In the nineteenth century in Europe, how did the image of women become a metaphor of a nation? || यूरोप में उन्नीसवीं सदी के दौरान नारी की छवि किस प्रकार राष्ट्र का रूपक बनी ?

Q. यूरोप में उन्नीसवीं सदी के दौरान नारी की छवि किस प्रकार राष्ट्र का रूपक बनी ? विश्लेषण कीजिए।

उत्तर:-

राष्ट्रवादी आंदोलन में महिलाओं ने कई वर्षों से बड़ी संख्या में सक्रिय भाग लिया था। महिलाओं ने अपने राजनीतिक संगठन स्थापित किए, समाचार पत्र शुरू किए और राजनीतिक बैठकों और प्रदर्शनों में भी हिस्सा लिया। इसके बावजूद उन्हें एसेंबली के चुनाव में मताधिकार से वंचित रखा गया। जब सेंट पॉल चर्च में फ्रैंकफर्ट संसद की सभा आयोजित हुई तो इसमें महिलाएँ केवल मूक-दर्शक ही बनाई गईं। उन्हें अपने तर्क रखने का अवसर नहीं दिया गया।

Q. In the nineteenth century in Europe, how did the image of women become a metaphor of a nation? Analyze.

Answer:-

Women had participated in large numbers in the nationalist movement for many years. Women established their political organizations, started newspapers and also participated in political meetings and demonstrations. Despite this, he was denied the franchise in the election of the Assembly. When the Frankfurt Parliament Assembly was held at St. Paul’s Church, women were the only silent audience. They were not given the opportunity to present their arguments.


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