1 अंकीय प्रश्न उत्तर – भक्ति-सूफी परंपराएँ – Class 12th History Chapter 6

Index

1. ईंट मनके और अस्थियाँ

1. आरंभ 2. निर्वाह के तरीके 3. मोहनजोदड़ो 4. सामाजिक विभिन्नताओं का अवलोकन 5. शिल्प उत्पादन के विषय में जानकारी 6. माल प्राप्त करने सम्बन्धी नीतियाँ 7. मुहरें लिपि तथा बाट 8. प्राचीन सभ्यता 9. सभ्यता का अंत 10. हड़प्पा सभ्यता की खोज 11. अतीत को जोड़कर पूरा करने की समस्याएं मानचित्र बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 1 अंकीय प्रश्न उत्तर 2 अंकीय प्रश्न उत्तर

2. राजा किसान और नगर

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

3. बंधुत्व जाति और वर्ग

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

4. विचारक विश्वास और इमारतें

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 1 बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर 2

6. भक्ति सूफी और परम्पराएँ

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

7. एक साम्राज्य की राजधानी विजयनगर

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

8. उपनिवेशवाद और देहात

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

10. उपनिवेशवाद और देहात

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

11. विद्रोह और राज

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

13. महात्मा गाँधी और आन्दोलन

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

15. संविधान का निर्माण

बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

Class 12th History Chapter 6 Important Question Answer 1 Marks भक्ति-सूफी परंपराएँ (धार्मिक विश्वासों में बदलाव और श्रद्धा ग्रंथ)

प्रश्न 1. चिश्ती उपासन से जुड़े कोई दो व्यवहार बताओ।
उत्तर : (1) सूफी संतों की दरगाह पर जियारत (तीर्थयात्रा) करना पूरे इस्लामी संसार में प्रचलित है। इस अवसर पर संत के आध्यात्मिक आशीर्वाद अर्थात् बरकत की कामना की जाती है। (2) नाच तथा कव्वाली जियारत के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। द्वारा अलौकिक आनंद की भावना को जो जगाया जाता है।

प्रश्न 2. ब्राह्मणीय पद्धति के लिंगायतों ने जिन दो विचारों का विरोध किया, उनका उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (1) लिंगायतों ने जाति और कुछ समुदायों के, “दूषित” होने की ब्राह्मणीय अवधारणा का विरोध किया।
(2) उन्होंने पुनर्जन्म के सिद्धांत पर भी प्रश्नवाचक चिह्न लगाया।

प्रश्न 3. कबीर की ‘उलटबाँसी’ रचनाएँ क्या हैं ?
उत्तर : उलटबाँसी का अर्थ है उलटी कही गई उक्तियाँ। ये इस प्रकार से लिखी गई हैं कि उनके अर्थ को भी उलट दिया गया न है। ये रचनाएँ परम सत्य के स्वरूप को शब्दों में व्यक्त करने की कठिनाई को दर्शाती हैं। )

प्रश्न 4. जगन्नाथ का शाब्दिक अर्थ लिखकर उनकी बहन तथा भाई का नाम लिखिए।
उत्तर : जगन्नाथ का शाब्दिक अर्थ है सम्पूर्ण विश्व का स्वामी। उनकी बहन का नाम सुभद्रा तथा भाई का नाम बलराम है।

प्रश्न 5. अलवार संतों के मुख्य काव्य संकलन का नाम लिखिए जिसे तमिल वेद भी बताया गया है। प्रथम सहस्त्राब्दी के उत्तरार्द्ध में तमिल क्षेत्रों के सरदारों ने इनकी मदद किस प्रकार की?
उत्तर : ‘नलचिरादिव्यप्रधम्’ को तमिल वेद बताया गया है। इस समय के सरदारों ने मंदिर बनाने के लिए भूमि अनुदान दिए और शिव की काँसे की मूर्तियों की ढलवाई करवाई।

प्रश्न 6. मस्जिदों के स्थापत्य संबंधी किन्हीं दो सार्वभौमिक तत्त्वों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) इमारत का मक्का की और अनुस्थापन जो मेहराब (प्रार्थना का आला) तथा मिनबार (व्यास पीठ) की स्थापना से दिखाई देता था।
(ii) अनेक तत्व ऐसे थे जिनमें भिन्नता पायी जाती है, जैसे-छत और निर्माण की सामग्री।

प्रश्न 7. संत लहर और वैष्णव भक्ति लहर में क्या अंतर था?
उत्तर : संत लहर : के भक्त जो ईश्वर के मानवीय अवतारों अथवा मूर्ति-पूजा के विरुद्ध थे, संत कहलाते थे। वे सभी निराकार ईश्वर की पूजा में विश्वास रखते थे।

प्रश्न 8. वीरशैव तथा लिंगायत कौन थे ?

