1 अंकीय प्रश्न उत्तर – यात्रियों के नजरिए समाज के बारे में उनकी समझ – Class12th History Chapter 5

Index

1. ईंट मनके और अस्थियाँ

1. आरंभ 2. निर्वाह के तरीके 3. मोहनजोदड़ो 4. सामाजिक विभिन्नताओं का अवलोकन 5. शिल्प उत्पादन के विषय में जानकारी 6. माल प्राप्त करने सम्बन्धी नीतियाँ 7. मुहरें लिपि तथा बाट 8. प्राचीन सभ्यता 9. सभ्यता का अंत 10. हड़प्पा सभ्यता की खोज 11. अतीत को जोड़कर पूरा करने की समस्याएं मानचित्र बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 1 अंकीय प्रश्न उत्तर 2 अंकीय प्रश्न उत्तर

2. राजा किसान और नगर

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

3. बंधुत्व जाति और वर्ग

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

4. विचारक विश्वास और इमारतें

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 1 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 2

6. भक्ति सूफी और परम्पराएँ

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

7. एक साम्राज्य की राजधानी विजयनगर

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

8. उपनिवेशवाद और देहात

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

10. उपनिवेशवाद और देहात

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

11. विद्रोह और राज

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

13. महात्मा गाँधी और आन्दोलन

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

15. संविधान का निर्माण

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1. लोग किन उद्देश्यों से यात्राएँ करते थे ? कोई चार उद्देश्य लिखिए।
उत्तर : (1) कार्य की तलाश में।
(2) प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए।
(3) व्यापारी, सैनिक, पुरोहित तथा तीर्थयात्री के रूप में।
(4) साहस की भावना से प्रेरित होकर।

प्रश्न 4.फ्रांसीसी दार्शनिक मॉन्टेस्क्यू का प्राच्य अथवा निरंकुशवाद का सिद्धांत क्या था ? इस तर्क का आधार क्या था ?
उत्तर : प्राच्य निरंकुशवाद के अनुसार एशिया में शासक प्रजा पर असीम प्रभुत्व का उपभोग करते हैं और उसे दासता और गरीबी की स्थिति में रखते हैं। इस तर्क का आधार यह था कि सारी भूमि पर राजा का स्वामित्व होता था।

प्रश्न 3. इब्न बतूता ने नारियल का वर्णन किस प्रकार किया है ?
उत्तर : ये पेड़ स्वरूप से सबसे अनोखे तथा प्रकृति में सबसे आश्चर्यजनक वृक्षों में से एक है। ये सर्वथा खजूर के वृक्ष जैसे दिखते हैं।

प्रश्न 4. अल-बिरूनी ने जाति प्रथा के सम्बन्ध में अपवित्रता की मान्यता को क्यों नहीं स्वीकार किया ?
उत्तर : (i) उसके अनुसार प्रत्येक वह वस्तु जो अपवित्र हो जाती है, अपनी पवित्रता को मूल स्थिति को पुनः प्राप्त करने का प्रयास करती है और सफल होती है।
(ii) सूर्य हवा को स्वच्छ करता है और समुद्र में नमक पानी. को गंदा होने से बचाता है। अल-बिरूनी जी देखकर कहता है कि यदि ऐसा नहीं होता तो पृथ्वी पर जीवन असंभव होता।

प्रश्न 5, भारत का विवरण लिखने में अल-बिरूनी को जिन दो समस्याओं का सामना करना पड़ा, उन्हें बताइए।
उत्तर : भारत के वृत्तांत को लिखने में अल-बिरूनी को निम्नलिखित बाधाएँ आई : (i) भारतीय भाषा-संस्कृत अरबियन और फारसी से भिन्न थी। (ii) विभिन्न धार्मिक विश्वासों और प्रथाओं का होना।

प्रश्न 6. “रिला’ तथा ‘ट्रैवल्स इन द मुगल एंपायर’ के लेखकों के नाम बताओ।
उत्तरः ‘रिह्ला’ का लेखक इब्न-बतूता तथा ‘ट्रैवल्स इन द मुगल एंपायर’ का लेखक बर्नियर था।

