याद रखने योग्य बातें – भारतीय राजनीति : नए बदलाव – Class12th Political Science Chapter 9

भारतीय राजनीति : नए बदलाव (Recent Developments in Indian Politics)

Class 12 | Chapter 9

हिंदी नोट्स

  1. कांग्रेस प्रणाली : काग्रेस देश की सर्वाधिक महत्वपूर्ण लेकिन दही गठबंधन पार्टी थी। उसकी नीतियाँ तथा कार्यक्रम देश में अधिक वर्षो तक शासन कर सकी हैं। इसमें विभिन्न हित सामाजिक समूह और वर्ग एक साथ थे।
  2. मंडल मुद्दा : मंडल आयोग की सिफारिशों के कारण अन्य पिछईे वा के लोगों के आरक्षण दिए जाने से उस आरक्षण के समर्थन और विरोध के बीच चले विवाद।
  3. नई आर्थिक नीति लागू होने का वर्ष : 1991
  4. अयोध्या स्थित एक विवादित ढाँचे का विध्वंस किया जाना : दिसंबर, 1992
  5. नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री नियुक्त हुए या चुने गए : 1991
  6. 1989 में कांग्रेस पार्टी की हार तथा वी.पी. सिंह वाले गठबंधन को दो विरोधी प्रमुख राजनीतिक 1. वाम मोर्चा या सी.पी.एम. तथा 2. भारतीय जनता पार्टी।
  7. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन या राजग (एन.डी.ए. ) : राजनीतिक गठबंधन जिसे प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी ने नेतृत्व दिया।
  8. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन या संप्रग (यू.पी.ए.) : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई.) के नेतृत्व में 2004 में पहली बार बनी संयुक्त मोर्चे की सरकार जिसे वाम मोर्चे ने बाहर से समर्थन दिया। याद रहे कि इसी गठबंधन की सरकार 2009 में भी बनी पर इस बार वाम मोर्चे ने समर्थन नहीं दिया।
  9. 1977 के बाद के वर्षों में कांग्रेस पार्टी के कमजोर होने का एक कारण : सभी हित समूहों, वर्ग समूहों तथा सामाजिक  समूहों का क्षेत्रीय दलों (पार्टियों) के रूप में कांग्रेस से पृथक् होना।
  10. ओबीसी (OBC) : अन्य पिछड़ा वर्ग (अदर बैकवर्ड कास्ट ) ।
  11. ओबीसी को आरक्षण प्रतिशत : 27 प्रतिशत।
  12. राष्ट्रीय मोर्चा की पहली सरकार : वी.पी. सिंह की सरकार 1990 में बनी। इसे बाहर से वाम मोर्चा तथा भाजपा ने समर्थन दिया। बहुजन समाज पार्टी : संक्षेप में बीएसपी, श्री कांशीराम द्वारा 1984 में स्थापना ।
  13.  बहुजन समाज पार्टी : संक्षेप में बीएसपी, श्री कांशीराम द्वारा 1984 में स्थापना।
  14. सांप्रदायिकता : वह संकीर्ण भावना जो किसी व्यक्ति, दल या संगठन को केवल अपने धर्मावलंबियों के विषय में ही सोचने के लिए तथा अन्य धर्मावलंबियों से घृणा के लिए उकसाती है।
  15.  धर्मनिरपेक्षता : वह भावना सभी धर्मों को समान समझने तथा उनसे समान व्यवहार करने की प्रेरणा देती है। इसी भावना के कारण किसी देश में राज्य या सरकार का कोई विशेष धर्म प्रेम नहीं होता। वह सभी को समान मानता/मानती है।|
  16.  लोकतंत्र : वह सरकार जिसमें अंतिम तौर पर सत्ता के बारे में निर्णय लेना जनता (या मतदाताओं) के हाथों में ह्ोौम सरकार जनता की, जनता द्वारा तथा जनता के लिए कार्य करने वाली कहलाती है।
  17. भाजपा : 1980 में गठित भारतीय जनता पार्टी, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, अरुण जेतली जैसे इसके नेता हैं।
  18. वी.डी. सावरकर : हिंदुत्व अथवा हिंदूपन शब्द को जिस स्वतंत्रता सेनानी ने परिभाषित किया तथा जिसने शब्दों में हिंदू को भारतीय राष्ट्र की बुनियाद (नींव) बताया था। वह हिंदू संस्कृति को ही राष्ट्र की नींव मानते थे।
  19.  संस्कृति : अनेक लोग जीने के ढंग को संस्कृति मानते हैं। जीवन में साहित्य, विभिन्न कलाएँ, आचार-व्यवहार तथा अभिव्यक्ति आदि का ढंग (सलीका) भी शामिल होता है।
  20. अयोध्या विवाद : स्वयंसेवकों द्वारा 6 दिसंबर, 1992 को विवादित ढाँचे (उसे बाबरी मस्जिद भी कहा जाता था और अनेक लोग अब भी इसी संदर्भ में कहते या देखते हैं।) को गिरा दिए जाने से उठ खड़ा हुआ विवाद। मुंबई सहित अनेक स्थानों पर सांप्रदायिक आग भड़क उठी।
  21. गुजरात में सांप्रदायिक दंगे : गोधरा स्टेशन पर कुछ स्वयंसेवकों को जीवित जलाया जाना तथा उसके में मुस्लिम संप्रदाय विरोधी भड़के दंगे तथा प्रशासन और पुलिस की उदासीनता।
  22.  2004 के लोक सभा चुनाव : राजग (NDA=National Democratic Alliance) मोर्चा हारा तथा संप्रग या संयुक्त प्रगतिशील मोर्चे (यू.पी.ए.) ने वामपंथी मोर्चे के बाहरी समर्थन से मनमोहन सिंह की सरकार बनाई।
  23. देश में बढ़ती सहमति की चार प्रमुख बातें : 1. नई धार्मिक नीति पर सहमति । 2. पिछड़ी जातियों के राजनीतिक और सामाजिक दावे की स्वीकृति। 3. देश के शासन में प्रांतीय दलों की भूमिका की स्वीकृति। 4. विचारात्मक पक्ष की बजाय कार्यसिद्धि पर बल तथा विचारधारा सहमति के बगैर राजनीतिक गठजोड़ करना।

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