अथवा

बासवन्ना कौन थे ?
उत्तर : 12वीं शताब्दी में कर्नाटक में नए आदोलन का उद्भव हुआ जिसका नेतृत्व बासवन्ना (1106-68) नामक एक बाहाण ने किया। बासवन्ना पहले जैन मत को मानते थे और चालुक्य राजा के दरबार में मंत्री थे। इनके अनुयायी वीरशैव (शिव के वीर) तथा लिंगायत (लिंग धारण करने वाले) कहलाए। लिंगायत समुदाय शिव की उपासना लिंग के रूप में करता है।

प्रश्न 9. धर्म के इतिहासकार प्रारंभिक भक्ति परंपरा को कौन-कौन से दो वर्गों में बाँटते हैं ? उनकी संक्षिप्त जानकारी दीजिए।

अथवा

धर्म के इतिहासकारों ने भक्ति परंपरा को किस प्रकार वर्गीकृत किया है ?
उत्तर : धर्म के इतिहासकार भक्ति परंपरा का सगुण भक्ति निर्गुण भक्ति में बाँटते हैं।
(1) सगुण भक्ति में शिव, विष्णु तथा उनके अवतारों और देवियों की मूर्त रूप (साकार) में उपासना शामिल है।
(2) निर्गुण भक्ति परंपरा में अमूर्त अथवा निराकार ईश्वर की उपासना की जाती है।

प्रश्न 10. भक्ति परंपरा से जुड़े दो संप्रदायों के नाम बताओ। इस परंपरा की दो विशेषताएँ बताओ।
उत्तर : भक्ति परंपरा से जुड़े दो संप्रदाय थे-वैष्णव संप्रदाय तथा शैव संप्रदाय।
विशेषताएँ : 1. भक्ति परंपरा में मंदिरों में इष्टदेव की आराधना से लेकर उपासकों का प्रेमभाव में तल्लीन हो जाना शामिल था।
2. भक्ति रचनाओं का उच्चारण अथवा गान इस उपासना पद्धति के अंश थे।

प्रश्न 11. शरिया का अर्थ एवं स्रोत बताइए।
उत्तर : शरिया मुसलमान समुदाय को निर्देशित करने वाला कानून यह कुरान शरीफ और हदीस पर आधारित है। हदीस है। का अर्थ है पैगम्बर साहब से जुड़ी परंपराएँ जिनके अंतर्गत उनके स्मृत शब्द और क्रियाकलाप भी आते हैं। जब अरब क्षेत्र से बाहर इस्लाम का प्रसार हुआ जहाँ के आचार-व्यवहार भिन्न थे तो कियास (सदृशता के आधार पर तर्क) और इजमा (समुदाय की सहमति) को भी कानून का स्त्रोत माना जाने लगा। इस तरह शरिया, कुरान, हदीस, कियास और इजमा उद्भूत हुआ ।

प्रश्न 12. चोल शासकों ने ब्राह्मणीय तथा भक्ति परंपरा को समर्थन दिया। इसके पक्ष में उदाहरण दीजिए।
उत्तर :(1)चाल शासकों ने विष्णु तथा शिव के मंदिरों के निर्माण के लिए भूमि अनुदान दिए। चिदबरम, तंजावुर और गरगेकोडाचोलपुरम के विशाल शिव मंदिर चोल शासकों की सहायता से ही बने थे। (2) इस काल में शिव की कांस्य-मूर्तियों का निर्माण भी हुआ।