प्रश्न 7. अल बिरूनी के लेखन कार्य की दो विशेषताएँ बताओ।
उत्तर : (1) अलबरूनी ने अपने लेखन कार्य में अरबी भाषा का प्रयोग किया।
(2) उसने लेखन कार्य में जिस सामग्री का प्रयोग किया, उसके प्रति उसका दृष्टिकोण आलोचनात्मक था।

प्रश्न 8. अल-बिरूनी द्वारा लिखित कृति का नाम लिखिए तथा उसकी भाषा व विषय-वस्तु का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : अलबरूनी द्वारा लिखित कृति है किताब-उल-हिंद जिसकी भाषा अरबी है। उसने यह कृति संभवत: उपमहाद्वीप के सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लिखी थी।

अथवा

बर्नियर का भारत का चित्रण द्वि-विपरीतता के नमूने पर आधारित है, स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : (i) उसने एक और भारत को प्रतिलोम के रूप में दिखाया है या यूरोप को भारत के प्रतिलोम के रूप में दर्शाया है। (ii) उसने जो भिन्नतायें महसूस की उन्हें भी पदानुक्रम के
अनुसार क्रमबद्ध किया जिससे भारत पश्चिमी दुनिया में निम्न कोटि का प्रतीत हो।

प्रश्न 9. फ्रांस्वा बर्नियर द्वारा लिखित पुस्तक का नाम लिखिए। उसने मुगल शासन को निरंकुश क्यों बताया ? एक कारण दीजिए।
उत्तर : (i) फ्रांस्वा बर्नियर द्वारा लिखित पुस्तक का नाम ‘ट्रैवल्स इन द मुगल एम्पायर” है।
(ii) बर्नियर के अनुसार मुगल शासन निरंकुश था तथा शासक अपनी प्रजा के ऊपर निर्बाध प्रभुत्व का उपभोग करते थे।

प्रश्न 10. चौदहवीं शताब्दी में यात्राएँ करना अधिक कठिन तथा जोखिम भरा कार्य क्यों था? कोई दो कारण बताइए।
उत्तर : इसका कारण यह था कि इब्न बतूता कई बार डाकुओं के समूहों द्वारा किए गए आक्रमण झेले थे। यहाँ तक कि वह अपने साथियों के साथ कारवाँ में चलना पसंद करता था; पर इससे भी राजमार्गों के लुटेरों को रोका नहीं जा सकता था। उदाहरण के लिए मुल्तान से दिल्ली की यात्रा के दौरान उसके कारवाँ पर आक्रमण हुआ और उसके कई साथी यात्रियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।

प्रश्न 11. बर्नियर द्वारा लिखित पुस्तक का नाम लिखिए। सती प्रथा के बारे में उसने क्या लिखा था?
उत्तर : बर्नियर द्वारा लिखित पुस्तक का नाम है-‘ट्रेवल्स इन द मुगल एम्पायर’। बर्नियर ने सती प्रथा को विस्तृत विवरण के लिए चुना। उसने लिखा कि यद्यपि कुछ महिलाएँ प्रसन्नता से मृत्यु को गले लगा लेती थीं, अन्य को मारने के लिए बाध्य किया जाता था।उसने लाहौर में एक बहुत ही सुंदर अल्पवयस्क विधवा जिसकी आयु उसके विचारानुसार बारह वर्ष से अधिक नहीं थी, की बलि होते हुए देखा था। वह असहाय बच्ची छोटी जीवित बच्ची से अधिक मृत प्रतीत हो रही थी। वह लिखता है कि उसके मस्तिष्क की व्यथा का वर्णन नहीं किया जा सकता था। वह काँपते हुए बुरी तरह से रो रही थी, लेकिन तीन अथवा चार ब्राह्मण, एक बूढ़ी औरत, जिसने उसे अपनी आस्तीन के नीचे दबाया हुआ था, की सहायता से उस अनिच्छुक पीड़िता को जबरन घातक स्थल की ओर ले गए, उसे लकड़ियों पर बैठाया, उसके हाथ-पैर बाँध दिए ताकि वह भाग न जाए और इस स्थिति में उस मासूम प्राणी को जिंदा जला दिया गया।

प्रश्न 12, बर्नियर के अनुसार भारत में राजकीय भूस्वामित्व के क्या दुष्परिणाम थे ? कोई चार बताइए।
उत्तर : (1) बेहतर भूमिधारकों के वर्ग का उदय न हो पाना।
(2) कृषि का विनाश।
(3) किसानों का उत्पीड़न।
(4) समाज के सभी वर्गों के जीवन-स्तर में पतन की स्थिति।

