Why is the distribution of roads not uniform in India? Explain with examples. || भारत में सड़कों का वितरण एक समान क्यों नहीं है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

Q.भारत में सड़कों का वितरण एक समान क्यों नहीं है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।


उत्तर:

यद्यपि भारत के मैदानी भागों में सड़कों का घना जाल बिछा हुआ है तथापि उनमें कुछ समस्यायें हैं जो निम्नलिखित
(i) पहले सड़कें चौड़ी तथा पक्की बनी हुई थीं परंतु जनसंख्या में वृद्धि तथा औद्योगीकरण के कारण ये अब संकरी होती जा रही हैं तथा इनका रखरखाव भी आवश्यकता के अनुकूल नहीं है तथा महँगा है।
(ii) मुख्य सड़कों से पार्वीय सड़कें आकर जुड़ती हैं जो आवश्यकता के अनुसार कम समय में ही निर्मित हुई हैं। ये सड़कें कच्ची हैं। इन्हें पक्का करने का व्यय बहुत अधिक होगा। अतः यह कार्य अपूर्ण ही है।
(iii) कुछ सड़कों को बाँध/पुलों के द्वारा दूसरी सड़कों एवं स्थानों से जोड़ा गया है। ये पुल संकरे, छोटे तथा पुराने हैं जो खतरनाक भी हो गये हैं।  


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Q. Why is the distribution of roads not uniform in India? Explain with examples.

Answer: 

Although there is a dense network of roads in the plains of India, there are some problems in them.
(i) Earlier the roads were wide and paved, but due to increase in population and industrialization, they are now becoming narrower and their maintenance is also not suitable and expensive.
(ii) The main roads are connected by parv roads which have been constructed in a short time as per requirement. These roads are rough. The cost of ensuring them will be very high. Therefore, this work is incomplete.
(iii) Some roads have been connected to other roads and places by dams / bridges. These bridges are narrow, small and old which have become dangerous.


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