प्रश्न 13. सूफियों के चिश्ती सिलसिला से संबंधित दो परंपराओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर : चिश्ती उपासना मुख्य रूप से जियारत और कव्वाली द्वारा होती थी। सूफी संतों की दरगाह पर की गई जियारत सारे इस्लामी संसार में प्रचलित है इस अवसर पर संत के आध्यात्मिक आशीर्वाद अर्थात् बरकत की कामना की जाती है। पिछले सात सौ वर्षों से भिन्न-भिन्न सम्प्रदायों, वर्गों और समुदायों के लोग पाँच महान चिश्ती संतों की दरगाह पर अपनी आस्था प्रकट करते रहे हैं। इनमें सबसे अधिक पूजनीय दरगाह ख्वाजा मुइनुद्दीन की है जिन्हें गरीब नवाज’ कहा जाता है। यह अजमेर में स्थित है।

प्रश्न 14. लिंगायतों जाति ने धर्मशास्त्रों के कुछ आचारों। (ब्राह्मणीय अवधारणाओं) को अस्वीकार किया। ऐसे किन्हीं दो आचारों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) लिंगायतों ने ब्राह्मणीय अवधारणा का विरोध किया।
(ii) उन्होंने पुनर्जन्म के सिद्धांत पर भी प्रश्नवाचक चिह्न लगा दिया।

प्रश्न 15. कबीर और गुरु नानकदेव की विचारधाराओं में किन्हीं दो समानताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : कबीर और गुरु नानकदेव की विचारधाराओं में विद्यमान समानताएँ:
(i) कबीर : (क) उन्होंने बहुदेववाद तथा मूर्ति-पूजा का खंडन किया। (ख) उन्होंने परमात्मा को निराकार बताया।
बाबा गुरु नानक देव जी : (i) उन्होंने धर्म के सभी बाहरी आडंबरों का खंडन किया। उदाहरण के लिए, यज्ञ, आनुष्ठानिक स्नान, मूर्ति-पूजा तथा कठोर तप आदि। (ii) उनके लिए परमात्मा का कोई लिंग या आकार नहीं था।

प्रश्न 16. सूफी संप्रदाय के संदर्भ में ‘सिलसिला’ का क्या अर्थ है ? सबसे अधिक सूफी सिलसिले का नाम बताओ।
उत्तर : सूफी संप्रदाय के संदर्भ में सिलसिले का शाब्दिक अर्थ है-जंजीर जो शेख और मुरीद के बीच एक निरंतर रिश्ते की प्रतीक है। इस रिश्ते की पहली अटूट कड़ी पैगंबर मोहम्मद से जुड़ी हैं। इस कड़ी द्वारा आध्यात्मिक शक्ति और आशीर्वाद मुरीदों तक पहुँचता था। सबसे अधिक सूफी सिलसिला ‘चिश्ती’ सिलसिला था।

प्रश्न 17. मीराबाई के गुरु कौन थे? मीराबाई के भक्ति दर्शन के किसी एक सिद्धांत का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) मीराबाई के गुरु रैदास थे।
(ii) मीराबाई कृष्ण के बाँसुरी बजाते हुए रूप को पूजती थी। उन्होंने विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण को अपना एकमात्र पति स्वीकार किया।

प्रश्न 18. ‘जिआरत’ पद की व्याख्या कीजिए। इसके उद्देश्य का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) तमाम इस्लामी दुनिया में सूफी संतों की दरगाह पर की गई जियारत (प्रार्थना) प्रचलित है।
(ii) इस मौके पर सूफी संत के आध्यात्मिक आशीर्वाद यानी बरकत की कामना की जाती है।

प्रश्न 19. खानकाह सामाजिक जीवन का केंद्र बिंदु था। शेख निजामुद्दीन औलिया के खानकाह से इसके पक्ष में दो तर्क (उदाहरण) दीजिए।
उत्तर : 1. खानकाह में सहवासी तथा अतिथि रहते थे और उपासना करते थे। सिंह वीडियो में शेख का अपना परिवार, सेवक और अनुयायी शामिल थे।
2.शेख स्वयं एक छोटे कमरे में छत पर रहते थे जहाँ वह अतिथियों से सुबह-शाम मिला करते थे।