अथवा

अल-बिरूनी विभिन्न ग्रंथों का अन्य भाषाओं में अनुवाद करने में सक्षम था। उदाहरण दीजिए।
उत्तर : अल-बिरूनी कई भाषाओं का ज्ञान होने के कारण विभिन्न ग्रंथों का अनुवाद करने में सक्षम था। उसने पतंजलि के व्याकरण सहित कई संस्कृत ग्रंथों का अरबी भाषा में अनुवाद किया। अपने ब्राह्मण मित्रों के लिए उसने यूनानी गणितज्ञ यूक्लिड के कार्यों का संस्कृत में अनुवाद किया।

प्रश्न 13. अल-बिरूनी कहाँ का निवासी था ? वह गजनी कैसे पहुँचा ?
उत्तर : अल-बिरूनी उज्बेकिस्तान में स्थित ख्वारिज्म का निवासी था। 1017 ई० में गजनी के सुलतान महमूद ने ख्वारिज्म पर आक्रमण किया और यहाँ के कई कवियों तथा विद्वानों को अपने साथ गजनी ले गया। अल-बिरूनी भी इनमें से एक था।

प्रश्न 14. अल-बिरूनी की भाषा और साहित्य के क्षेत्र में क्या देन ?
उत्तर : (i) कई भाषाओं में दक्षता हासिल करने के कारण अल-बिरूनी भाषाओं की तुलना तथा ग्रंथों का अनुवाद करने में सक्षम रहा।
(ii) उसने कई संस्कृत कृतियों जिनमें पंतजलि का व्याकरण पर ग्रंथ शामिल है, का अरबी में अनुवाद किया। अपने ब्राह्मण मित्रों के लिए उसने यूक्लिड (यूनानी गणितज्ञ) के कार्यों का संस्कृत में अनुवाद किया।

प्रश्न 15. बर्नियर के अनुसार मुगलकालीन भारत और यूरोप के बीच भूस्वामित्व के मामले में कोई दो मूल अंतर लिखिए।
उत्तर : 1. बर्नियर के अनुसार भारत और यूरोप के मध्य मूल भिन्नताओं में से एक भारत में निजी भूस्वामित्व का न होना था।
2. बर्नियर को यह अनुभव हुआ कि मुगल साम्राज्य में बादशाह तमाम भूमि का स्वामी था।

प्रश्न 16. इब्न बतूता के अनुसार दासियाँ क्या कार्य करती थीं ?
उत्तर : (i) इब्न बतूता के अनुसार उपमहाद्वीप में दास प्रथा प्रचलित थी। दासियों को सफाई कर्मचारी के रूप में रखा जाता था और वे बिना हिचक घरों में घुस जाती थीं। (ii) दासियाँ गुप्त सूचनाओं को राज्य तक पहुँचाती थीं इसके अलावा अन्य कई कार्य करती थीं।

प्रश्न 17. सल्तनत काल हिंदू और उच्च श्रेणी ३ मुसलमानों के बीच सामाजिक मेल मिलाप क्यों थीं न था ?
उत्तर : (i) मुसलमानों में श्रेष्ठता की भावना। (ii) परस्पा विचार न मिलना एवं दोनों समुदायों के लोगों द्वारा एक साथ | बैठकर भोजन न करना।

प्रश्न 18. ‘जिम्मी’ शब्द का क्या अर्थ है ?
उत्तर : ‘जिम्मी’ हिन्दू लोगों के लिए प्रयुक्त किया गया जो मुस्लिम नियमों का पालन करना एवं जजिया देना स्वीकार करके रक्षित लोगों की श्रेणी में आ गये थे।

प्रश्न 19. ‘उलेमा’ पद संज्ञा की विवेचना कीजिये।
उत्तर : मुसलमानों के कट्टर धार्मिक वर्ग को ‘उलेमा’ कहा जाता है। इस वर्ग ने अकबर की सहिष्णुता की नीति की कड़ी आलोचना की चाहे उनकी इस आलोचना का अकबर और उसकी नीतियों पर कोई असर नहीं पड़ा।

