याद रखने योग्य बातें – नियोजित विकास की राजनीति -Class12th Political Science Chapter 3

Class 12 Political Science भाग-2 Chapter 3 नियोजित विकास की राजनीति-याद रखने योग्य बातें

याद रखने योग्य बातें

1.आर्थिक चुनौती (Economic Challenge) : विकास की चुनौती, बेरोजगारी उन्मूलन, निर्धनता उन्मूलन, तीव्र, संतुलित एवं ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुँचाने वाला आर्थिक विकास।
2.नियोजित विकास की राजनीति (Politics of Planned Development) : विकास से जुड़ी वे नीतियाँ एवं कार्यक्रम जो नियोजित ढंग से सरकार द्वारा बनाए जाएँ, चलाए जाएँ तथा नियंत्रित किए जाएँ।
3.विजन (Vision) : नजरिया या दृष्टि ।
4.वामपंथ (Leftist) : साधारणतया उन लोगों के कार्यक्रम एवं उनकी विचारधारा जो गरीब और पिछड़े सामाजिक समूह की तरफदारी करते हैं। वे ऐसी सरकारी नीतियों को समर्थन देते हैं जो गरीबों एवं पिछड़ों के लिए लाभकारी हों।
5.दक्षिणपंथ (Rightist) : यह विचारधारा साधारणतया उन लोगों की ओर इशारा करती है जो खुली प्रतिस्पर्धा (Open Competition ) और बाजार मूलक (based on market factors) अर्थव्यवस्था के द्वारा प्रगति हो सकती है, में विश्वास करते हैं। वे सरकार को अर्थव्यवस्था में आवश्यक रूप से हस्तक्षेप नहीं करने देना चाहते।
6.विकास (Development) : इसका अर्थ ज्यादा से ज्यादा आधुनिक होना और आधुनिक होने का अर्थ था, पश्चिमी औद्योगिक देशों की तरह होना ।
7. पूँजीवाद (Capitalism) : वह अर्थव्यवस्था जो उत्पादन के साधन पर पूँजीपतियों के आधिपत्य का समर्थन करती है।
8. उदारवाद (Liberalism) : स्वतंत्र अर्थव्यवस्था, मुक्त बाजार एवं अहस्तक्षेप के साथ वैश्वीकरण की समर्थक आर्थिक विचारधारा ।
9. समाजवादी (Socialism) : वह अर्थव्यवस्था जो उत्पादन के साधनों पर समाज / राज्य या सरकार के अधिकार का समर्थन करत हैं।
10.शीत युद्ध (Cold War) : वह अंतर्राष्ट्रीय तनाव तथा युद्ध जैसी स्थिति जो 1945 से 1990 तक (लगभग 45 वर्षों तक) एक ओर अमेरिका-ब्रिटेन तथा दूसरी ओर पूर्व सोवियत संघ तथा पूर्वी यूरोपीय देशों के गुटों में जारी रहा।
11. योजना आयोग (Planning Commission) : वह कमीशन (आयोग) जो देश के विकास के लिए योजनाएँ बनाता है। देश का प्रधानमंत्री इसका चेयरमैन (अध्यक्ष) होता है।
12.बॉम्बे प्लान (Bombay Plan) : भारत में सन् 1944 में उद्योगपतियों का एक वर्ग (समूह) एकजुट हुआ जिसने देश में नियोजित अर्थव्यवस्था चलाने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार किया। इसे बॉम्बे प्लान कहा गया।
13.बजट (Budget) : सरकारी (या व्यक्ति विशेष या परिवार विशेष) आय-व्यय का वार्षिक ब्यौरा।
14. गैर-योजना व्यय (Non-Planned Expenditure) : इसके अन्तर्गत वार्षिक आधार पर प्रतिदिन (daily) मदों (items) पर खर्चे करना शामिल होता है।
15.योजना-व्यय (Planned Expenditure) : यह योजना का दूसरा या वह हिस्सा है जिसमें योजना में तय की गई प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए अगले पाँच साल की अवधि में व्यय करना होता है।
16.प्रथम पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल : 1951 से 1956 तक।
17. दूसरी पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल : 1956 से 1961 तक।
18. तीसरी पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल : 1961 से 1966 तक।
19.के. एन. राज. : वह युवा अर्थशास्त्री जो प्रथम पंचवर्षीय योजना को तैयार करने वाले अर्थशास्त्रियों में से एक थे।
20. प्रथम पंचवर्षीय योजना का सर्वाधिक प्राथमिकता वाला क्षेत्र : कृषि क्षेत्र ।
21. पी. सी. महालनोबिस : दूसरी पंचवर्षीय योजना में भारी उद्योगों पर जोर देने वाली अर्थशास्त्रियों और योजनाकारों की टोली का प्रमुख सदस्य।
22.केरल मॉडल : केरल (राज्य) में विकास और नियोजन के लिए जो रास्ता चुना गया, उसे केरल मॉडल कहा जाता है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि सुधार, खाद्य-वितरण और गरीबी उन्मूलन पर जोर दिया जाता रहा है।
23. एक महत्त्वपूर्ण भूमि सुधार : जमींदारी प्रथा का उन्मूलन।
24.हरित क्रांति (Green Revolution) : पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज्यादा कृषि संसाधन लगाकर तीव्र गति से उत्पादन (कृषि-उत्पादन) बढ़ाना जहाँ सिंचाई सुविधाएँ मौजूद थीं तथा जहाँ के किसान समृद्ध थे। सरकार ने उच्च गुणवत्ता के बीज, उर्वरक, कीटनाशक और बेहतर सिंचाई सुविधाएँ बड़े पैमाने पर उचित मूल्य पर प्रदान की थीं।
25.श्वेत क्रांति (White Revolution) : अधिक दूध तथा उस पर आधारित श्वेत वस्तुओं के उत्पादन जैसे मक्खन, दही, पनीर आदि में बड़े पैमाने पर बढ़ोत्तरी ।
26.भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण : 1967 के बाद की अवधि में 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण।

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