प्रश्न 20, कबीर और गुरु नानकदेव की विचारधाराओं में किन्हीं दो समानताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : कबीर और गुरु नानकदेव की विचारधाराओं में विद्यमान समानताएँ :
(i) कबीर : (क) उन्होंने बहुदेववाद तथा मूर्ति-पूजा का बंधन किया। (ख) उन्होंने परमात्मा को निराकार बताया।
बाबा गुरु नानक देव जी : (i) उन्होंने धर्म के सभी बाहरी आडंबरों का खंडन किया। उदाहरण के लिए, यज्ञ, आनुष्ठानिक स्नान, मूर्ति-पूजा तथा कठोर तप आदि। (ii) उनके लिए परमात्मा का कोई लिंग या आकार नहीं था।

प्रश्न 21. सूफ़ीवाद और तसत्वुफ पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर : सूफीवाद उन्नीसवीं शताब्दी में मुद्रित एक अंग्रेज़ी शब्द है। इस सूफ़ीवाद के लिए इस्लामी ग्रंथों में जिस शब्द का इस्तेमाल होता है वह है तसव्वुफ । कुछ विद्वानों के अनुसार यह शब्द ‘सूफ” से निकलता है जिसका अर्थ ऊन है । यह उस खुरदुरे ऊनी कपड़े की ओर इशारा करता है जिसे सूफी पहनते थे। अन्य विद्वान इस शब्द की व्युत्पत्ति ‘सफ़ा’ से मानते हैं जिसका अर्थ है साफ़। यह भी संभव है कि यह शब्द ‘सफ़ा’ से निकला हो जो पैगम्बर की मस्जिद के बाहर एक चबूतरा था जहाँ निकट अनुयायियों की मंडली धर्म के बारे में जानने के लिए इकट्ठी होती थी।

प्रश्न 22. आठवीं से अठारहवीं सदी तक की भक्ति और सूफी परंपराओं को जानने के किन्हीं दो स्रोतों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (i) इस काल के नूतन साहित्यिक स्रोतों में संत कवियों की रचनाएँ हैं। इसमें उन्होंने जनसाधारण की क्षेत्रीय भाषाओं में मौखिक रूप से स्वयं को व्यक्त किया था। ये रचनाएँ अधिकतर संगीतबद्ध हैं और संतों के अनुयायियों द्वारा उनकी मृत्यु के पश्चात् संकलित की गई थी।
(ii) इतिहासकार इन संत कवियों के अनुयायियों द्वारा लिखी गई उनकी जीवनियों का भी इस्तेमाल करते हैं। यह सत्य है कि यह जीवनियाँ अक्षरश: सत्य नहीं हैं। फिर भी यह ज्ञान का स्रोत है।

प्रश्न 23. कबीर को भक्ति का मार्ग दिखलाने वाले कौन थे? उनके परम सत्य के विचार का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (क) कबीर को भक्ति का मार्ग दिखाने वाले गुरु रामानंद थे।
(ख) (i) उन्होंने परम सत्य को वर्णित करने के लिए अनेक परिपाटियों का सहारा लिया।
(ii) इस्लामी दर्शन की तरह वे इस सत्य को अल्लाह, खुदा, हज़रत और पीर कहते हैं।
(iii) वेदांत दर्शन से प्रभावित सत्य को अलख (अदृश्य), निराकार, ब्रह्मन और आत्मन् कह कर भी संबोधित करते हैं ।
(iv) इसके अतिरिक्त कबीर ने शब्द और शून्य का प्रयोग किया। ये अभिव्यंजनाएँ योगी परंपरा से ली गई हैं।

प्रश्न 24. सूफ़ी सिलसिलों का नामकरण कैसे हुआ ?
उत्तर : ज्यादातर सूफ़ी वंश उन्हें स्थापित करने वालों के नाम पर पड़े। उदाहरणत: कादरी सिलसिला शेख अब्दुल कादिर जिलानी के नाम पर पड़ा। कुछ अन्य सिलसिलों का नामकरण उनके जन्मस्थान पर हुआ जैसे चिश्ती नाम मध्य अफगानिस्तान के चिश्ती शहर से लिया गया।