प्रश्न 20. 17वीं शताब्दी में महिलाओं को उनके घरों तक ही सीमित नहीं रखा जाता था। कोई दो तर्क दीजिए।
उत्तर : (1) 17वीं शताब्दी में वे कृषि कार्यों तथा अन्य उत्पादनों में भाग लेती थीं।
(2) व्यापारिक परिवारों की महिलाएँ व्यापारिक गतिविधियां में हिस्सा लेती थीं। कभी-कभी वे वाणिज्यिक विवादों को अदालत में भी ले जाती थीं।

प्रश्न 21. बर्नियर भारत में किन आर्थिक वर्गों का उल्लेख करता है?
उत्तर : (1) भारतीय समाज दरिद्र लोगों के समूह से बना है जो अल्पसंख्यक अमीर तथा शक्तिशाली शासक वर्ग के अधीन होता है।
(ii) गरीबों में सबसे गरीब तथा अमीरों में सबसे अमीर व्यक्ति के बीच नाममात्र को भी कोई सामाजिक समूह या वर्ग नहीं था। बर्नियर बहुत विश्वास से कहता है,” भारत में मध्य की स्थिति के लोग नहीं हैं।”

प्रश्न 22. मांटेस्क्यू का प्राच्य निरंकुशवाद क्या है ?
उत्तर : (i) बर्नियर ने बताया कि भारत में निजी स्वामित्व का अभाव है। इसका प्रयोग मांटेस्क्यू ने अपने प्राच्य निरंकुशवाद में किया।
(ii) इसके अनुसार एशिया (प्राच्य या पूर्व) में राजा अपनी प्रजा के ऊपर स्वतंत्र प्रभुत्व का उपभोग करते थे। इसका आधार यह था कि सम्पूर्ण भूमि पर राजा का स्वामित्व होता था तथा निजी संपत्ति अस्तित्व में नहीं थी।

प्रश्न 23, ‘मदद-ए-मआस’ का क्या अर्थ है ?
उत्तर : मुगल काल में प्रतिष्ठित विद्वानों और प्रतिभा सम्पन्न धार्मिक व्यक्तियों के भरण-पोषण के लिए उन्हें भूमि दान में मिलती थी। इस तरह के भूमि अनुदानों को मदद-ए-मआसा कहा जाता था। जब कोई नया शासक आता था तो इन अनुदानों की फिर स्वीकृति लेना अनिवार्य था।

प्रश्न 24. इब्न बतूता एक हठीला यात्री था। उदाहरण दीजिए।
उत्तर : इब्न बतूता यात्राओं से न तो थकता था और न ही घबराता था। उसने कई वर्षों तक उत्तरी अफ्रीका, पश्चिमी एशिया, मध्य एशिया के कई भागों, भारतीय उपमहाद्वीप तथा चीन में दूर-दूर तक यात्राएँ की थीं। इसी कारण उसे हठीला यात्री कहा गया है।

प्रश्न 25. भारतीय उपमहाद्वीप के नगरों की इब्न बतूता द्वारा वर्णित दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : इब्न बतूता के अनुसार :
(1) उपमहाद्वीप के अधिकांश नगरों में भीड़-भाड़ वाली सड़कें तथा चमक-दमक वाले रंगीन बाजार थे।
(2) नगरों के बाजार केवल क्रय-विक्रय के ही केंद्र नहीं थे,बल्कि सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियों के केंद्र भी थे।

प्रश्न 26. मुगल उमरा वर्ग की जीवन शैली का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर : मुगल उमरा वर्ग (सरदारों) का जीवन विलासमय उनका वेतन अधिक होता था लेकिन वे खर्च भी खूब करते को बाग-बगीचों से घिरे बड़े-बड़े महलों में रहते थे। उनके पास र-चाकर, घोड़े, हाथी आदि होते थे। उनका खान-पान बहुत वाला और रंग-रंगीला होता था उनके बड़े-बड़े हरम होते थे। ल और बर्फ पहाड़ों से मंगवाई जाती थी। पुरुष स्त्रियाँ दोनों ही तरह-तरह के आभूषण पहनते थे। वे साल में दो बार बादशाह को नजराना (भेंट) देने जाते थे। अंधाधुंध खर्च के कारण अक्सर वे कर्ज ले लेते थे।

