Explain the effects of non-cooperation movement on the economic front. आर्थिक मोर्चे पर असहयोग आंदोलन के प्रभावों को स्पष्ट कीजिए।

 उत्तर : असहयोग आंदोलन की शुरुआत शहरी मध्यवर्ग की हिस्सेदारी के साथ हुई। हजारों विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूल-कॉलेजों का बहिष्कार किया। शिक्षकवर्ग ने भी अपने त्यागपत्र दे दिए। वकीलों ने न्यायालयों का बहिष्कार किया। सरकारी कर्मचारियों ने भी सरकारी नौकरियों से त्यागपत्र दे दिया।

आर्थिक मोर्चे पर असहयोग आंदोलन का प्रभाव अधिक देखा गया। विदेशी सामान का बहिष्कार किया गया। शराब की दुकानों की पिकेटिंग की गई और विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई। 1919 से 1922 के बीच विदेशी कपड़ों का आयात आधा रह गया था। विदेशी व्यापार के बहिष्कार के परिणामस्वरूप स्वदेशी वस्तुओं की माँग में वृद्धि हुई तथा भारतीय उद्योग-धंधों को नया जीवन मिला।

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