प्रश्न 25. पाँच प्रसिद्ध चिश्ती संतों के नाम बताओ जिनकी दरगाह पर लोग अपनी आस्था प्रकट करते हैं, इनमें से सबसे अधिक पूजनीय कौन हैं?
उत्तर : पाँच प्रसिद्ध चिश्ती संत
1.शेख मुइनुद्दीन चिश्ती, 2. ख्वाज़ा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी, 3. शेख फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर, 4. शेख निजामुद्दीन औलिया, 5. शेख नसीरूद्दीन चिराग-ए-दिल्ली।
इनमें से सबसे अधिक पूजनीय दरगाह शेख मुइनुद्दीन चिश्ती की है, जिन्हें ‘गरीब नवाज़’ कहा जाता है।

प्रश्न 26, कबीर की वाणी की तीन विशिष्ट परिपाटियाँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर : कबीर की वाणी निम्नलिखित तीन विशिष्ट परिपाटियों में संकलित है-
1.’कबीर बीजक’ कबीर पंथियों द्वारा वाराणसी तथा उत्तर प्रदेश के अन्य स्थानों पर संरक्षित हैं।
2.’कबीर ग्रंथावली’ का संबंध राजस्थान के दादू पंथियों से है। 3. इसके अतिरिक्त कबीर के कई पद आदि ग्रंथ साहिब में संकलित हैं।

प्रश्न 27. खानकाह सामाजिक जीवन का केंद्र बिंदु था। शेख निजामुद्दीन औलिया के खानकाह से इसके पक्ष में दो तर्क (उदाहरण) दीजिए।
उत्तर : (1) खानकाह में सहवासी तथा अतिथि रहते थे और उपासना करते थे। सहवासियों में शेख का अपना परिवार, सेवक और अनुयायी शामिल थे।
(2) शेख स्वयं एक छोटे कमरे में छत पर रहते थे जहाँ वह अतिथियों से सुबह-शाम मिला करते थे।

प्रश्न 28, खालसा पंथ की नींव किसने रखी? इस पंथ के पाँच प्रतीक कौन-कौन से हैं?
उत्तर : खालसा पंथ (पवित्रों की सेना) की नींव गुरु गोबिंद सिंह जी ने रखी। उन्होंने खालसा के लिए पाँच प्रतीक निर्धारित किए :
1. बिना कटे केश, 2. कृपाण, 3. कछहरा, 4. कंघा और 5.कड़ा।

प्रश्न 29. लिंगायतों और नयनारों के बीच एक समानता और एक असमानता का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : लिंगायतों और नयनारों के बीच एक समानता और एक असमानता :
(i) नयनारों ने जाति प्रथा और ब्राह्मणों की प्रभुता के विरोध में आवाज उठाई) उदाहरण के लिए, भक्त संत विविध समुदायों से थे, जिन्हें “अस्पृश्य” माना जाता था।
(ii) लिंगायतों ने जाति की अवधारणा तथा कुछ समुदायों के “दूषित” होने की ब्राह्मणीय अवधारणा का विरोध किया।
असमानता : लिंगायतों का विश्वास है कि मृत्योपरांत भक्त शिव में लीन हो जाएंगे और इस संसार में पुनः नहीं लौटेंगे। वे श्राद्ध संस्कार का पालन नहीं करते तथा अपने मृतकों को विधिपूर्वक दफनाते हैं।

प्रश्न 30, अलवार और नयनार संतों का जाति प्रथा के प्रति दृष्टिकोण का दो बिंदु देकर उल्लेख कीजिए।
उत्तर : 1. कुछ इतिहासकारों का मत है कि अलवार और नयनार संतों ने जाति प्रथा व ब्राह्मणों की प्रभुता के विरोध में आवाज उठाई। 2. यह बात कुछ हद तक सही मालूम होती है क्योंकि भक्ति संत विविध समुदायों में से थे। उदाहरण के लिए ब्राह्मण, शिल्पकार, किसान तथा कुछ तो उन जातियों से संबंधित थे जिन्हें ‘अस्पृश्य’ माना जाता था।