प्रश्न 27. भूमि के निजी स्वामित्व तथा राजकीय स्वामित्व पर बर्नियर के विचारों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) बर्नियर के अनुसार भारत और यूरोप के बीच भिन्नताओं में से एक भारत में निजी भू-स्वामित्व का अभाव था। उसका निजी स्वामित्व के गुणों में दृढ़ विश्वास था और उसने भूमि पर राजकीय स्वामित्व को राज्य तथा उसके निवासियों के लिए हानिकारक माना। (ii) बर्नियर को यह लगा कि मुगल साम्राज्य का सम्राट सारी भूमि का स्वामी था जो कि इसे अपने अमीरों के बीच बाँटता था जिसके अर्थव्यवस्था और समाज के लिए अनर्थकारी परिणाम होते थे । (iii) राजकीय भूस्वामित्व के कारण, बर्नियर तर्क देता है, भूधारक अपने बच्चों को भूमि नहीं दे सकते थे । इसलिए वे उत्पादन के स्तर को बनाए रखने के और उसमें बढ़ोत्तरी के लिए दूरगामी निवेश के प्रति उदासीन थे।

प्रश्न 28. दो उदाहरण देकर यह दर्शाइए कि भारतीय सूती वस्त्रों की माँग पश्चिम व दक्षिण एशिया में बहुत अधिक थी।
उत्तर : उपमहाद्वीप व्यापार तथा वाणिज्य में अंतर एशियाई तंत्रों से भली-भाँति जुड़ा हुआ था। भारतीय माल की मध्य तथा दक्षिण-पूर्व एशिया, दोनों में बहुत माँग थी जिससे शिल्पकारों तथा व्यापारियों को भारी मुनाफा होता था। भारतीय कपड़ों, विशेष रूप से सूती कपड़ा, महीन मखमल, रेशम, जरी तथा साटन की अत्यधिक माँग थी। इब्न बतूता हमें बताता है कि महीन मखमल की कई किस्में इतनी अधिक महँगी थी कि उन्हें अमीर वर्ग के तथा बहुत धनाढ्य लोग ही पहन सकते थे।

प्रश्न 29. बर्नियर ने मुगल शासन के अंतर्गत शिल्पकारों की जटिल सामाजिक वास्तविकता का वर्णन किस प्रकार किया है ? कोई एक कारण स्पष्ट दीजिए।
उत्तर : बर्नियर कहता है कि शिल्पकारों को अपने उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाता था, क्योंकि उनके मुनाफे का अधिग्रहण राज्य द्वारा कर लिया जाता था। इसलिए उत्पादन के स्तर में निरंतर कमी आ रही थी। दूसरी ओर वह यह कहता पूरे विश्व से बड़ी मात्रा में बहुमूल्य धातुएँ भारत में आती थीं, क्योंकि उत्पादों का सोने और चाँदी के बदले निर्यात होता था।

प्रश्न 30. भारतीय उपमहाद्वीप के नगरों का इब्नबतूता द्वारा वर्णित किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर : इब्नबतूता ने उपमहाद्वीप के शहरों को उन लोगों के लिए व्यापक अवसरों से भरपूर पाया जिनके पास आवश्यक इच्छा, साधन तथा कौशल था। ये शहर घनी आबादी वाले तथा समृद्ध थे सिवाय कभी-कभी युद्धों तथा अभियानों से होने वाले विध्वंस के। बाजार मात्र आर्थिक विनिमय के स्थान ही नहीं थे बल्कि ये सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियों के केंद्र भी थे। अधिकांश बाजारों में एक मस्जिद तथा एक मंदिर होता था। उनमें से कम से कम कुछ में तो नर्तकों, संगीतकारों तथा गायकों के सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए स्थान भी चिह्नित थे।

प्रश्न 31. फ्रांसवा बर्नियर का संक्षिप्त परिचय दीजिए। भारत में वह कितने समय तक रहा ?
उत्तर : फ्रांसवा बर्नियर फ्रांस का रहने वाला एक चिकित्सक, राजनीतिज्ञ, दार्शनिक तथा इतिहासकार था। कई और लोगों की तरह ही वह मुगल साम्राज्य में अवसरों की तलाश में आया था। फ्रांसवा बर्नियर 12 वर्ष (1656-1668) तक भारत में रहा।

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