Prove the need to expand the formal sources of credit in rural India by giving an argument. ग्रामीण भारत में ऋण के औपचारिक स्रोतों के विस्तार की महती आवश्यकता को एक तर्क देकर सिद्ध कीजिए ।

 उत्तर : ग्रामीण भारत में ऋण के औपचारिक स्रोतों के विस्तार की महती आवश्यकता के पक्ष में तर्क : साहूकारों, जमींदारों जैसे अनौपचारिक साख स्रोतों द्वारा किए जाने वाले अपमान, उत्पीड़न और क्लेश से ऋणियों को छुटकारा मिलेगा।

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