प्रश्न 31. इस्लाम की प्रारंभिक सदियों में सूफीवाद के विकास की परख कीजिए।
उत्तर : (i) इस्ताक की प्रारंभिक सदियों में धार्मिक तथा राजनीतिक संस्था के रूप में खिलाफत की बढ़ती विषयशक्ति के खिलाफ कुछ आध्यात्मिक व्यक्तियों का रहस्यवाद और वैराग्य की तरफ झुकाव बढ़ा। इन्हें सूफी कहा जाने लगा।
(ii) सूफी लोगों ने रूढ़िवादी परिभाषाओं तथा धर्माचार्यों द्वारा दी गई कुरान तथा सुन्ना की बौद्धिक व्याख्याओं की आलोचना की। सूफियों ने मुक्ति प्राप्त करने हेतु ईश्वर की भक्ति तथा उनके आदेशों के पालन पर बल दिया। उनके द्वारा पैगम्बर मोहम्मद को इंसान-ए-कामिल बताते हुए उनका अनुसरण करने की सीख दी गई।

प्रश्न 32. अलवार और नयनार कौन थे? उन्हें चोल राजाओं से प्राप्त समर्थन का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (क) अलवार विष्णु भक्त और नयनार शिवभक्त थे। वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर भ्रमण करते हुए तमिल भाषा में अपने इष्ट की स्तुति में भजन गाया करते थे
(ख) चोल राजाओं ने उनको समर्थन निम्नलिखित प्रकार से किया
(i) शासकों ने ब्राह्मणीय और भक्ति परंपरा को समर्थन दिया तथा विष्णु और शिव के मंदिरों के निर्माण के लिए भूमि अनुदान दिए।
(ii) चिदम्बरम, तंजावुर और गंगैकोडाचोलपुरम में विशाल शिव मंदिर चोल सम्राटों की सहायता से बनाए गए। कांस्य शिव प्रतिमाओं का निर्माण किया गया। इस प्रकार लोकप्रिय संत-कवियों की परिकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया

प्रश्न 33. शासक सूफी संतों से संपर्क क्यों रखना चाहते थे? कोई दो कारण लिखिए।
उत्तर : (i) शासक न केवल सूफी संतों से संपर्क कायम रखना चाहते थे वरन् उनके समर्थन के भी कायल थे। (ii) सूफी संत अपनी धर्मनिष्ठा, विद्वता तथा चमत्कारी शक्तियों के कारण लोकप्रिय थे। अत: शासक भी उनका समर्थ टिप्पण तथा संपर्क हासिल करना चाहते थे।

प्रश्न 34, तमिलनाडु के प्रारंभिक दो भक्ति आंदोलनों हैं जि का उल्लेख तथा उसका एक मुख्य अंतर बताइए।
उत्तर : तमिलनाडु के प्रारंभिक भक्ति आंदोलन अलवार सिजा और नयनारों के नेतृत्व में चले। अलवार विष्णु के तथा नयना उद्ध शिव के भक्त थे। वे स्थान-स्थान पर भ्रमण करते हुए तमिल भाष में अपने इष्ट की स्तुति में भजन गाते थे।

प्रश्न 35, नयनार तथा अलवारों द्वारा चलाए विरोध आन्दोलन की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर : (1) कुछ इतिहासकारों का मानना है कि अलावा और नयनार संतों ने जाति-प्रथा तथा ब्राह्मणों के प्रभुत्व के किस आवाज उठाई। कुछ सीमा तक यह बात सत्य प्रतीत होती है । क्योंकि भक्ति संगीत विविध समुदायों से थे जैसे ब्राह्मण, शिल्पकार फे किसान आदि।
(2) उन्होंने बौद्ध तथा जैन धर्म के प्रति अपना विरोध । जताया। के

प्रश्न 36. तमिलनाडु की दो संत कवयित्रियों लिखिए। वे किसकी भक्त थीं ?
उत्तर : अंडाल तथा करइक्काल अम्मइयार तमिलनाडु की दो कवयित्रियाँ थीं। अंडाल विष्णु की भक्त थी, जबकि करइक्काल वि शिव-भक्त थी।

प्रश्न 37. ख्वाजा मुइनुद्दीन की दरगाह इतनी लोकप्रिय क्यों थी ? दो कारण लिखिए।
उत्तर : (1) अजमेर में स्थित शेख मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह शेख की सदाचारिता और दयालुता, उनके आध्यात्मिक उत्तराधिकारियों की महानता तथा राजसी मेहमानों द्वारा दिए गए संरक्षण के कारण लोकप्रिय थी।
(2) यह दरगाह दिल्ली और गुजरात को जोड़ने वाले व्यापारिक मार्ग पर थी। इसलिए यहाँ अनेक यात्री आते थे।

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