनसाधारण, सबके प्रति अंग्रेजों के अपमानपूर्ण रवैये के बदले में जो लावा दबा हुआ था उसे एक न एक दिन फूटना ही था।

प्रश्न 42. वेवल योजना कब और क्यों बनाई गई थी ?
उत्तर : वेवल योजना 14 जून, 1945 को लार्ड वेवल द्वारा बनाई गई। इसका उद्देश्य भारत में व्याप्त जनाक्रोश को कम करना था।

प्रश्न 43. शिमला कांफ्रेंस कब और कहाँ पर हुई थी ? इसके उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर : शिमला कांफ्रेंस 25 जून, 1945 को शिमला में हुई थी। इसका उद्देश्य स्वच्छ राजनीतिक वातावरण बनाने के लिए सभी दलों के नेताओं को एकमत करना था।

प्रश्न 44. कैबिनेट मिशन योजना के कौन-कौन से सदस्य थे ?
उत्तर : कैबिनेट मिशन योजना के तीन सदस्य थे-पैथिक, लारेंस, सर स्टीफोर्ड क्रिप्स और ए. बी. एलेक्जेंडर।

प्रश्न 45. कैबिनेट मिशन योजना क्या थी ?
उत्तर : कैबिनेट मिशन 24 मार्च, 1946 को दिल्ली पहुँचा। इस मिशन ने 182 बैठकें और भारत के 742 नेताओं के साथ बातचीत की।

प्रश्न 46. 1946 ई. में कैबिनेट मिशन जो भारत आया उसकी दो मुख्य सिफारिशें क्या थीं ?
उत्तर : 1. भारतीय रियासतों और प्रान्तों का एक सांझा संघ बनाया जाये।
2. भारत का संविधान तैयार करने के लिए एक योजना बनाई गई और एक संविधान सभा का निर्माण करने को कहा गया था।

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