याद रखने योग्य बातें – पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन – Class12th Political Science chapter 8

पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन  (Enviornment and Natural Resources)

Class 12 | Chapter 8

हिंदी नोट्स

 याद रखने योग्य बातें

  1. पर्यावरण : आस-पास की परिस्थिति या परिवेश, जिसमें मनुष्य रहता है और वस्तुएँ मिलती हैं तथा उनका विकास होता है। पर्यावरण में प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों प्रकार के तत्त्वों का समावेश होता है।
  2. प्राकृतिक संपदा (संसाधन) : प्रकृति से प्राप्त विभिन्न प्रकार के उपहार, जैसे उपजाऊ मिट्टी, अनुकूल जलवायु, वनस्पति, जल, खनिज एवं ईंधन, सौर ऊर्जा, मछली तथा वन्य प्राणी आदि।
  3. विश्व की साझी विरासत : वह प्राकृतिक प्रदेश या भू-भाग अथवा संपदा, जिन पर सारी मानव जाति या विश्व का अधिकार हो। उदाहरण के लिए अंटार्कटिका और पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्र, बाह्य अंतरिक्ष।
  4. मूलवासी (Indigenous People) : जनता का वह भाग जो किसी वन प्रदेश या अन्य भू-भाग में आदिकाल से रहते चले आ रहे हों। वह वहाँ के मूलवासी लोग कहलाते हैं।
  5. पृथ्वी सम्मेलन : यह सम्मेलन 1992 में हुआ।
  6. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े तीन मसले : (i) जंगल के प्रश्न पर राजनीति, (ii) पानी के सवाल पर राजनीति, (iii) वायुमंडलीय राजनीति। भूमि में बढ़ोत्तरी न होना, (iv) एक बड़े भूमि के हिस्से से भी मसले पर  उर्वरता का निरंतर घटना
  7. कृषि संबधी पर्यावरण से जुड़ी दो समस्याएँ : (1) कृषि योग्य
  8. संयुक्त राष्ट्र विश्व विकास रिपोर्ट प्रकाशित हुई : 20061
  9. 1972 में क्लब ऑफ रोम द्वारा संबंधित प्रकाशित पुस्तक : लिमिट्स टू ग्रोथ।
  10.  1992 का संयुक्त राष्ट्र संघ पर्यावरण और विकास संबंधी सम्मेलन अथवा पृथ्वी सम्मेलन आयोजन का केन्द्र : ब्राजील के रियो डी जनेरियो में हुआ।
  11. पृथ्वी सम्मेलन में भाग लेने वाले राष्ट्रों की संख्या : 170
  12. ‘अवर कॉमन फ्यूचर’ नामक बर्टलैंड रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी : 1987
  13. अंटार्कटिका की दो प्रभावशाली प्राकृतिक उपलब्धियाँ : (i) विश्व के निर्जन क्षेत्र का 26 प्रतिशत भाग 1 करोड़ 40 लाख वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र, (ii) धरती पर विद्यमान स्वच्छ जल का 70 प्रतिशत भाग
  14. अंटार्कटिका संधि हुई : 1959
  15.  प्रोटोकोल और अंटार्कटिक पर्यावरणी पत्राचार क्रमशः घोषित हुए : 1987 और 1991 में।
  16. अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन परत पर छेद की खोज हुई : 1980 के दशक के मध्य में।
  17.  उत्तरी गोलार्द्ध के देश : विश्व के अधिकांश विकसित क्षेत्र इसी में आते हैं।
  18. दक्षिणी गोलार्द्ध : अधिकांश विकासशील देश इस गोलार्द्ध में आते हैं।
  19.  यू.एन.एफ.सी.सी.सी. (UNFCCC) : यूनाइटेड नेशन्स फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज। इसका प्रकाशन 1992:
  20.  वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming) में भूमिका निभाने वाली प्रमुख गैसें : कार्बन डाइऑक्साइड, क्लोरो-फ्लोरो कार्बन।
  21.  भारत ने प्रोटोकॉल (1997 ) पर हस्ताक्षर किए : 20021
  22. संरक्षण : पर्यावरण के साथ-साथ उसका प्रभावी उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों का बिना किसी बर्बादी के उपयोग।
  23.  वे देश जिनमें वन आंदोलनों पर बहुत दबाव है : (i) मेक्सिको, (ii) चिली, (iii) ब्राजील, (iv) मलेशिया, (v) इंडोनॅरिं (v) भारत।
  24.  भारत में बाँध विरोधी तथा पर्यावरण बचाव संबंधी एक आंदोलन : नर्मदा आंदोलन।
  25. भारत में वन संपदा एवं वृक्षों के हितों में चलाया जा रहा आंदोलन : चिपको आंदोलन।
  26. बांग्लादेश के चटगाँव पर्वतीय क्षेत्र में आदिवासियों की संख्या : 6 लाख।
  27. वर्ल्ड काउंसिल ऑफ इंडिजिनस पीपल का गठन : 19751
  28.   प्रदूषण : यह वह तत्त्व है, जो जीवित जीवों अथवा उनके द्वारा निर्मित ढाँचों को हानि पहुँचाता है।
  29. प्राकृतिक गैस : गैस रूप में पाये जाने वाले स्वतंत्र हाइड्रोकार्बन, जो प्रायः अशोधित खनिज तेल से संबंधित होते. प्राकृतिक दशा में भू-गर्भ में पाये जाते हैं ।
  30.  पावन वन प्रांतर अथवा देवस्थान : प्राचीन काल से भारत के कुछ समाजों में धार्मिक कारणों से प्रकृति की रक्षा वनों के कुछ भागों को नहीं काटा जाता। इन स्थानों पर देवता या पुण्य आत्मा का वास माना जाता है। इसे वन-प्रात स्थान कहा गया है।

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