How does caste play a role in politics in India? || भारत में जाति किस प्रकार राजनीति में भूमिका निभाती है ?

Q. भारत में जाति किस प्रकार राजनीति में भूमिका निभाती है ?
उत्तर :
भारत में जातिवाद ने निम्न प्रकार से भूमिका निभाई है:
प्रायः कुछ राजनैतिक दल जातियों के आधार पर गठित होते हैं। उनके नेता और अधिकांश सदस्य एक ही जाति के होते हैं।
उसी जाति के लोगों को टिकट दिया जाता है और चुनाव के दौरान और मतदान वाले दिन केवल अपनी जाति के प्रत्याशी को मत देने, जिताने और समर्थन देने के लिए दबाव डाला जाता है। 
चुनाव के बाद सरकार का निर्माण करते हुए भिन्न-भिन्न जातियों के विधायकों/सांसदों की संख्या को देखकर ही मंत्रीगणों की संख्या जाति विशेष से ली जाती है। 
भारत की राजनीति में अनेक बार एक जाति के लोग अन्य जातियों के विरुद्ध स्थानीय तौर पर लट्ठ उठा लेते हैं, हिंसा का सहारा लेते हैं। अनेक बार मीडिया शिया-सुनियों, अकालियों (सरदारों) और निरंकारियों, प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक, उच्च वर्ग के हिंदुओं तथा दलितों या जाटों और तथाकथित दलित समुदायों में किसी विशेष जाति की महिलाओं के विरुद्ध गैरकानूनी निदंनीय कार्यवाहियों के बारे में सुनने और देखने को मिलता है।
जातिगत आधार पर आरक्षण की बात होती रहती है। उदाहरण के लिए एक प्रधानमंत्री के काल में मंडल आयोग की रिपोर्ट से अनेक नौजवानों ने जातिगत हिंसक प्रदर्शन किये।
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Q. How does caste play a role in politics in India?
Answer :
Casteism has played a role in India as follows:
Often some political parties are formed on the basis of castes. Their leaders and most of the members belong to the same caste.
People of the same caste are given tickets and pressurized to vote, win and support the candidate of their caste only during the election and on the day of voting.
The number of ministers is taken from a particular caste by looking at the number of MLAs / MPs of different castes while forming the government after the elections.
In India’s politics, many times people belonging to one caste take their place locally, resort to violence against other castes. Many times the media is heard and seen about illegal acts against Shia-Sunis, Akalis (chieftains) and Nirankis, Protestants and Catholics, upper-class Hindus and Dalits or Jats and women of a particular caste in so-called Dalit communities.
There is talk of reservation on caste basis. For example, during the time of a Prime Minister, the report of the Mandal Commission, many youths were violent in caste.

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